29 मार्च 1983 को गयाना के एल्बियन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारतीय क्रिकेट की एक ऐसी कहानी लिखी गई, जिसने वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया की पहचान बदलने की शुरुआत की। सामने थी उस दौर की बेहद मजबूत वेस्टइंडीज टीम, लेकिन भारत ने 47 ओवर में 282 रन बनाने के बाद उसे 27 रन से हरा दिया।
यह सीमित ओवर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की पहली जीत थी। इस ऐतिहासिक कामयाबी की नींव कपिल देव की 38 गेंदों पर 72 रन की तूफानी पारी ने रखी, जबकि सुनील गावस्कर शतक से सिर्फ 10 रन दूर रह गए। इसके बाद गेंद हाथ में आते ही रवि शास्त्री ने तीन विकेट झटककर भारत की जीत पर मुहर लगा दी।
सुनील गावस्कर ने दी मजबूत शुरुआत
वेस्टइंडीज ने टॉस जीता और क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। भारतीय पारी की शुरुआत सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दी। रवि शास्त्री ने 56 गेंदों में एक चौके की मदद से 30 रन बनाए। उनकी पारी भले ही बहुत तेज नहीं रही, लेकिन उन्होंने सुनील गावस्कर के साथ मिलकर शुरुआती दबाव को संभाला।
रवि शास्त्री के आउट होने के बाद सुनील गावस्कर ने मोहिंदर अमरनाथ के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी हुई। मोहिंदर अमरनाथ ने 34 गेंदों में 30 रन बनाए। हालांकि, 152 के स्कोर पर सुनील गावस्कर के आउट होने से भारत को बड़ा झटका लगा।
सुनील गावस्कर उस समय 90 रन बना चुके थे। उनकी 117 गेंदों की पारी में आठ चौके शामिल थे। वह अपने शतक से केवल 10 रन दूर रह गए। इसके बावजूद उनकी पारी ने भारत को उस स्थिति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जहां से टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती थी।
38 गेंदों में कपिल देव ने मचाया तूफान
इसके बाद मुकाबले ने अचानक रफ्तार पकड़ी। कपिल देव क्रीज पर आए तो भारत के स्कोर को तेजी देने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि रन गति तेजी से बढ़ने लगी। कपिल देव ने सिर्फ 38 गेंदों पर 72 रन ठोक दिये। उनकी पारी में सात चौके और तीन छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 189.47 रहा। उस दौर के वनडे क्रिकेट के लिहाज से यह बेहद आक्रामक बल्लेबाजी थी।
कपिल देव और मोहिंदर अमरनाथ के बीच तीसरे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी हुई। मोहिंदर अमरनाथ 30 रन बनाकर आउट हुए तो कप्तान कपिल देव ने मोर्चा संभाले रखा। 224 के स्कोर पर मोहिंदर अमरनाथ के आउट होने के बाद कपिल देव ने यशपाल शर्मा के साथ मिलकर तेजी से रन जोड़े।
कपिल देव 246 के कुल स्कोर पर आउट हुए। एंडी रॉबर्ट्स की गेंद पर उनका कैच लिया गया। कपिल देव ने भारत को ऐसे स्कोर तक पहुंचा दिया था, जिसे हासिल करने के लिए वेस्टइंडीज को शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी करनी थी। अंत में दिलीप वेंगसरकर 18 और अशोक मल्होत्रा एक रन पर नाबाद रहे।
भारत ने निर्धारित 47 ओवर में पांच विकेट पर 282 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए मैल्कम मार्शल सबसे किफायती गेंदबाज रहे। मैल्मक मार्शल ने सात ओवर में केवल 23 रन देकर एक विकेट लिया। मैल्कम मार्शल के अलावा एंडी रॉबर्ट्स, विंस्टन डेविस और विवियन रिचर्ड्स भी एक-एक विकेट लेने में सफल रहे।
