श्रीलंका में इंडिया ए, अफगानिस्तान ए और श्रीलंका ए के बीच खेली गई वनडे ट्राई सीरीज का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद भारतीय गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया। 378 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ए की टीम 47.1 ओवर में 311 रन बनाकर सिमट गई। भारतीय टीम ने 66 रन से फाइनल मुकाबला जीता और ट्राई सीरीज पर कब्जा किया। फाइनल मुकाबले में तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया ए ने श्रीलंका ए को हराकर खिताब जीता।
फाइनल मैच में भारत के लिए बल्ले से वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंद पर 94 और कप्तान तिलक वर्मा ने 67 रनों की पारियां खेलीं। उसके बाद गेंदबाजी में यश ठाकुर और विप्रज निगम ने कमाल किया। इस मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीता और इंडिया ए को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया। पहले खेलते हुए भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी ने अपने तूफानी अंदाज में बेहतरीन शुरुआत दिलाई। उन्हें फाइनल मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
साथी ओपनर प्रियांश आर्या ने भी 29 गेंद पर 39 रन की पारी खेली। उसके बाद वैभव 94 रन पर आउट हुए और उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंद पर उपयोगी 40 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। फिर शुरू हुई कप्तान तिलक वर्मा की पारी।
अनुकूल रॉय की आतिशी बल्लेबाजी
कप्तान तिलक वर्मा ने इस सीरीज के पांचवें मैच में अपना चौथा फिफ्टी प्लस स्कोर बनाया और टीम का स्कोर 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 तक पहुंचाने की नींव रखी। अंत में काम पूरा किया अनुकूल रॉय ने जिन्होंने 15 गेंद पर 39 रन की आतिशी पारी खेली। 20 गेंद पर 27 रन बनाकर विप्रज निगम ने एक बार फिर अपने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन का लोहा मनवाया। इस तरह इंडिया ए की टीम ने मेजबान टीम के सामने विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
गेंदबाजी में यश-विप्रज का जलवा
इसके बाद गेंदबाजी में यश ठाकुर ने शुरुआत से ही श्रीलंका को बैकफुट पर ला दिया था। इन फॉर्म अविष्का फर्नांडो 3 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गए। निरोशन डिकवेला भी 25 रन का ही योगदान दे पाए। सदीरा समराविक्रमा ने एक और अर्धशतक लगाया और 52 रन की पारी जरूर खेली, लेकिन तब तक मैच श्रीलंका ए के हाथों से जाने लगा था। भारत के लिए गेंदबाजी में यश ठाकुर और विप्रज निगम ने 3-3 विकेट झटके। वहीं अनुकूल रॉय को 2 सफलताएं मिलीं। कप्तान तिलक वर्मा और पहला मैच खेल रहे अशोक शर्मा को भी 1-1 विकेट मिला।
5 मैच, 218 गेंद, 530 रन: वैभव सूर्यवंशी बने नॉकआउट मुकाबलों के बादशाह, 2026 में अब तक जमकर मचाया तूफान
वैभव सूर्यवंशी ने साल 2026 में खुद को एक बेहतरीन बल्लेबाज के अलावा बड़े मैच के खिलाड़ी के तौर पर भी साबित किया है। वनडे हो या टी20 नॉकआउट मुकाबलों में 15 वर्षीय वैभव ने एक जैसा ही कमाल दिखाया है। क्लिक करें और पढ़ें पूरी खबर
