नीरज चोपड़ा ने जिनकी ट्रेनिंग में जीते 2 गोल्ड मेडल; एथलेटिक्स फेडरेशन ने उस कोच को बर्खास्त किया, टोक्यो ओलंपिक से पहले की थी SAI-AFI की आलोचना

एएफआई योजना आयोग के प्रमुख ललित के भनोट ने कहा, ‘नीरज चोपड़ा, शिवपाल सिंह और अन्नू रानी समेत जैवलिन थ्रोअर्स हॉन से प्रशिक्षण नहीं लेना चाहते थे। डॉ. क्लाउज बार्तोनित्ज (बायो-मैकेनिकल) विशेषज्ञ के रूप में कोच बने रहेंगे। हमें जैवलिन के लिए दो और कोच चाहिए।’

Neeraj Chopra Athletics Federation of India sacked Javelin Thrower Uwe Hohn Tokyo Olympics
नीरज चोपड़ा ने उवे हॉन की ट्रेनिंग में साल 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स और गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। (सोर्स- फाइल फोटो)

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने जर्मनी के महान खिलाड़ी उवे हॉन बर्खास्त कर दिया है। नीरज चोपड़ा ने उवे हॉन की ही ट्रेनिंग में साल 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स और गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। 59 साल के हॉन 100 मीटर से ज्यादा जैवलिन फेंकने वाले दुनिया के इकलौते एथलीट हैं।

उन्होंने 2017 में नीरज को कोचिंग देना शुरू किया था। वह राष्ट्रीय भाला कोच के रूप में टोक्यो ओलंपिक के लिए प्रभारी भी रहे। हालांकि, टोक्यो ओलंपिक में नीरज के कोच क्लाउज बार्तोनित्ज थे। एएफआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह उवे हॉन के काम से खुश नहीं है। नीरज चोपड़ा भी उनकी ट्रेनिंग से खुश नहीं थे। कार्यकारी परिषद की दो दिवसीय बैठक में एथलीट्स और कोचेस के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद सोमवार को एएफआई के अध्यक्ष आदिले सुमरिवाला ने कहा, ‘हॉन को घर भेजा जा रहा है। हालांकि, टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा को कोचिंग देने वाले बायोमैकेनिकल एक्सपर्ट क्लाउज बार्तोनित्ज की सेवाएं जारी रहेंगी।’

आदिले सुमरिवाला ने कहा, ‘हम उवे हॉन को बदल रहे हैं। उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं है। हम दो (नए) कोच लाएंगे। हम लोग वही कर रहे हैं, जो हमें करना चाहिए।’ बता दें कि एशियाई खेलों में शिवपाल पाल सिंह, अन्नू रानी, डिस्कस थ्रोअर सीमा अंतिल और शॉट पुट खिलाड़ी तजिंदर सिंह तूर का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था।

आदिल सुमरिवाला ने उन सबका हवाला देते हुए कहा, ‘साधारण सी बात है। उवे हॉन शिवपाल और अन्नू को कोचिंग दे रहे थे। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन खराब रहा। इसलिए उनको घर भेज दिया गया है। अब उनकी जगह नए कोच लाए जाएंगे। शॉट पुट खिलाड़ी तजिंदर पाल सिंह तूर के लिए भी एक विदेशी कोच देखा जा रहा है।’

नीरज चोपड़ा भी उवे हॉन की कोचिंग से संतुष्ट नहीं थे। नीरज ने कहा था, ‘मैंने उवे हॉन सर के साथ काफी वक्त बिताया है। उन्होंने मुझे ट्रेनिंग दी है। वह बहुत अच्छे हैं। मैं उनकी इज्जत करता हूं। मैंने उनके कार्यकाल में ही 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीते थे। हालांकि, मुझे लगता है कि उवे हॉन का ट्रेनिंग देने का तरीका और तकनीक थोड़ा अलग था। जब मैंने बाद में क्लाउज बार्तोनित्ज सर के साथ काम शुरू किया तो उनका ट्रेनिंग प्लान अच्छा लगा। वह मुझे सूट भी किया।’

एएफआई योजना आयोग के प्रमुख ललित के भनोट ने कहा, ‘नीरज चोपड़ा, शिवपाल सिंह और अन्नू रानी समेत जैवलिन थ्रोअर्स हॉन से प्रशिक्षण नहीं लेना चाहते थे। डॉ. क्लाउज बार्तोनित्ज (बायो-मैकेनिकल) विशेषज्ञ के रूप में कोच बने रहेंगे। हमें जैवलिन के लिए दो और कोच चाहिए। अच्छे कोच मिलना आसान नहीं है। लेकिन हम कम से कम एक और अच्छा कोच पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’

उवे हॉन ने टोक्यो ओलंपिक से ठीक पहले स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों के साथ काम करना मुश्किल है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कई आरोप भी लगाए थे। उन्होंने कहा था, ‘मैं जब यहां आया तो सोचा कि कुछ बदलाव करूंगा, लेकिन साई और एएफआई के लोगों के साथ काम करना काफी मुश्किल है। मुझे नहीं पता कि यह ज्ञान की कमी से है या अनदेखी के कारण।’

उन्होंने कहा था, ‘प्रशिक्षण शिविर और प्रतियोगिता से इतर, अगर हम एथलीट्स के लिए सप्लीमेंट्स भी मांगते थे तो हमें पर्याप्त रूप से नहीं मिलता था। यहां तक कि टॉप्स (TOPS/Target Olympic Podium Scheme) के एथलीट्स को भी नहीं। मैं नए कॉन्ट्रैक्ट से खुश नहीं हूं, जो अप्रैल में साइन किया गया था। मुझे और क्लाउज बार्तोनित्ज को ब्लैकमेल करके जबरदस्ती कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया गया था, वरना हमें पैसे नहीं मिलते।’

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