वेंकट कृष्णा बी। भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज कुलदीप यादव के लिए सिर्फ एक और सीरीज नहीं है। 31 साल के इस कलाई के स्पिनर के सामने टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की करने का शायद सबसे अहम मौका है। रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद भी कुलदीप यादव को लगातार मौके नहीं मिले और वॉशिंगटन सुंदर के बाद अब श्रीलंका के मानव सुतार से भी उन्हें चुनौती मिल रही है।
ऐसे में बचपन के कोच कपिल देव पांडे का मानना है कि अब कुलदीप यादव को इंतजार नहीं, बल्कि अपने अनुभव और हुनर को मैदान पर साबित करने का समय आ गया है। उसका वक्त आ गया है। जुलाई 2026 में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ भारत के सफेद गेंद के दौरे में कुलदीप यादव को ज्यादातर समय बेंच पर ही बैठना पड़ा।
ऐसे में जब उन्हें यॉर्कशायर की ओर से वनडे कप में खेलने का मौका मिला तो उन्होंने इसे गंवाया नहीं। योजना थी कि वह पहले कानपुर जाकर अपने बचपन के कोच कपिल देव पांडे के साथ अभ्यास करेंगे और फिर श्रीलंका रवाना होंगे, लेकिन मैच अभ्यास की कमी को देखते हुए कुलदीप यादव ने अपना कार्यक्रम बदला और लंदन से सीधे लीड्स पहुंच गए।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले कुलदीप यादव के सामने टीम में अपनी जगह को लेकर बड़ी चुनौती है। कुलदीप यादव लंबे समय तक रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के साथ तीसरे स्पिनर के विकल्प के तौर पर रहे और टीम संयोजन के कारण उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। नौ साल के टेस्ट करियर में वह अब तक सिर्फ 18 टेस्ट खेल पाए हैं।
रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद भी कुलदीप यादव को केवल पांच टेस्ट खेलने का मौका मिला, जबकि टीम ने वॉशिंगटन सुंदर को उनसे आगे रखा। अब श्रीलंका दौरे पर मानव सुतार के रूप में उनके सामने एक नई चुनौती भी है। कुलदीप यादव के बचपन के कोच कपिल देव पांडे का मानना है कि श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए बिल्कुल सही मौका है।
कपिल देव पांडे का कहना है कि अब कुलदीप यादव को अपने ऊपर भरोसा करना होगा और दुनिया को दिखाना होगा कि वह मैच जिताने वाले गेंदबाज हैं। कपिल देव पांडे के मुताबिक, ‘‘कुलदीप कई साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और अब समय आ गया है कि वह अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करें और खुद को साबित करें। दबाव जरूर होगा, लेकिन इस स्तर पर दबाव को संभालना भी खेल का हिस्सा है।’’
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में कुलदीप गेंदबाजी में थोड़े जंग लगे हुए नजर आए थे। लंबे समय तक अलग-अलग फॉर्मेट में बेंच पर रहने के कारण ऐसा होना स्वाभाविक था। इसी वजह से कपिल देव पांडे चाहते थे कि श्रीलंका जाने से पहले कुलदीप यादव को मैच खेलने का मौका मिले। यॉर्कशायर के लिए वनडे कप में खेलना इसी योजना का हिस्सा था।
कपिल देव पांडे के मुताबिक, ‘‘नेट्स में कितनी भी गेंदबाजी कर लें, असली लय मैच में ही मिलती है। जब बल्लेबाज आपके खिलाफ रन बनाने की कोशिश कर रहा हो, तब सही लाइन और लेंथ पर गेंद डालना ही असली चुनौती होती है। इंग्लैंड में 10 दिन के अंदर पांच मैच खेलकर कुलदीप ने यही मैच अभ्यास हासिल किया।
कपिल देव पांडे मानते हैं कि मानव सुतार के टीम में आने के बाद कुलदीप यादव को लेकर उठ रहे सवालों से उन पर दबाव जरूर बढ़ा है, लेकिन वह इसे एक बड़े मौके के रूप में देखते हैं। उनका कहना है कि कुलदीप यादव ने अपने करियर के शुरुआती दौर में रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा जैसे गेंदबाजों के रहते भी टीम में जगह बनाई थी। ऐसे में अब वह ऐसा क्यों नहीं कर सकते?
