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बैडमिंटन में हारा भारत, सुदिरमन कप में डेनमार्क ने 4-1 से हराया

भारत को सुदिरमन कप मिश्रित टीम चैम्पियनशिप के अपने पहले ही मैच में सोमवार को डेनमार्क के हाथों 1-4 से हार मिली।

Author गोल्ड कोस्ट (आस्ट्रेलिया), | May 22, 2017 3:06 PM
भारत को सुदिरमन कप मिश्रित टीम चैम्पियनशिप के अपने पहले ही मैच में सोमवार को डेनमार्क के हाथों 1-4 से हार मिली।

भारत को सुदिरमन कप मिश्रित टीम चैम्पियनशिप के अपने पहले ही मैच में सोमवार को डेनमार्क के हाथों 1-4 से हार मिली। पीवी सिंधु भारत की ओर से जीत दर्ज करने वाली एकमात्र खिलाड़ी रहीं। दो बार के उपविजेता डेनमार्क के खिलाफ भारत की शुरूआत खराब रही और मिश्रित युगल, पुरूष एकल और पुरूष युगल के रूप में पहले तीन मैच हारकर टीम पांच मैचों के मुकाबले में 0-3 से पिछड़ गई। इसके बाद सिंधु ने महिला एकल मैच में लाइन के. को 21-18, 21-6 से हराया और स्कोर 1-3 कर दिया लेकिन इसके बाद सिक्की रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी महिला युगल मैच हार गई।

बता दें कि अच्छी शुरुआत के बाद भी भारत की ओलम्पिक पदक विजेता पी.वी. सिंधु को बीते माह एशिया बैडमिंटन चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा था। तीसरी विश्व वरीयता प्राप्त सिंधु की हार के साथ ही इस टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। महिला एकल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हुए संघर्षपूर्ण मैच में आठवीं वरीय चीनी खिलाड़ी हे बिंगजियाओ ने उलटफेर कर सिंधु को 15-21, 21-14, 24-22 से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया।

दोनों के बीच इस मुकाबले का तीसरा और अंतिम गेम रोमांचक रहा। सिंधु ने पहले गेम में बिंगजियाओ को 21-15 से हराकर मुकाबले की दमदार शुरुआत की थी, लेकिन दूसरे सेट में चीनी खिलाड़ी ने सिंधु को 21-14 से मात देकर साबित कर दिया कि वह भारतीय खिलाड़ी को यह मुकाबला आसानी से नहीं जीतने देंगी।  तीसरे गेम की दमदार शुरुआत करने वाली बिंगजियाओ ने सिंधु को 8-1 से पीछे किया था, लेकिन सिंधु ने दमदार वापसी कर अच्छी प्रतिस्पर्धा दी और एक समय पर दोनों खिलाड़ियों के स्कोर 19-19 से बराबरी पर थे। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों में एक-एक अंक के लिए जद्दोजहद हुई।

तीसरे गेम में एक समय पर सिंधु और बिंगजियाओ 22-22 से बराबरी पर थी, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने दो अंकों की बढ़त लेने के साथ ही बड़ा उलटफेर किया और सिंधु को 24-23 से मात देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। बिंगजियाओ और सिंधु अब तक के अपने करियर में सात बार आमने-सामने आ चुकी हैं और इसके आंकड़े में सिंधु चीन की खिलाड़ी से 4-3 के स्कोर से पीछे चल रही थीं। हालांकि, इस हार के साथ बिंगजियाओ ने 5-3 से बढ़त ले ली है। इस हार के कारण सिंधु इस टूर्नामेंट में इतिहास रचने से चूक गईं। इस टूर्नामेंट को अब तक किसी भी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी ने नहीं जीत है। साल 1965 में दिनेश खन्ना ने इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी होने का इतिहास रचा था।

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