दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा को इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार 14 जुलाई 2026 से बर्मिंघम में शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे शृंखला में न केवल खुद के लिए अच्छा प्रदर्शन करना होगा, बल्कि टी20 में लगातार हार से आहत भारतीय टीम के मनोबल को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह उस फॉर्मेट में खेलने के लिए वापसी कर रहे हैं जिसमें द्विपक्षीय मैचों का महत्व और चमक टी20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के चलते खोती जा रही है। हालांकि, 39 वर्षीय रोहित शर्मा और जल्द ही 38 साल के होने वाले विराट कोहली में अब भी जोश और जुनून बरकरार है। वे अब भी वनडे की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनका लक्ष्य 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक टीम में बने रहना है।

उपमहाद्वीप की पिचों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे सटीक गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों का सामना करना एक अलग ही चुनौती है। हालांकि, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है। वे इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है।

इस शृंखला के लिए इन दोनों दिग्गज बल्लेबाजों का टीम में होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारतीय टीम मौजूदा दौरे में अपने सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से एक को छोड़कर (बारिश के कारण रद्द) बाकी सभी मैच हार गई थी। भारत को आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में हार का सामना करना पड़ा था तथा इंग्लैंड के हाथों 0-4 की करारी हार से टीम को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय टीम प्रबंधन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए चीजें आसान बनाकर नहीं रखी हैं, लेकिन अभी टीम जिस परिस्थिति से गुजर रही है उसे देखते हुए वह इन दोनों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए विवश होगा। वनडे इंटरनेशनल में जीत से टी20 की कमियों को छुपाया नहीं जा सकता, लेकिन इससे खिलाड़ियों का मनोबल जरूर बढ़ेगा। कप्तान शुभमन गिल की वापसी और अनुभवी केएल राहुल की मौजूदगी से भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों की एक शानदार चौकड़ी है, जो किसी भी मैच का रुख पलट सकती है।

अगर श्रेयस अय्यर को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो बल्लेबाजी इकाई को लेकर ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए, लेकिन गेंदबाजी इकाई के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है, जिसे जसप्रीत बुमराह की वापसी से मजबूती मिलेगी। भारत के नए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड की पिचों पर अपनी लेंथ को लेकर बिल्कुल अलग चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

अर्शदीप सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में निश्चित रूप से टीम को एक नया आयाम देंगे, जबकि शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज होंगे। शिवम दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या और नितीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण मजबूरी में टीम में शामिल किया गया है।

वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल दोनों ने ही टी20 शृंखला में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया, लेकिन शायद ही उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी को तवज्जो दे रहा है और वह बल्लेबाजी में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कुलदीप यादव से ज्यादा योगदान दे रहे हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए फायदे की बात यह होगी कि मेजबान टीम ने 27 जनवरी के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है। बहुत सारे टी20 और कुछ टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) खेलने के बाद इंग्लैंड को इस प्रारूप के लिए अपनी लय में लौटना होगा।

हालांकि, टी20 में शानदार जीत से उसके खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा होगा। बल्लेबाजी क्रम में जो रूट के शामिल होने से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और अधिक मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी में उसका दारोमदार हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल और जोस बटलर पर टिका रहेगा।

इस प्रकार हैं भारत और इंग्लैंड की टीमें

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जेम्स कोल्स, सैम करन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोस टंग, साकिब महमूद, आदिल राशिद।

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