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छेत्री ने की मेस्सी की बराबरी, गोल करने के मामले में सक्रिय फुटबालरों में दूसरे स्थान पर

मैच के बाद छेत्री से जब मेसी से बराबरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मेस्सी और रोनाल्डों से मेरी तुलना करना सही नहीं है। मैं उन दोनों खिलाड़ियों का बड़ा प्रशंसक हूं। वे काफी बड़े खिलाड़ी हैं। मैं अपने देश के लिए अधिक से अधिक गोल करना चाहता हूं। बता दें कि छेत्री ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल आठ गोल किए और भारत को खिताब तक पहुंचाया।

सुनील छेत्री। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

भारतीय टीम के कप्तान और करिश्माई खिलाड़ी सुनील छेत्री ने इंटरकांटिनेंटल कप के फाइनल में कीनिया के खिलाफ दो गोल कर अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबालर लियोनेल मेसी के 64 गोल की बराबरी कर ली। छेत्री और मेसी अंतरराष्ट्रीय फुटबाल में सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। सक्रिय फुटबालरों में सबसे ज्यादा गोल पुर्तगाल के सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम दर्ज हैं जिन्होंने 150 मैचों में 81 गोल किये हैं। सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सम्रग सूची में ये दोनों खिलाड़ी हालांकि 21 वें स्थान पर हैं। इनसे ऊपर आईवोरी कोस्ट के दिदिएर ड्रोग्बा (104 मैच में 65 गोल) हैं। तैंतीस साल के छेत्री का यह 102 वां मैच है और इस मैच से पहले उनके नाम 62 अंतरराष्ट्रीय गोल थे। उन्होंने आज मैच के आठवें और फिर 29 वें मिनट में गोल किए।

India vs Kenya Football, Intercontinental Cup 2018 Final: गोल करने में सुनील छेत्री तीसरे नंबर पर काबिज हैं।

छेत्री प्रति मैच गोल करने की औसत के मामले में मेस्सी से बेहतर और सक्रिय फुटबालरों में सबसे बेहतर हैं। छेत्री का औसत 0.62 गोल प्रति मैच है जबकि मेस्सी का औसत 0.52 (124 मैचों में 64 गोल) का है। रोनाल्डो का औसत प्रति मैच 0.54 गोल का है। छेत्री पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया के बाद 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले केवल दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं।

मैच के बाद छेत्री से जब मेसी से बराबरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मेस्सी और रोनाल्डों से मेरी तुलना करना सही नहीं है। मैं उन दोनों खिलाड़ियों का बड़ा प्रशंसक हूं। वे काफी बड़े खिलाड़ी हैं। मैं अपने देश के लिए अधिक से अधिक गोल करना चाहता हूं। बता दें कि छेत्री ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल आठ गोल किए और भारत को खिताब तक पहुंचाया। भारतीय टीम के डिफेंस ने भी चार देशों की इस प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया और चार मैचों में केवल एक गोल खाया।

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