हार्दिक पंड्या को लोग समझते थे ढाबे का नौकर, स्टार ऑलराउंडर ने बड़े भाई क्रुणाल के सामने सुनाई थी बचपन की कहानी

शो के दौरान क्रुणाल ने कहा, ‘यह अब भी बोलता है कि मेरे पास तो टैलेंट था। मैं तो दिखता हूं, लेकिन तेरे से कभी उम्मीद नहीं की थी।’ इस पर हार्दिक ने कहा, ‘जो बात मुझे 17 साल की उम्र में समझ आ गई थी, वह इन्हें 22 साल की उम्र में आई।’

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हार्दिक पंड्या ने शो के दौरान बताया था कि अपने रंग के कारण उन्हें बचपन में काफी दिक्कत झेलनी पड़ती थी। (सोर्स- इंस्टाग्राम हार्दिक पंड्या)

हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) को बचपन में अपने रंग के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। हार्दिक ने यह जानकारी गौरव कपूर (Gaurav Kapoor) के यूट्यूब (YouTube) शो ‘ब्रेकफास्ट विद चैम्पियंस’ के साथ इंटरव्यू के दौरान दी थी। इंटरव्यू के दौरान हार्दिक के बड़े भाई क्रुणाल पंड्या (Krunal Pandya) भी मौजूद थे। क्रुणाल ने भी माना कि हार्दिक ने इस वजह से परेशानियां झेली थीं। उन्होंने हार्दिक की उन आदतों के बारे में भी बताया था, जिससे उसके फैंस अंजान थे।

शो के दौरान क्रुणाल ने कहा, ‘यह अब भी बोलता है कि मेरे पास तो टैलेंट था। मैं तो दिखता हूं, लेकिन तेरे से कभी उम्मीद नहीं की थी।’ इस पर हार्दिक ने कहा, ‘जो बात मुझे 17 साल की उम्र में समझ आ गई थी, वह इन्हें 22 साल की उम्र में आई।’ क्रुणाल ने कहा, ‘हार्दिक सही बात बोल रहा है। किसी भी इंसान के लिए उस सच का अहसास होना बहुत जरूरी है। वह जब अहसास होता है तो दो चीजें ही संभव है। एक यह कि इंसान स्वीकार ले कि मुझसे नहीं हो सकता और चुप बैठ जाए। दूसरा यह कि वह सोच ले कि नहीं अब तो मुझे करना ही है। अब मुझे कोई नहीं रोक सकता।’

क्रुणाल ने कहा, ‘वह अहसास इसे 17 और मुझे 22 साल की उम्र में हुआ।’ इस पर हार्दिक ने कहा, ‘मेरे साथ बहुत सारे इश्यू थे। मैं तो दिखता भी अलग था। अलग ही रंग था। मुझे बहुत सारे कॉम्प्लेक्सेस (मनोग्रंथियां) थे। मुझे अब भी याद है कि जब मैं छोटा था तो ढाबे पर नहीं जाता था। यदि जाता भी था तो मम्मी से ही चिपका रहता था। मैं काला था एकदम, ठीक है। ढाबे पर होते हैं छोटे बच्चे, ठीक है। सच बताऊं कि कई बार जब मैं हाथ धोने जाता था तो लोग मुझे देखकर बोलने लगते थे कि ये प्लेट ले ले। ये ऑर्डर ले ले।’

हार्दिक ने गौरव की ओर देखते हुए कहा, ‘ऐसे ही होता है ना भाई। यही वजह थी कि मैं मम्मी को छोड़कर नहीं जाता था। बचपन से मैंने बड़ा झेला है।’ हार्दिक की यह बात सुनकर गौरव और क्रुणाल जोर-जोर से हंसने लगे। हार्दिक ने कहा, मैं इंडियन टीम के ड्रेसिंग रूम में भी यह बात कई बार शेयर कर चुका हूं। इतने में ही क्रुणाल हंसते हुए बोले, ‘यदि ढाबे में पांच बच्चे होते हैं, जो काम करते हैं, उसमें भी कैटेगरी होती है। हैंडसम, फिर कम हैंडसम… ऐसा करके। तो उसमें भी यह पांचवां आता था।’

हार्दिक अच्छा बन रहा हो तो समझ लो ‘दाल में कुछ काला’ है

इसके बाद गौरव ने क्रुणाल से पूछा, ‘एक ऐसी चीज बताओ जो इसके (हार्दिक के) फैंस को नहीं पता हो। ईमानदारी से बताना।’ क्रुणाल ने कहा, ‘हार्दिक चीजों को बहुत जल्दी समझ जाता है। यदि यह कोई गलती करे, भले ही यह किसी से बताए नहीं, लेकिन इसको 4-5 मिनट या एक घंटे के अंदर समझ में आ जाएगा कि मैंने वह चीज गलत की थी। उसके बाद यह बहुत अच्छा बनकर उस गलती की भरपाई करेगा। तो अगर हार्दिक पंड्या बहुत ज्यादा अच्छा बन रहा हो तो समझ लो कि भाई ने कोई न कोई गलती की है और उसको अहसास हो गया है।’ क्रुणाल यह कहकर हंसने लगे। उनके साथ गौरव और हार्दिक भी हंसने लगे।

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