भारत की अश्मिता चालिहा ने रविवार (9 अगस्त) को कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी पर संघर्षपूर्ण जीत के साथ अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब हासिल किया।

असम की रहने वाली इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए विश्व में 35वें नंबर की खिलाड़ी हान को 53 मिनट तक चले मैच में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। दाहिने घुटने में चोट लगने के कारण तीन महीने के ब्रेक के बाद अश्मिता ने मई में वापसी की थी। इसके बाद उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।

मकाऊ ओपन में सेमीफाइनल तक पहुंची थीं अश्मिता

अश्मिता मकाऊ ओपन में सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर काबिज अश्मिता गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में पार्क ताए-सांग के मार्गदर्शन में अभ्यास करती हैं। इस तरह से भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दूसरे सप्ताह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का खिताब जीता। तन्वी शर्मा ने पिछले रविवार को ताइपे ओपन का खिताब अपने नाम किया था। 

पहली बार टॉप 40 में जगह बनाएंगी

बैडमिंटन में 2026 में भारत का प्रदर्शन अबतक अच्छा रहा है। अश्मिता इस साल देविका सिहाग, तन्वी शर्मा के बाद सुपर 300 जीतने वाली तीसरी भारतीय बन गई हैं। पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 भी जीता। टॉप 52 में भारत के 11 खिलाड़ी हैं। इस जीत के साथ, अश्मिता अपने करियर में पहली बार टॉप 40 में जगह बनाएंगी।

ताइपे ओपन जीतकर तनवी शर्मा ने रचा इतिहास

तन्वी शर्मा ने 2 अगस्त को ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का महिला एकल खिताब जीतकर इतिहास रचा। वह यह खिताब जीतने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने ताई त्ज़ु-यिंग का रिकॉर्ड तोड़ा, जो 18 साल, 85 दिन की उम्र में चैंपियन बनी थीं। पूर्व विश्व जूनियर नंबर एक तन्वी शर्मा विश्व जूनियर चैंपियनशिप के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं। उन्होंने लड़कियों के एकल वर्ग में रजत पदक के अलावा मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पूरी खबर पढ़ें