भारत के सबसे उम्रदराज जीवित क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ का गुरुवार (9 अप्रैल) को 96 साल की उम्र में निधन हो गया। वह भारत की पहली टेस्ट जीतने वाली टीम के सदस्य थे। गोपीनाथ दुनिया के दूसरे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर थे। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी नील हार्वे (97) दुनिया के सबसे उम्रदराज क्रिकेटर हैं। सीडी गोपीनाथ के निधन के बाद मुंबई के 95 साल के चंद्रकांत पाटनकर देश के सबसे उम्रदराज क्रिकेटर हैं। उन्होंने 1955 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट खेला था।
गोपीनाथ ने भारत के लिए 8 टेस्ट खेले और एक अर्धशतक की मदद से 242 रन बनाए। गोपीनाथ को छोटे करियर का कभी मलाल नहीं रहा, जिसकी शुरुआत 1951 में ब्रेबोर्न में इंग्लैंड के खिलाफ 50 और 42 रन की पारी के साथ हुई थी। 1952 में इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसके कारण वह भारतीय टीम में जगह पक्की नहीं कर पाए।
गोपीनाथ का घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
गोपीनाथ ने घरेलू क्रिकेट में मद्रास प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने टीम की कप्तानी भी की। उन्होंने 83 मैचों में 42 के औसत से 4259 रन बनाए। उन्होंने नौ शतक भी लगाए। उनके करियर में खास पल तब आया जब उन्होंने साउथ जोन के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर दूसरी पारी में शानदार 175 रन बनाए। कीवी टीम में बर्ट सटक्लिफ, जॉन रीड, जॉन एलाबस्टर और पार्के जिनजन हैरिस जैसे कुछ बेहतरीन खिलाड़ी थे। भले ही साउथ मैच हार गया, लेकिन गोपीनाथ की पारी की खूब तारीफ हुई।
1979 के इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर थे गोपीनाथ
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद गोपीनाथ ने मुख्य चयनकर्ता की भी भूमिका निभाई और 1979 में इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय टीम के मैनेजर के तौर पर काम किया। यह दौरा सुनील गावस्कर के शानदार 221 रन की पारी के लिए मशहूर हुआ, जिसकी बदौलत भारत 438 रन के बड़े लक्ष्य के करीब पहुंच गया। भारत आठ विकेट पर 429 रन ही बना सका और ओवल टेस्ट ड्रॉ हो गया। पूरी जानकारी के लिए क्लिक करें।
