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चेन्नई सुपरकिंग्स की खराब फील्डिंग से महेंद्र सिंह धोनी नाराज, कहा- कैच टपकाकर नहीं जीत सकते मैच

आईपीएल में पहला अर्धशतक लगाने वाले प्रियम गर्ग ने कहा, ‘मैंने ज्यादा सोचे बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया। अच्छी बात यह है कि पहले मैच में नाकाम रहने के बावजूद टीम प्रबंधन ने मुझ पर भरोसा किया।’

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: October 3, 2020 12:44 PM
MS Dhoni Catch Dropped IPL 2020सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच के दौरान चेन्नई के खिलाड़ियों ने दो बार अभिषेक शर्मा का कैच टपकाया।

मौजूदा सत्र में लगातार तीसरा मैच गंवाने के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उनके खिलाड़ियों को बार-बार एक ही गलती दोहराने से बचना होगा। इस तरह से कैच टपकाकर मैच नहीं जीते जा सकते। चेन्नई ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ बेहद खराब क्षेत्ररक्षरण किया। अभिषेक शर्मा को दो बार जीवनदान दिए।

अभिषेक शर्मा ने प्रियम गर्ग के साथ 77 रन की साझेदारी करके हैदराबाद को पांच विकेट पर 164 रन तक पहुंचाया। जवाब में तीन बार की चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स 5 विकेट पर 157 रन ही बना पाई। धोनी (नाबाद 47 रन) ने कहा ,‘मैं कई गेंदों पर खुलकर नहीं खेल सका। शायद कुछ ज्यादा ही कोशिश कर रहा था।’ महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी तकलीफ के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ‘मुझे कोई परेशानी नहीं है लेकिन इस तरह की गर्मी में गला बार बार सूखता ही है।’

महेंद्र सिंह धोनी ने कहा, ‘हमने लगातार तीन मैच शायद कभी नहीं हारे। हमें गलतियों को सुधारना होगा। बार बार एक जैसी गलतियां नहीं कर सकते। कैच छूटे, नोबॉल डाली। हम कुल मिलाकर बेहतर खेल सकते थे। अगर यह नॉकआउट मैच होता तो कैच छूटना कितना भारी पड़ सकता था। मैच टपकाकर हम मैच नहीं जीत सकते।’

बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी 19वें ओवर में बल्लेबाजी करते हुए काफी थके हुए दिखे। वह बल्लेबाजी करते हुए शायद खुद को असहज महसूस कर रहे थे, इसी कारण उन्होंने चार गेंदों का सामना करने के बाद ब्रेक लिया और फिर हेलमेट, पैड, बल्ला सब छोड़कर थोड़ा ब्रेक लिया। इसके बाद उन्होंने फिजियो की मदद ली और फिर पानी पीकर खेलने लगे।

आईपीएल में पहला अर्धशतक लगाने वाले भारत की जूनियर विश्व कप टीम के पूर्व कप्तान रहे प्रियम गर्ग ने कहा, ‘यह बड़ा मंच है जिसमें सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेल रहे हैं। मैंने ज्यादा सोचे बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया। सबसे अच्छी बात यह है कि पहले मैच में नाकाम रहने के बावजूद टीम प्रबंधन ने मुझ पर भरोसा किया।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने बचपन में अभिषेक के साथ काफी बल्लेबाजी की है तो उसके साथ खेलना आसान था। फील्ड में भी काफी सकारात्मक ऊर्जा थी। मेरा आत्मविश्वास भी इस पारी के बाद काफी बढ़ गया है।’

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