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इन 5 वजहों से भारतीय टीम नहीं बन पाई महिला क्रिकेट विश्व कप की क्वीन

बेहद रोमांचक मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड के 228 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम 219 रनों पर सिमट गई।

वर्ल्ड कप में हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों के चेहरों पर मायूसी साफ दिखी।

महिला क्रिकेट विश्व कप में भारत का वर्ल्ड कप जीतने का सपना चकनाचूर हो गया। बेहद रोमांचक मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड के 228 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम 219 रनों पर सिमट गई और इंग्लिश टीम महिला क्रिकेट की क्वीन बन गई। हरमनप्रीत कौर और पूनम राउत की शानदार बल्लेबाजी की। लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सकी। आइए आपको बताते हैं भारतीय टीम की हार के 5 अहम कारण।

इंग्लैंड के टॉप अॉर्डर को न रोक पाना: भारत ने इससे पहले अपने जितने भी मैच जीते, उसमें विपक्षी टीम के टॉप अॉर्डर को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। लेकिन इस मैच में एेसा नहीं हो पाया। इंग्लैंड का पहला विकेट 47 रन के स्कोर पर गिरा। लॉरेन विनफील्ड 24 रन के स्कोर पर 12वें ओवर में राजेश्वरी गायकवाड़ की गेंद पर आउट हुईं। इसके बाद टैमी बीमॉन्ट और हेदर नाइट के आउट होने के बाद इंग्लैंड की पारी सारा टेलर और नेटली सीवर ने संभाल ली।

शिखा पांडे की खराब गेंदबाजी: फाइनल मैच में शिखा पांडे का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इंग्लैंड टीम ने उनकी जमकर धुनाई की। अपने सात ओवरों में उन्होंने 53 रन लुटा दिए और उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला। एक तरफ जहां झुलन गोस्वामी रन रोकने और विकेट लेने का काम रही थीं तो दूसरी ओर शिखा पांडे अच्छा प्रदर्शन कर पाने में नाकाम रहीं।

डेथ ओवरों में विकेट न मिलना: सारा टेलर और नेटली सीवर की पांचवे विकेट के लिए 83 रनों की साझेदारी के बाद महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली झुलन गोस्वामी ने तीन ओवरों में तीन विकेट चटकाए। उस वक्त इंग्लैंड का स्कोर 164 रन पर 6 विकेट था। लेकिन 40वें ओवर में झुलन का स्पेल खत्म होने के बाद कोई भी भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के खिलाड़ियों को रोक नहीं पाई। कैथरीन ब्रूंट के 34 और जेनी गन के 25 रनों की बदौलत इंग्लैंड 228 के स्कोर तक पहुंच गया।

स्मृति फिर रहीं फेल: जिस अंदाज से स्मृति मंधाना ने इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी, वह उसे बरकरार नहीं रख पाईं। फाइनल में उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन वह शून्य पर ही आउट हो गईं। पहले दो मैचों में उन्होंने 196 रन बनाए, लेकिन अगले 7 मैचों में कुल 36 रन ही बना पाईं।

निचला अॉर्डर चरमराया: जिस वक्त पूनम राउत और वेदा कृष्णामूर्ति की 53 रनों की साझेदारी टूटी तब भारत के 7 विकेट बाकी थे और रन बनाने थे कुल 38। लेकिन इनके बाद कोई भी टिककर बल्लेबाजी नहीं कर पाया और 219 के स्कोर पर राजेश्वरी गायकवाड़ को आउट करते ही इंग्लैंड टीम जश्न मनाने लगी।

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