अफगानिस्तान क्रिकेट टीम अपने देश में नहीं खेल पाती। उसे घरेलू मैच खेलने के लिए भी भारत जैसे दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके बाद भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अफगानियों का उभार शानदार रहा है। 17 साल में इस टीम ने तमाम बुलंदियां देखीं। उसने भारत को छोड़कर टेस्ट खेलने वाले हर देश को हराया है और अफगानिस्तान क्रिकेट के आगे बढ़ने में मोहम्मद नबी जैसे खिलाड़ियों का योगदान काफी अहम है, जिसे अपने देश के प्रति प्रतिबद्धता के कारण द प्रेसिडेंट का नाम मिल गया।

मोहम्मद नबी ने अफगानिस्तान की टीम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दर्जा मिलने से 6 साल पहले डेब्यू कर लिया था। 41 साल के होने के बाद भी बेटे के साथ खेलने की हसरत पूरी करने के लिए खेल रहे हैं। इसके कारण वह संन्यास का फैसला वापस ले चुके हैं। उम्मीद की जा रही है नबी कम से कम 2027 वर्ल्ड कप तक खेलेंगे।

अफगानिस्तान से छह साल पहले डेब्यू

मोहम्मद नबी ने अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दर्जा मिलने से छह साल पहले 2003 में पाकिस्तान में एक घरेलू टूर्नामेंट में खेलते हुए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में डेब्यू किया था। उस समय गौतम गंभीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू नहीं हुआ था। अब गंभीर भारत के हेड कोच हैं। भारत उनके अंडर में 2 आईसीसी खिताब चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 विश्व कप जीत चुका है।

नबी बेटे के साथ अफगानिस्तान के लिए खेलना चाहते हैं

पिछले दो दशकों में मोहम्मद नबी ने 334 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, 6306 रन बनाए हैं और 296 विकेट लिए हैं। इस दौरान टीम की कमान भी संभाली। उन्होंने 2019 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। पिछले साल वह चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे से भी रिटायर होना चाहते थे। फिर उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। वह अपने बेटे 20 साल के ओपनर हसन ईसाखिल के साथ अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। नबी और ईसाखिल पहले ऐसे पिता-पुत्र हैं, जो किसी टॉप-टियर टी20 लीग में एक साथ खेल चुके हैं।

केविन पीटरसन ने दिया प्रेसिडेंट नाम

क्रिकेट जगत में मोहम्मद नबी मिस्टर प्रेसिडेंट बुलाए जाते हैं। उन्हें यह निकनेम इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने 2016 में अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए उनके योगदान के कारण दिया था। दोनों लीग क्रिकेट में एक साथ खेल रहे थे। नबी को अफगानिस्तान के लिए खेलने लौटना था। यहां उनकी टीम को जीत की जरूरत थी, जो उन्होंने आखिरी ओवर में 16 रन बनाकर दिलाई।

पीटरसन ने कमेंट्री में प्रेसिडेंट कहा

इसके बाद केविन पीटरसन ने कहा कि नबी ने टूर्नामेंट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। वह अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य हैं। उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट को शून्य से बुलंदियों पर पहुंचने में मदद की है। उन्होंने नबी को प्रेसिडेंट नाम दिया। इसके बाद नबी एक अन्य लीग में खेलने गए। वहां पीटरसन कमेंट्री कर रहे थे। वह नबी को प्रेसिडेंट कहकर संबोधित करने लगे। इसके बाद नबी को प्रेसिडेंट कहा जाने लगा।

जूनियर पटौदी को कैसे मिला टाइगर नाम

माना जाता है कि मंसूर अली खान पटौदी को ‘टाइगर’ नाम उनकी शानदार फील्डिंग की वजह से मिला, लेकिन प्रदीप मैगजीन के अनुसार, कहानी कुछ और है। उन्होंने अपने 11वें जन्मदिन पर एक ‘टाइगर’ का शिकार किया था। उस दिन उनके पिता की मौत हो गई थी। उनके नाना ने घर पर हुई दुखद घटना से ध्यान हटाने के लिए शिकार का इंतजाम किया था। पूरी खबर पढ़ें।