वेस्टइंडीज की शुरुआत लड़खड़ाई
283 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत भारत के लिए राहत लेकर आई। छह रन के स्कोर पर डेसमंड हेंस आउट हो गए और 22 रन तक पहुंचते-पहुंचते गॉर्डन ग्रीनिज भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद विवियन रिचर्ड्स ने मोर्चा संभाला। विवियन रिचर्ड्स ने 51 गेंदों पर 64 रन की तेज पारी खेली। विवियन रिचर्ड्स की पारी में 11 चौके और एक छक्का था।
क्लाइव लॉयड ने भी आते ही चार गेंदों में आठ रन बनाकर तेजी दिखाई, लेकिन वह भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। क्लाइव लॉयड के 62 रन पर आउट होने के बाद वेस्टइंडीज का स्कोर जब 98 रन हुआ तब विवियन रिचर्ड्स की पारी खत्म हो गई। मदन लाल ने दोनों अहम विकेट हासिल किए। भारत ने उस समय वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को काफी हद तक दबाव में ला दिया था।
रवि शास्त्री ने गेंद से बदली तस्वीर
वेस्टइंडीज की पारी को संभालने की कोशिश फाउद बेकसस और लारी गोम्स ने की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 56 रन जोड़े। फाउद बेकसस ने 65 गेंदों पर 52 रन बनाए, जबकि लारी गोम्स ने 28 गेंद में 26 रन का योगदान दिया। यहीं रवि शास्त्री ने गेंद से अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने लारी गोम्स को आउट करने के बाद मैल्कम मार्शल और फाउद बेकसस के विकेट भी हासिल किए।
रवि शास्त्री ने आठ ओवर में 48 रन देकर तीन विकेट लिए। रवि शास्त्री के विकेटों ने वेस्टइंडीज की रन चेज को लगातार झटके दिए। दूसरी ओर कप्तान कपिल देव ने भी गेंद से शानदार योगदान दिया। कपिल देव ने 10 ओवर में 33 रन देकर दो विकेट लिए। बलविंदर सिंह संधू ने भी दो विकेट हासिल किए।
आखिरी ओवर तक बनी रही उम्मीद
वेस्टइंडीज के लिए जेफ डुजोन ने आखिर तक संघर्ष जारी रखा। जेफ डुजोन ने 64 गेंदों पर नाबाद 53 रन बनाए। उनके साथ विंस्टन डेविस नाबाद सात रन पर रहे, लेकिन भारत के गेंदबाजों ने लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया। वेस्टइंडीज की टीम 47 ओवर में नौ विकेट पर 255 रन ही बना सकी। भारत ने मुकाबला 27 रन से जीत लिया।
इस जीत की खासियत सिर्फ स्कोरलाइन नहीं थी। भारतीय टीम ने ऐसी वेस्टइंडीज टीम को हराया था, जिसकी तेज गेंदबाजी और बल्लेबाजी का दुनिया भर में दबदबा था। एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, मैल्कम मार्शल और विंस्टन डेविस जैसे गेंदबाजों के सामने भारत ने 282 रन बनाए और फिर लक्ष्य का बचाव भी किया। एल्बियन में मिली यह जीत भारत के वनडे क्रिकेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनी।
भारत की पारी (अधिकतम 47 ओवर)
| बल्लेबाजी | रन | गेंद | 4s | 6s | SR |
| सुनील गावस्कर रन आउट | 90 | 117 | 8 | 0 | 76.92 |
| रवि शास्त्री कैच जेफ डुजोन बोल्ड मैल्कम मार्शल | 30 | 56 | 1 | 0 | 53.57 |
| मोहिंदर अमरनाथ बोल्ड विवियन रिचर्ड्स | 30 | 34 | 2 | 0 | 88.23 |
