ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को आईपीएल नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि उनकी फिटनेस चिंता का विषय रही है और इसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया की टीम ने उनका इस्तेमाल पिछले दिनों काफी सोच-समझकर किया है। अब पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन का मानना है कि अगर वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण ग्रीन केकेआर के लिए पर्याप्त ओवर गेंदबाजी नहीं कर पाते हैं तो टीम के पास उनकी सैलरी कम करने का अधिकार होना चाहिए।
2 ओवर गेंदबाजी करे तो 2 करोड़ सैलरी से काट लें
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि कैमरन ग्रीन को लेकर एक सवाल है। क्या क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उन्हें पूरे चार ओवर गेंदबाजी करने की इजाजत देगा यह भी एक संभावना है। इस स्थिति में ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड ग्रीन से कह रहा है कि वह आईपीएल में खेल सकते हैं, लेकिन हमारे लिए टेस्ट क्रिकेट बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए आप केवल इतना ही वर्कलोड ले सकते हैं। अश्विन ने आगे कहा कि आईपीएल टीमों के पास ऐसा अधिकार होना चाहिए कि अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ 2 ओवर गेंदबाजी करता है तो वो उसके 2 करोड़ रुपये सैलरी में से काट सकें।
अश्विन ने आगे कहा कि क्यों नहीं, अगर वह अपने चार ओवर पूरे नहीं कर पाता तो आपको उसके पैसे काटने का अधिकार होना चाहिए है कि नहीं। जब आप आईपीएल नीलामी में आए थे तो उम्मीद यही थी कि आप पूरे चार ओवर गेंदबाजी करेंगे और बल्लेबाजी भी करेंगे। अगर गेंदबाजी पर कोई रोक नहीं है तो बहुत बढ़िया, लेकिन अगर कोई रोक है तो टीम को कॉन्ट्रैक्ट की रकम में से कटौती करने की इजाजत मिलनी चाहिए। जरा सोचिए अगर आप शाहरुख खान होते और आपने किसी खिलाड़ी के लिए 25 करोड़ रुपये दिए होते, लेकिन फिर वह आकर कहता कि सर, मैं आज सिर्फ एक ओवर डालूंगा या दिन में सिर्फ 10 गेंदें डालूंगा तो आपको कैसा लगेगा।
इससे पहले बद्रीनाथ ने भी ग्रीन के बारे में कहा था कि आपने उसे 25 करोड़ में साइन किया है और वह बुरी तरह से फॉर्म से बाहर है। टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के लिए उसे काफी संघर्ष करना पड़ा। कैमरन ग्रीन को इतनी बड़ी रकम सिर्फ इसलिए मिली क्योंकि उसके बारे में बहुत ज्यादा चर्चा थी। वह इतनी बड़ी रकम का हकदार नहीं है, क्या उसने आईपीएल में अकेले दम पर कुछ भी किया है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बारे में हमेशा बहुत ज्यादा चर्चा होती है और उसे इसी बात का फायदा मिला। मेरा मानना है कि केकेआर का यह फैसला गलत था।
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