भारतीय एथलेटिक्स को उस समय बड़ा झटका लगा जब लंबी और मध्यम दूरी की उभरती हुई धाविका संजना सिंह को डोपिंग उल्लंघन के आरोप में अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। हाल ही में दक्षिण एशियाई सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को दो स्वर्ण पदक दिलाने वाली 18 वर्षीय खिलाड़ी अब करियर के शुरुआती दौर में ही गंभीर संकट में फंस गई हैं।
सैंपल में मिला प्रतिबंधित पदार्थ
दैनिक ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, संजना सिंह का सैंपल सितंबर 2024 में रांची में हुई 64वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान लिया गया था। इस सैंपल में ‘सिंथेटिक एंड्रोजेन और एनाबॉलिक स्टेरॉयड’ पाए गए, जो विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं। ये वही पदार्थ हैं जिनका इस्तेमाल आमतौर पर मांसपेशियों की क्षमता बढ़ाने और रिकवरी में तेजी लाने के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों में NADA नियमों के अनुसार खिलाड़ी को तुरंत प्रोविजनल सस्पेंशन का सामना करना पड़ता है।
टूर्नामेंट के प्रदर्शन पर भी असर
NADA की चार्जशीट बरकरार रहती है तो संजना को अपने हालिया चारों बड़े पदकों से हाथ धोना पड़ सकता है, जिनमें दक्षिण एशियाई सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में 1500 मीटर और 5000 मीटर के स्वर्ण पदक और रांची में हुई नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1500 और 5000 मीटर के रजत पदक शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर रजत जीतने के एक महीने बाद ही संजना ने दक्षिण एशियाई प्रतियोगिता में शानदार समय निकालकर दोनों इवेंट में गोल्ड हासिल किया था।
परिवार, कोचिंग कैंप पर भी सवाल
AFI (एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) चाहती थी कि संजना सिंह प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु के राष्ट्रीय कैंप में आएं, लेकिन वह लगातार रोहतक में अपने निजी प्रशिक्षण बेस में रहने को लेकर अड़ी थीं। अब यह मुद्दा भी जांच के दायरे में आ सकता है कि खिलाड़ी ने केंद्र सरकार के प्रशिक्षण ढांचे से दूरी क्यों बनाए रखी।
करीबियों का दावा: संजना को फंसाया जा रहा
वेबसाइट ने सूत्र के हवाले से लिखा कि संजना सिंहको 6 नवंबर को नोटिस मिला, जिसके बाद जवाब देने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी गई है। परिवार का दावा है कि संजना ने कभी कोई बंदिश वाला सप्लीमेंट या दवा नहीं ली।
संजना के करीबी सूत्रों के अनुसार, ‘हमें यकीन है कि यह रिपोर्ट सही नहीं है। संजना ने कोई प्रतिबंधित पदार्थ नहीं लिया। कई ऐसी बातें हैं जो इस नोटिस पर सवाल खड़े करती हैं। हमें यह भी चिंता है कि किसी एथलीट को यह सूचना आधिकारिक नोटिस पहुंचने से पहले कैसे पता चल गई।’ परिवार अब एक मजबूत कानूनी टीम तैयार कर रहा है और ‘बी’ सैंपल परीक्षण की औपचारिक मांग करेगा। यदि बी-सैंपल भी पॉजिटिव पाया जाता है, तो उन पर लंबा प्रतिबंध लग सकता है।
अब क्या?
NADA अब संजना के बी-सैंपल की जांच करेगा यदि नतीजा दोहराया गया तो पदक छिन सकते हैं, रिकॉर्ड निरस्त होंगे और दो से चार साल तक का प्रतिबंध भी लग सकता है। यदि बी-सैंपल निगेटिव होता है, तो मामला फिर से जांच के दायरे में जाएगा और खिलाड़ी का निलंबन हटाया जा सकता है।
भारत की उभरती स्टार एथलीट संजना सिंह का डोपिंग के आरोप में घिरना देश के एथलेटिक्स के लिए बड़ा झटका है। जहां एक तरफ यह मामला देश में डोपिंग नियंत्रण की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। वहीं, यह एथलीट की प्रतिष्ठा और भविष्य दोनों के लिए बेहद संवेदनशील स्थिति है। आने वाले कुछ सप्ताह संजना के करियर और भारतीय एथलेटिक्स की छवि दोनों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। गौतम गंभीर की 3 बड़ी गलतियां जो भारत की घर में हार का कारण, न्यूजीलैंड के बाद साउथ अफ्रीका ने भी किया क्लीन स्वीप
