इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में रविवार (19 जुलाई) को रोहित शर्मा की शानदार शतकीय पारी साथी शार्दुल ठाकुर के बल्ले से आई। रोहित शर्मा ने 388 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए शार्दुल ठाकुर के बल्ले का इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय 27 रनों से हार गई। 39 साल के रोहित शर्मा ने तीसरे और आखिरी वनडे में 110 गेंदों पर 138 रन बनाए, लेकिन वह भारत के लिए आगे खेलते रहेंगे यह तय नहीं है।

शार्दुल ठाकुर ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘मैंने एसएस (SS) बैट्स के साथ करार किया है और जतिन सरीन (क्पीन के मालिक) ने मुझे बैट के कुछ बेहतरीन पीस भेजे हैं। रोहित ने एक बार मुझसे कुछ बैट देने के लिए कहा था क्योंकि उन्हें वे बहुत पसंद थे। हम सभी उन्हें प्यार करते हैं और उन्होंने हमें क्रिकेट के खेल में इतने खुशी के पल दिए हैं कि उन्हें बैट देने से मना करना तो दूर की बात थी। आज मैं सच में बहुत खुश हूं कि उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर मेरे एक बैट का इस्तेमाल करके अपनी ऐतिहासिक सेंचुरी बनाई।’

बचपन के दोस्त हैं रोहित-शार्दुल

जब शार्दुल ठाकुर भारतीय टीम का हिस्सा थे तो उनके टीम के साथी उन्हें ‘लॉर्ड ठाकुर’ कहते थे। रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर एक दूसरे को बचपन से जानते है। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। दोनों ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व किया है। फिलहाल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व।

रोहित शर्मा के भविष्य पर सवाल

रोहित शर्मा ने इस ऐतिहासिक मैदान पर शतक तब लागाया जब उनके भविष्य पर सवाल है। अगर कोई आधिकारिक बयान नहीं आता तो सितंबर में भारतीय टीम की अगली वनडे सीरीज तक सवाल बरकरार रहेगा। लॉर्ड्स में तीसरे वनडे में जबरदस्त शतक लगाकर रोहित शर्मा ने दिखा दिया कि वह संघर्ष करते रहेंगे। अगर कोई उनकी जगह लेने का इंतजार कर रहा है, तो फैसला चयनकर्ताओं को लेना होगा।

रोहित का लॉर्ड्स में शतक जड़ने के बाद आलोचकों को जवाब

रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में 110 गेंदों पर 138 रनों की पारी खेलकर आलोचकों को करारा जवाब दिया। उनकी इस पारी के दमपर भारत 388 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 360 रनों तक पहुंचा। पूरी खबर पढ़ें