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IND vs SL Series: राहुल द्रविड़ डालेंगे नई परंपरा? श्रीलंका जाने वाले इन क्रिकेटर्स की लग सकती है लॉटरी

राहुल द्रविड़ ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर्स को अब दुनिया में सबसे फिट माना जाता है, लेकिन एक जमाना था जबकि उन्हें फिटनेस का जरूरी ज्ञान नहीं था। वे अपने से ज्यादा चुस्त ऑस्ट्रेलियाई और दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों से ईर्ष्या करते थे।

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: June 11, 2021 6:37 PM
राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रभारी राहुल द्रविड़ ने भविष्य के क्रिकेटर्स और एक रिजर्व पूल के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली भारत की सीमि​त ओवरों की टीम के कोच की भूमिका निभाएंगे। ऐसे कयास हैं कि वह बतौर कोच नई परंपरा डाल सकते हैं। माना जा रहा है कि श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई टीम इंडिया के हर खिलाड़ी को किसी न किसी मैच में खेलने का मौका मिल सकता है। द्रविड़ यदि ऐसा करने में सफल रहे तो टीम में पहली बार चुने गए क्रिकेटर्स की लॉटरी निकलना तय है।

राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के निदेशक राहुल द्रविड़ को अंडर-19 और इंडिया ‘ए’ स्तर पर भारत की युवा प्रतिभाओं को तराशने का श्रेय दिया जाता है। राहुल द्रविड़ ने कहा कि जब वह भारत की अंडर-19 और ‘ए’ स्तर की टीमों के कोच थे तो उन्होंने सुनिश्चित किया था कि दौरे पर गए प्रत्येक खिलाड़ी को मैच खेलने का मौका मिले, ज​बकि उनके जमाने में ऐसा नहीं होता था। द्रविड़ अब इंडिया ‘ए’ और अंडर-19 टीमों के साथ नहीं जाते हैं, लेकिन इसकी शुरुआत उन्होंने ही की थी कि दौरे पर जाने वाले हर खिलाड़ी को मैच खेलने का मौका जरूर मिले।

ऐसे में बहुत संभावना है कि शिखर धवन की अगुआई में श्रीलंका दौरा करने वाली टीम इंडिया के लिए चुने गए सभी खिलाड़ियों को कोई न कोई मैच खेलने का मौका जरूर मिलेगा। पहली बार मौका मिलने वाले खिलाड़ियों के लिए यह किसी लॉटरी लगने से कम नहीं होगा।

ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार, ‘मैं उन्हें पहले ही बता देता था कि यदि आप मेरे साथ ‘ए’ टीम के दौरे पर आए हो तो फिर आप यहां से मैच खेले बिना नहीं जाओगे। जब मैं जूनियर स्तर पर खेलता था तो मेरे अपने अनुभव थे। ‘ए’ टीम के दौरे पर जाना और मैच खेलने का मौका न मिलना बहुत बुरा होता था।’

उन्होंने कहा, ‘आप अच्छा प्रदर्शन करते हो। आप 700-800 रन बनाते हो। आप टीम के साथ जाते हो और वहां आपको अपनी योग्यता दिखाने का मौका नहीं मिलता है। इसके बाद आपको चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने के लिए अगले सत्र में फिर से वे 800 रन बनाने होते हैं।’

राहुल द्रविड़ ने कहा, ‘ऐसा करना आसान नहीं होता है। ऐसे में इसकी कोई गारंटी नहीं कि आपको फिर से मौका मिलेगा। इसलिए आपको शुरू में खिलाड़ियों को कहना होता है कि ये सर्वश्रेष्ठ 15 खिलाड़ी हैं। हम इनके साथ खेलेंगे। भले ही यह सर्वश्रेष्ठ एकादश नहीं हो। अंडर-19 स्तर पर हम मैचों के बीच 5-6 बदलाव कर सकते हैं।’

राहुल द्रविड़ ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर्स को अब दुनिया में सबसे फिट माना जाता है, लेकिन एक जमाना था जबकि उन्हें फिटनेस का जरूरी ज्ञान नहीं था। वे अपने से ज्यादा चुस्त ऑस्ट्रेलियाई और दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों से ईर्ष्या करते थे। अब जबकि राहुल द्रविड़ राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में प्रमुख हैं, तब वह अगली पी​ढ़ी के क्रिकेटर्स को तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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