दिल्ली-एनसीआर के इंटर-स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंट ओरिएंटल कप ने इस बार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। चौथे संस्करण में पहली बार 10 छात्र-खिलाड़ियों के लिए 2.5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि भी दोगुने से अधिक बढ़ा दी गई है।

सात से 16 जुलाई तक नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में होने वाले इस टूर्नामेंट में 45 से अधिक स्कूलों की टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट में करीब 1500 खिलाड़ियों के मैदान में उतरने की उम्मीद है। छात्रवृत्ति शुरू करने का उद्देश्य केवल विजेता टीमों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ाना है जिनमें भविष्य की संभावनाएं हैं। टूर्नामेंट के बाद भी युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल खेलना जारी रखने के लिए बढ़ावा मिले।

ओरिएंटल कप के संस्थापक फरीद बख्शी ने जनसत्ता को बताया कि टूर्नामेंट का मकसद हर साल युवा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करना है। उनके अनुसार, छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का फैसला प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने की सोच का हिस्सा है। इस बार लड़कियों की भागीदारी भी बढ़ी है। पहले संस्करण की तुलना में टीमों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। अब हिस्सा लेने वाली कुल टीमों में करीब 40 प्रतिशत लड़कियों की टीमें हैं।

टूर्नामेंट में लड़कों के अंडर-17 वर्ग में 25 से अधिक और लड़कियों के अंडर-19 वर्ग में 16 से अधिक टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता के दौरान 50 से अधिक मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि बढ़ती भागीदारी, लड़कियों को समान अवसर और छात्रवृत्ति जैसी नई पहलें टूर्नामेंट को जमीनी स्तर पर फुटबॉल प्रतिभाओं को तैयार करने वाला मंच बना रही हैं। ओरिएंटल कप की शुरुआत 2023 में हुई थी और पिछले तीन संस्करणों में यह प्रतियोगिता 55 से अधिक स्कूलों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को जोड़ चुकी है।

‘‘पाकिस्तानी खिलाड़ी जीतने के लिए गलत हथकंडे अपनाते हैं’’, एशिया टाइटल फाइट से पहले संग्राम सिंह का दावा

मलेशिया में 19 जुलाई को होने वाले एशिया चैंपियनशिप मुकाबले से पहले संग्राम सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ी अक्सर गलत तरीकों से जीतने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह रिंग में केवल अपने खेल और अनुशासन से जवाब देंगे। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)