भारतीय टीम के लिए सुपर 8 की शुरुआत से पहले सब कुछ अच्छा चल रहा था। लगातार दो विश्व कप ट्रॉफी के सपने भी फैंस देखने लगे थे। अचानक सुपर 8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से मिली हार ने सभी समीकरण पलट दिए। अहमदाबाद में 22 फरवरी को मिली इस हार ने सभी फैंस का दिल तोड़ दिया। इस हार के बाद टीम इंडिया का नेट रनरेट -3.8 हो गया। अब सभी के मन में सवाल है कि कैसे इस – को + टीम इंडिया बना सकीत है।
टीम इंडिया के सामने अब सुपर 8 में चुनौती है जिम्बाब्वे की, जहां टीम को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी और अगर माइनस नेट रनरेट से प्लस में आना है तो कुछ अलग करना होगा। ऐसे ही गणित को समझते हैं कि कैसे भारतीय टीम अपने माइनस वाले नेट रनरेट को प्लस कर सकती है। उसके लिए भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ अलग-अलग अंतर से जीत दर्ज करनी होंगी।
कितने अंतर से भारत को जीतना होगा मैच?
अगर टीम इंडिया जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले खेलती है तो सबसे पहले भारत की नजरें होनी चाहिए एक बड़ा टोटल बनाने पर। अगर टीम इंडिया 190, 200 रन बनाती है तो जिम्बाब्वे को उसे 110, 120 रन तक समेटना होगा। यानी अगर भारत 77 या उससे ज्यादा रन से मुकाबला जीतता है तो उसका नेट रनरेट प्लस में आ जाएगा और 0.01 हो जाएगा।
अगर टीम इंडिया बाद में खेलती है और रनों का पीछा करती है, तो उसे जल्दी मुकाबला जीतना होगा। अगर भारत के सामने 180 कुछ का रन होता है तो उसे 13वें से 14वें ओवर तक मुकाबला जीतना होगा। इसका गणित इस प्रकार है:-
| लक्ष्य | कितने ओवर में भारत को चेज करना होगा |
| 101 रन | 7.1 ओवर में करना होगा चेज |
| 121 रन | 8.4 ओवर में करना होगा चेज |
| 141 रन | 10 ओवर में करना होगा चेज |
| 151 रन | 11 ओवर में करना होगा चेज |
| 161 रन | 11.3 ओवर में करना होगा चेज |
| 181 रन | 12.5 ओवर में करना होगा चेज |
वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे मैच के बाद ग्रुप 1 की अंकतालिका
| टीम | मैच | जीत | हार | अंक | नेट रन रेट |
| वेस्टइंडीज | 1 | 1 | 0 | 2 | 5.35 |
| साउथ अफ्रीका | 1 | 1 | 0 | 2 | 3.8 |
| भारत | 1 | 0 | 1 | 0 | -3.8 |
| जिम्बाब्वे | 1 | 0 | 1 | 0 | -5.35 |
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