भारत जैसे उपमहाद्वीपीय देशों में तीसरे नंबर के स्पिनर के लिए टीम में जगह बनाए रखना आसान नहीं रहा है। कई बार ऐसे गेंदबाजों को दोबारा मौका नहीं मिल पाता। मुरली कार्तिक और वेंकटपति राजू इसके उदाहरण हैं, लेकिन कुलदीप की स्थिति कुछ अलग है।
कुलदीप बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर हैं और उनकी गेंदबाजी में कई तरह की विविधताएं हैं। अगर उन्हें लगातार खेलने का मौका मिले तो वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उनकी गेंदों में छिपी विविधताओं को समझना बल्लेबाजों के लिए भी आसान नहीं होता।
अश्विन के संन्यास के बाद कुलदीप यादव ने पांच टेस्ट में सिर्फ एक बार पांच विकेट लिए हैं। यह आंकड़ा खराब नहीं है, लेकिन लगातार मौके नहीं मिलने के कारण उनसे ज्यादा उम्मीद की जा रही है। पूर्व भारतीय स्पिनर वेंकटपति राजू का भी मानना है कि कुलदीप को अब इस उम्मीद का दबाव संभालना सीखना होगा।
वेंकटपति राजू के मुताबिक, ‘‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आपको हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना पड़ता है। हालांकि, कुलदीप के मामले में सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें पर्याप्त मैच खेलने का मौका नहीं मिलता। लंबे स्पेल में गेंदबाजी करने के लिए अलग तरह की लय और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। यह सब लगातार खेलने से ही आता है।’’
वेंकटपति राजू इस बात से भी निराश हैं कि रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद कुलदीप यादव को भारत का दूसरा प्रमुख स्पिनर नहीं बनाया गया। उनका मानना है कि कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज को बेंच पर नहीं बैठना चाहिए। रविंद्र जडेजा टीम में ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में कुलदीप यादव को दूसरे स्पिनर के तौर पर लगातार मौका मिलना चाहिए था। वेंकटपित राजू के मुताबिक, ‘‘पिच मददगार हो या नहीं, कुलदीप विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और ऐसे गेंदबाज को टीम से बाहर रखना सही नहीं है।’’
श्रीलंका सीरीज की अहमियत कुलदीप भी समझते हैं। इंग्लैंड जाने से पहले कुलदीप यादव ने कानपुर में अपने कोच कपिल देव पांडे के साथ अभ्यास किया था। कपिल देव पांडे ने उन्हें अलग-अलग तरह की गेंदों से गेंदबाजी कराई। कुलदीप यादव ने पुरानी गेंद, ऐसी गेंद जो ज्यादा टर्न न ले, सीम घिस चुकी गेंद और नई गेंद के साथ-साथ कूकाबुरा गेंद से भी कुलदीप को अभ्यास कराया।
कपिल देव पांडे का कहना है कि कुलदीप यादव को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि वह किस गेंद से गेंदबाजी कर रहे हैं। अगर वह अपनी बुनियादी चीजों पर ध्यान रखें तो किसी भी गेंद से कमाल कर सकते हैं। भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए कोलंबो रवाना होने से पहले अभ्यास मैच में भी कुलदीप ने अच्छी गेंदबाजी के संकेत दिए हैं।
अब सवाल सिर्फ इतना है कि गॉल में कुलदीप यादव को खेलने का मौका मिलता है या नहीं, लेकिन उनके कोच कपिल देव पांडे के लिए इस सीरीज का महत्व किसी आंकड़े से ज्यादा है। लंबे समय से कुलदीप टेस्ट क्रिकेट में नियमित मौके का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उन्हें एक मैच खेलने का मौका नहीं मिला था और कई विशेषज्ञों ने कहा था कि अगर कुलदीप खेलते तो भारत को फायदा हो सकता था।
कपिल देव पांडे को उम्मीद है कि श्रीलंका में कुलदीप यादव को मौका मिलेगा। वह भारत के लिए मैच जीतेंगे, क्योंकि यह वही सपना है जो कुलदीप यादव ने बचपन में अपने कोच से कहा था और कई वर्षों बाद कपिल देव पांडे को लगता है कि उस सपने को पूरा करने का समय आ गया है। उसका वक्त आ गया है।
कपिल देव पांडे ने कहा, ‘‘यह सीरीज मेरे और उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत अहम है। वह लंबे समय से लगातार टेस्ट मैच खेलने का इंतजार कर रहे थे। पिछले साल जब उन्होंने इंग्लैंड में एक भी टेस्ट नहीं खेला था तो कई जानकारों कहना था कि अगर वह खेले होते तो नतीजा कुछ और हो सकता था, इसलिए मुझे उम्मीद है कि उन्हें यहां मौका मिलेगा और वह भारत के लिए मैच जीतेंगे।’’ कपिल देव पांडे ने कहा, ‘‘जब मैं कुलदीप से तब मिला था तब वह बच्चा था तो उसने मुझसे यही कहा था। अब उसका वक्त आ गया है।’’
IND vs SL: जसप्रीत बुमराह-साई सुदर्शन के बाद एक और खिलाड़ी की चोट बनी समस्या, दूसरे टेस्ट से बाहर होने का खतरा
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