| कपिल देव (कप्तान) बोल्ड एंडी रॉबर्ट्स | 72 | 38 | 7 | 3 | 189.47 |
| यशपाल शर्मा कैच गार्डन ग्रीनिज बोल्ड विंस्टन डेविस | 23 | 26 | 3 | 0 | 88.46 |
| दिलीप वेंगसरकर नाबाद | 18 | 19 | 1 | 1 | 94.73 |
| अशोक मल्होत्रा नाबाद | 1 | 3 | 0 | 0 | 33.33 |
| अतिरिक्त | 18 (बाई 1, लेगबाई 9, नोबॉल 4, वाइड 4) | ||||
| कुल स्कोर | 282/5 (47 ओवर, रनरेट: 6.00) | ||||
विकेट पतन: 1-93 (रवि शास्त्री), 2-152 (सुनील गावस्कर), 3-224 (मोहिंदर अमरनाथ), 4-246 (कपिल देव), 5-277 (यशपाल शर्मा)
| गेंदबाजी | ओवर | मेडन | रन | विकेट | इकॉनमी | वाइड | नोबॉल |
| माइकल होल्डिंग | 7 | 0 | 49 | 0 | 7 | 0 | 0 |
| एंडी रॉबर्ट्स | 9 | 0 | 44 | 1 | 4.88 | 0 | 0 |
| विंस्टन डेविस | 8 | 0 | 40 | 1 | 5 | 0 | 0 |
| मैल्कम मार्शल | 7 | 0 | 23 | 1 | 3.28 | 0 | 0 |
| लारी गोम्स | 10 | 0 | 64 | 0 | 6.4 | 0 | 0 |
| विवियन रिचर्ड्स | 6 | 0 | 44 | 1 | 7.33 | 0 | 0 |
वेस्टइंडीज की पारी (लक्ष्य: 47 ओवर में 283 रन)
| बल्लेबाजी | रन | गेंद | 4s | 6s | SR |
| गॉर्डन ग्रीनिज कैच एंड बोल्ड कपिल देव | 16 | 28 | 0 | 1 | 57.14 |
| डेसमंड हेंस पगबाधा बोल्ड बलविंदर सिंह संधू | 2 | 7 | 0 | 0 | 28.57 |
| विवियन रिचर्ड्स बोल्ड मदनलाल | 64 | 51 | 11 | 1 | 125.49 |
| क्लाइव लायड (कप्तान) कैच मोहिंदर अमरनाथ बोल्ड मदनलाल | 8 | 4 | 0 | 1 | 200 |
| फाउड बैक्कस कैच यशपाल शर्मा बोल्ड रवि शास्त्री | 52 | 65 | 3 | 1 | 80 |
| लारी गोम्स कैच कपिल देव बोल्ड रवि शास्त्री | 26 | 28 | 0 | 1 | 92.85 |
| जेफ डुजोन (विकेटकीपर) नाबाद | 53 | 64 | 3 | 1 | 82.81 |
| मैल्कम मार्शल कैच बलविंदर सिंह संधू बोल्ड रवि शास्त्री | 5 | 6 | 0 | 0 | 83.33 |
| एंडी रॉबर्ट्स बोल्ड कपिल देव | 12 | 10 | 1 | 1 | 120 |
| माइकल होल्डिंग कैच अशोक मल्होत्रा बोल्ड बलविंदर सिंह संधू | 2 | 8 | 0 | 0 | 25 |
| विंस्टन डेविस नाबाद | 7 | 12 | 0 | 0 | 58.33 |
| अतिरिक्त | 8 (लेगबाई 6, नोबॉल 1, वाइड 1) | ||||
| कुल स्कोर | 255/9 (47 ओवर, रनरेट: 5.42) | ||||
विकेट पतन: 1-6 (डेसमंड हेंस), 2-22 (गॉर्डन ग्रीनिज), 3-62 (क्लाइव लायड), 4-98 (विवियन रिचर्ड्सs), 5-154 (लारी गोम्स), 6-181 (फाउड बैक्कस), 7-192 (मैल्कम मार्शल), 8-228 (एंडी रॉबर्ट्स), 9-232 (माइकल होल्डिंग)
| गेंदबाजी | ओवर | मेडन | रन | विकेट | इकॉनमी | वाइड | नोबॉल |
| कपिल देव | 10 | 0 | 33 | 2 | 3.3 | 0 | 0 |
| बलविंदर सिंह संधू | 10 | 0 | 38 | 2 | 3.8 | 0 | 0 |
| मदनलाल | 9 | 0 | 65 | 2 | 7.22 | 0 | 0 |
| श्रीनिवास वेंकटराघवन | 10 | 0 | 63 | 0 | 6.3 | 0 | 0 |
| रवि शास्त्री | 8 | 0 | 48 | 3 | 6 | 0 | 0 |
सचिन vs विराट: एक ही उम्र में कौन कितना आगे? आंकड़ों में समझिए ‘क्रिकेट के भगवान’ और ‘किंग’ का खेल
सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना होना क्रिकेट जगत में अब आम बात है। खासतौर से वनडे क्रिकेट में यह ज्यादा देखने को मिलता है। विराट अब सबसे तेज 15 हजार वनडे रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। दोनों की उम्र के अंतर के हिसाब से अलग-अलग पड़ाव पर सफर कैसा रहा, यह जानने के लिए क्लिक करें।
