अत्यधिक आत्मविश्वास ले डूबा!

भारत और पाकिस्तान के बीच जिस महामुकाबले की उम्मीद की जा रही थी वह पूरी तरह एकतरफा साबित हुआ।

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विराट कोहली। फाइल फोटो।

राजेश राय

भारत और पाकिस्तान के बीच जिस महामुकाबले की उम्मीद की जा रही थी वह पूरी तरह एकतरफा साबित हुआ। पाकिस्तान ने पहली बार टी20 विश्व कप में भारत को 10 विकेट से हराया। भारत का प्रदर्शन इस कदर निराशाजनक रहा कि उसके कट्टर समर्थकों ने एक वक्त के बाद भारत की वापसी की उम्मीद छोड़ दी। कप्तान विराट कोहली ने भी मैच के बाद स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने टीम इंडिया को पूरी तरह धो डाला।

भारत का विश्व कप से पहले पाकिस्तान के खिलाफ 5-0 का रेकार्ड था लेकिन पाकिस्तान ने भारत को जीत का छक्का लगाने का कोई मौका नहीं दिया। भारत का टीम संयोजन ऐसा रहा कि मैदान में कोई संतुलन ही नहीं दिखाई दिया। 10 विकेट की हार ने भारत की कई कमजोरियां भी जाहिर कर दीं। यार्करमैन जसप्रीत बुमराह ने आइपीएल में तो अपना जलवा दिखाया था लेकिन विश्व कप में वह सिरे से अपनी लय से बाहर रहे।

मोहम्मद शमी का तो कोई खौफ ही नजर नहीं आया।भुवनेश्वर कुमार की गेंदों में न तो गति थी और न ही स्विंग। हार्दिक पांड्या को क्यों चुना गया यह समझ से परे है। कंधे की परेशानी के कारण तो उन्होंने पाकिस्तान की पारी में फील्डिंग नहीं की। उनकी जगह ईशान किशन ने मोर्चा संभाला। वरुण चक्रवर्ती को मिस्ट्री स्पिनर के तौर पर पेश किया गया लेकिन उनकी मिस्ट्री कहां थी यह ढूंढना काफी मुश्किल काम था।

रवींद्र जडेजा रक्षात्मक गेंदबाज ज्यादा नजर आए और पाकिस्तानी सलामी बल्लेबाजों पर कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाए। आफ स्पिनर रविचंद्रन आश्विन को छोड़कर वरुण को चुनना भी समझ से बाहर था। भारतीय बल्लेबाजी उसकी ताकत समझी जाती है लेकिन उसकी ताकत ही सिरे से नदारद थी। अभ्यास मैचों और आइपीएल में रन बटोरने वाले रोहित शर्मा और लोकेश राहुल पहले तीन ओवर में ही पवेलियन लौट गए। रोहित पगबाधा हुए जबकि राहुल को बोल्ड आउट किया गया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन आफरीदी ने दोनों ओपनरों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।

अर्धशतक बना चुके विराट को भी आफरीदी ने आखिरी ओवरों में अपना शिकार बनाया और मैच में तीन विकेटों के लिए प्लेयर आॅफ द मैच बने। दरअसल इस मुकाबले में भारत अपने प्रदर्शन से ज्यादा अपने पिछले रेकार्ड पर ज्यादा भरोसा कर रहा था लेकिन पांच वर्षों में भारत ने पाकिस्तान से 2017 की चैंपियंस ट्राफी के फाइनल के अलावा कोई मैच नहीं खेला। उस फाइनल में भी पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने भारत को झकझोर दिया था। जब तक आप किसी टीम के साथ आमने सामने नहीं खेलते तो आप कैसे जान पाएंगे कि विपक्षी टीम के खिलाड़ी कैसे खेलते हैं। इस मुकाबले के लिए पाकिस्तानी टीम पर कोई दबाव नहीं था और उसके खिलाड़ियों ने बेखौफ प्रदर्शन किया ,जिसका नतीजा पूरी दुनिया ने देखा।

भारत को विश्व कप में खिताबी होड़ में बने रहने के लिए 31 अक्तूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना अगला मुकाबला हर हाल में जीतना होगा ,वरना उसकी दावेदारी उसी समय खत्म हो जाएगी क्योंकि भारत के ग्रुप में अफगानिस्तान ने स्काटलैंड को 130 रन से हराने में जैसा प्रदर्शन किया वे बाकी टीमों के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है।

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