IND vs SL: भारत की श्रीलंका में जीत का छक्का लगाने पर नजर, इन खिलाड़ियों के पास टी20 वर्ल्ड कप की दावेदारी ठोकने का मौका
टीम के लिए हार्दिक पंड्या की बल्लेबाजी फॉर्म भी चिंता का विषय है जो श्रीलंका के खिलाफ अब तक प्रभावित करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने ठीक-ठाक गेंदबाजी की है, लेकिन वह पीठ की सर्जरी से पहले की तरह गेंदबाजी करने में नाकाम रहे हैं।
पहले टी20 में श्रीलंका के खिलाफ भारत की जीत में सूर्यकुमार यादव और भुवनेश्वर कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी। (सोर्स- एपी) कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में मंगलवार यानी 27 जुलाई 2021 को होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम की नजर श्रीलंका में जीत का छक्का लगाने पर होगी। साथ ही भारत के कुछ खिलाड़ियों के पास टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुने जाने वाली टीम इंडिया में अपनी दावेदारी ठोकने का भी मौका होगा। तीन मैच की सीरीज में भारतीय टीम 1-0 से आगे है।
भारत ने श्रीलंका में श्रीलंका के खिलाफ अब तक 6 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इसमें से उसे 5 में जीत हासिल हुई है। ऐसे में वह दूसरा टी20 जीतकर छक्का लगाने की कोशिश करेगा। भारत ने श्रीलंका में पहला टी20 10 फरवरी 2009 को खेला था। उसके बाद से वह सिर्फ एक यानी 6 मार्च 2018 को खेले गए टी20 मैच में हारा है, अन्य सभी में जीता है। वहीं, सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव, राहुल चहर और वरुण चक्रवर्ती टी20 वर्ल्ड कप के मद्देनजर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। टीम को यह भी उम्मीद होगी कि संजू सैमसन अपनी प्रतिभा पर खरे उतरकर अपने प्रदर्शन में निरंतरता ला पाएंगे।
श्रीलंका को पहले मुकाबले में 38 रन से हराने के बाद भारत के विजयी संयोजन में बदलाव करने की संभावना नहीं है। टीम प्रबंधन हालांकि अगर ब्रिटेन में टेस्ट दौरे के लिए चुने गए पृथ्वी शॉ और सूर्यकुमार यादव को आराम देने का फैसला करता है तो टीम में बदलाव हो सकते हैं। उम्मीद है कि ये दोनों कम से कम दूसरे टी20 में खेलेंगे। भारत के सीरीज जीतने की स्थिति में उन्हें अंतिम मैच से आराम दिया जा सकता है।
योजना में बदलाव होने की स्थिति में खराब फॉर्म से जूझ रहे मनीष पांडे पर देवदत्त पडिक्कल और ऋतुराज गायकवाड़ को तरजीह दी जा सकती है। मंगलवार को नजरें सैमसन पर होंगी। उनसे काफी उम्मीदें हैं। हालांकि, उन्हें जब भी भारतीय जर्सी में खेलने का मौका मिला तो वे इन उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहे हैं।
सैमसन को शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी के पर्याप्त मौके मिले। इसके बावजूद वह आठ मैचों में 13.75 के औसत से ही रन बना पाए। सामने आ रहे प्रतिभावान खिलाड़ियों को देखते हुए सैमसन की राह इस प्रदर्शन के साथ आसान नहीं होने वाली है। प्रदर्शन के आधार पर ऋषभ पंत ने सैमसन को काफी पीछे छोड़ दिया है।
इशान किशन ने भी सीमित मौके मिलने पर प्रभावी प्रदर्शन किया है। सीमित ओवर्स की क्रिकेट में लोकेश राहुल (केएल राहुल) भी विकेटकीपर के रूप में विकल्प हैं। ऐसे में सैमसन के पास अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने के लिए अधिक समय नहीं है।
राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के निदेशक राहुल द्रविड़ को भी सैमसन से काफी उम्मीदें हैं और अगर वह अगले दो मैचों में बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहते हैं तो यह श्रृंखला उनके लिए अंतिम मौका साबित हो सकती है।
टीम के लिए हार्दिक पंड्या की बल्लेबाजी फॉर्म भी चिंता का विषय है जो श्रीलंका के खिलाफ अब तक प्रभावित करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने ठीक-ठाक गेंदबाजी की है, लेकिन वह पीठ की सर्जरी से पहले की तरह गेंदबाजी करने में नाकाम रहे हैं।
भारतीय गेंदबाजों ने पहले मैच में शानदार प्रदर्शन किया। युजवेंद्र चहल और वरूण चक्रवर्ती एक बार फिर प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। ये दोनों टीम में कलाई के स्पिनर के स्थान के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं।
यूएई में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए 20 से अधिक खिलाड़ियों का चयन होने की उम्मीद है और ऐसे में चक्रवर्ती तथा चहल दोनों को टीम में जगह मिल सकती है। श्रीलंका के लिए एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की तुलना में टी20 श्रृंखला कड़ी चुनौती होगी।
उसके पास लगातार बड़े शॉट खेलकर मैच का रुख बदल पाने वाले खिलाड़ी नहीं हैं। चरिथ असालंका ने पहले मैच में 44 रन की पारी खेलकर भारत पर दबाव डालने का प्रयास किया था लेकिन अहम मौकों की दासुन शनाका की टीम की अनुभवहीनता झलकी।
टीम ने सोमवार को अंतिम छह विकेट सिर्फ 15 रन जोड़कर गंवाए। वानिंदु हसरंगा ने अपनी लेग स्पिन से प्रभावित किया है और सूर्यकुमार को छोड़कर भारत के अन्य बल्लेबाजों को कुछ परेशान करने में सफल रहे हैं।
दोनों टीम इस प्रकार हैं:
भारत: शिखर धवन (कप्तान), पृथ्वी शॉ, देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, सूर्यकुमार यादव, मनीष पांडे, हार्दिक पंड्या, नितीश राणा, इशान किशन, संजू सैमसन, युजवेंद्र चहल, राहुल चहर, कृष्णप्पा गौतम, कृणाल पंड्या, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चहर, नवदीप सैनी, चेतन साकरिया।
श्रीलंका: दसुन शनाका (कप्तान), धनंजय डिसिल्वा, अविष्का फर्नांडो, भानुका राजपक्षे, पथुम निसानका, चरिथ असलंका, वानिन्दु हसरंगा, अशेन बंडारा, मिनोद भानुका, लाहिरू उदारा, रमेश मेंडिस, चमिका करुणारत्ने, बिनुरा फर्नांडो, दुष्मंता चमीरा, लक्षण संदाकन, अकिला धनंजय, शिरन फर्नांडो, धनंजय लक्षण, इशान जयरत्ने, प्रवीण जयविक्रमा, असित फर्नांडो, कासुन रजिता, लाहिरू कुमारा और इसुरू उडाना।
















