भारतीय टीम के पास 90 और 2000 की शुरुआत में जवागल श्रीनाथ जैसा तेज गेंदबाज था, जो अपनी रफ्तार के साथ-साथ इनकटर और इनस्विंग से बल्लेबाजों को परेशान करता था। चोट के कारण मैसूर एक्सप्रेस का करियर लंबा नहीं रहा। इसके कारण उन्होंने 32 साल की उम्र में ही संन्यास लेने का फैसला कर लिया था, जिसे तब भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली के आग्रह पर उन्होंने पलटा।
श्रीनाथ ने 12 साल के करियर में अपना आखिरी मैच 34 साल की आयु में खेला। उन्हें संन्यास लिए हुए 23 साल हो गए हैं, लेकिन वह आज भी वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं। 57 साल के श्रीनाथ 50 ओवरों के फॉर्मेट में 300 से ज्यादा विकेट लेने वाले एकमात्र भारतीय तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने 4 वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। फिलहाल वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैच रेफरी की भूमिका निभाते हैं।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर डेब्यू
श्रीनाथ ने 1991-92 में ऑस्ट्रेलिया में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 10 विकेट लेकर करियर की शुरुआत की। अगले साल साउथ अफ्रीका में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट झटके। इसमें केपटाउन में ड्रॉ हुए मैच में छह विकेट शामिल थे। जब साउथ अफ्रीका की टीम 1996 में भारत आई तो उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 17 विकेट लिए। अगले साल साउथ अफ्रीका दौरे पर उन्होंने जोहान्सबर्ग में सात और कुल मिलाकर सीरीज में 18 विकेट लिए।
5 सीरीज में 50 विकेट
श्रीनाथ के करियर में बुलंदियां 1998 के आखिर में आईं। उन्होंने पांच सीरीज में 29.6 के औसत से 50 विकेट लिए। 1999 में कोलकाता में एशियन टेस्ट चैंपियनशिप के पहले टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। श्रीनाथ ने दूसरी पारी में 86 रन देकर 8 विकेट लिए थे। उन्होंने मैच में कुल 13 विकेट लिए थे।
संन्यास से वापसी
श्रीनाथ ने 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था, लेकिन उस समय के कप्तान सौरव गांगुली ने उन्हें 2003 में वर्ल्ड कप तक कम से कम वनडे खेलने के लिए मना लिया था। श्रीनाथ मान गए और उन्होंने वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके भरोसे पर खरे उतरे। 7 मैचों में, श्रीनाथ ने 18 विकेट लिए, जो किसी द्विपक्षीय सीरीज में किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड है। यह रिकॉर्ड अमित मिश्रा ने तोड़ा, जिन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 मैचों में 18 विकेट लिए।
2003 वर्ल्ड कप फाइनल में 10 ओवर में 87 रन दे दिए
श्रीनाथ ने 2003 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल तक अपना अच्छा फॉर्म जारी रखा। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने 10 ओवर में 87 रन दे दिए। इस टूर्नामेंट के कुछ समय बाद संन्यास का ऐलान कर दिया। श्रीनाथ को 1999 में भारत सरकार ने अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
संन्यास के बाद श्रीनाथ
संन्यास के बाद श्रीनाथ ने टीवी कमेंटेटर के तौर पर काम किया और बाद में आईसीसी मैच रेफरी पैनल के सदस्य बने। नवंबर 2010 में जवागल श्रीनाथ ने अनिल कुंबले अगुआई वाली कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) में सचिव की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पूर्व अंपायर एवी जयप्रकाश को हराया था।
पीठ दर्द से जूझते वीवीएस लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया के जबड़े से छीन ली थी जीत
124 रन पर 8 विकेट, जीत के लिए 92 रन बाकी और पीठ दर्द से जूझते वीवीएस लक्ष्मण। फिर इशांत शर्मा के साथ हुई 81 रन की साझेदारी ने मोहाली टेस्ट का रुख बदल दिया। जानिए उस रोमांचक जीत की पूरी कहानी। पूरी खबर पढ़ें।
