इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच वनडे त्रिकोणीय श्रंखला का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है। इस मुकाबले में भारतीय टीम की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई। 143 रन पर ही टीम ने 7 विकेट गंवा दिए थे, उसके बाद क्रीज पर बल्लेबाजी करने आए विप्रज निगम। सूर्यांश शेडगे एक छोर पर खड़े थे। उसी बीच 35वें ओवर में और उसके बाद 37वें ओवर में विप्रज की गलती टीम को भारी पड़ गई। अंपायर ने 10 रन काटने का फैसला किया।

विप्रज की इस गलती के कारण दो बार भारत के स्कोर में से 5-5 रन काटे गए। एक बार 35वें ओवर में भारतीय स्कोरकार्ड में से 5 रन कटे। फिर 37वें ओवर में दोबारा निगम की गलती के बाद इंडिया ए की टीम को 5 रन का नुकसान हो गया। यानी वैसे भी टीम के रन नहीं बन रहे थे और ऊपर से टीम को 10 रन का नुकसान भी हो गया।

इंडिया ए पर क्यों लगी 10 रन की पेनल्टी?

इंडिया ए के खिलाड़ी विप्रज निगम जब बल्लेबाजी करने उतरे तो कई बार अंपायर ने उन्हें पिच के बीच में दौड़ने के लिए मना किया। उनको फाइनल वार्निंग भी दी गई। इसके बावजूद जब 35वें ओवर में वह पिच के बीच में दौड़े तो अंपायर ने पहली पेनल्टी लगाई। फिर 37वें ओवर में भी विप्रज ने गलती दोहराई तो अंपायर ने दोबारा 5 रन काटने का फैसला किया। यानी इस मैच में श्रीलंकाई टीम पहले ही 10 रन आगे हो गई।

भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ाई

इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर निराश किया और 14 गेंद पर 21 रन बनाकर आउट हुए। उनके अलावा प्रभसिमरन सिंह (11), कप्तान तिलक वर्मा (23) और ऋतुराज गायकवाड़ (37) ने भी निराश किया। आयुष बडोनी और निशांत सिंधू भी कुछ खास नहीं कर पाए। इस मैच से पहले भारतीय टीम ने श्रीलंका ए को पहले मैच में हराया था और दूसरे मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ उसे हार झेलनी पड़ी थी।

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वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज में 39 गेंदों के बाद छक्का लगाने में सफलता हासिल की। वो इस सीरीज के अब तक तीन मैचों में ज्यादा सफल नहीं हो पाए हैं। क्लिक करें और पढ़ें पूरी खबर