एशियन गेम्स से पहले भारतीय कुश्ती को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है। हालिया विवादों और विरोध-प्रदर्शनों के बाद अब खेल के पटरी पर लौटने की बात खुद गीता फोगाट ने स्वीकारी है। बीते आंदोलन के केंद्र में रहे फोगाट परिवार की ओर से आया यह बयान इसलिए भी खास है क्योंकि यह न सिर्फ मौजूदा हालात में बदलाव की ओर इशारा करता है, बल्कि आगामी एशियाई खेलों में भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन को लेकर उम्मीद भी जगाता है।
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट से यह पूछने पर कि चार महीने बाद एशियन गेम्स हैं। हमारे खिलाड़ी अभी एशियन चैंपियनशिप खेलने के लिए गए थे। वहां पर हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। हमारे पहलवानों ने सिर्फ एक रजत पदक और बाकी कांस्य पदक जीते। इस प्रदर्शन को देखते हुए एशियाई खेलों में क्या संभावना दिखती है, जबकि ज्यादातर खिलाड़ी युवा हैं?
इसके जवाब में 2012 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली गीता फोगाट ने कहा, ‘‘आपने बिल्कुल सही कहा है कि सारे युवा खिलाड़ी टीम में हैं और सभी के सभी बहुत ही अच्छा कर रहे हैं। दो-तीन खिलाड़ियों को छोड़कर बाकी के पास इतना अनुभव (अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का) नहीं है, लेकिन यह शुरुआत है। जिस तरह से उन्होंने एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में परफॉर्मेंस दी है, जिस तरह से मेडल जीते हैं, उसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उनकी तैयारियों में कोई कमी नहीं है। हां, एशियन गेम्स शुरू होने में अभी तीन-चार महीने बाकी हैं तो उसके लिए हमें और जोर-शोर से मेहनत करनी पड़ेगी। हमें अपनी स्ट्रेंथ पर और ज्यादा काम करना पड़ेगा।’’
‘‘प्रतिस्पर्धा रहेगी पर हमारे खिलाड़ी पदक जीतेंगे’’
भारतीय कुश्ती में आप जिस तरह उतार चढ़ाव देख रही हैं। अंतिम पंघाल को शिकस्त मिली। उन्हें मीनाक्षी ने हराया। अभी जो खेल का स्तर है उसे देखते हुए क्या लग रहा है कि एशियन गेम्स में भारतीय पहलवान स्वर्ण या अन्य पदक जीत पाएंगे। इस पर गीता फोगाट ने कहा, ‘‘देखिए बिल्कुल जीत पाएंगे और हमें यही उम्मीद है। मैं वही तो कह रही हूं। एशियन चैंपियनशिप में जिस तरह से हमारा प्रदर्शन रहा, जिस तरह से खिलाड़ियों ने पदक जीते, तो एशियन गेम्स… हालांकि, कॉम्पिटिशन (प्रतिस्पर्धा) थोड़ा ज्यादा रहेगा। एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले देश तो वही आएंगे, लेकिन प्लेयर्स बदल सकते हैं। हां, हमें उम्मीद है कि हमारी महिलाएं या पुरुष एशियाई खेलों में ज्यादा से ज्यादा पदक जीतेंगे।’’
खिलाड़ी अब हिम्मत से आगे बढ़ रहे: गीता फोगाट
क्या भारतीय रेसलिंग पटरी पर लौट चुकी है पूरी-पूरी? इस सवाल के जवाब में गीता फोगाट ने कहा, ‘‘हां बिल्कुल। आपने यह सवाल बिल्कुल सही पूछा। पिछले दो-तीन साल में रेसलिंग में काफी उतार-चढ़ाव रहे। उस चीज को लेकर हम भी चिंतित थे कि बच्चे इतनी मेहनत कर रहे हैं, दिन-रात लगे हुए हैं, लेकिन प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पा रहे, क्योंकि हमें अपने बचपन के खुद के दिन याद आते हैं, जब हम संघर्ष करते थे। एक कॉम्पिटिशन छूट जाता था तो कितनी तकलीफ होती थी, लेकिन हां, यह एक अच्छी बात है कि रेसलिंग दोबारा पटरी पर लौट रही है और खिलाड़ी अब हिम्मत से आगे बढ़ रहे हैं।’’
गीता फोगाट का भारतीय रेसलिंग का फिर से पटरी पर लौटने की बात स्वीकारना इसलिए भी खास है, क्योंकि वर्तमान में संजय सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष हैं। संजय सिंह भाजपा के पूर्व सांसद और डब्ल्यूएफआई (रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के काफी करीबी हैं। जनवरी 2023 में गीता फोगाट की चचेरी बहन विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत 30 से ज्यादा पहलवान बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे। यह धरना-प्रदर्शन कई दिनों तक चला था।
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