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2011 वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स था? सच्चाई जानने को श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री से पूछताछ करेगी आईसीसी

श्रीलंका के तत्कालीन कप्तान कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने अपने देश के पूर्व खेल मंत्री के आरोपों को नकार दिया है। दोनों का कहना है कि महिंदानंदा अलुथगामगे को आईसीसी से शिकायत करनी चाहिए।

दो अप्रैल 2011 को महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को 28 साल बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनाया था। आज भी लोगों की आखों में धोनी के उस हेलिकॉप्टर शॉट की तस्वीरें कैद हैं। हालांकि, श्रीलंका के खिलाफ हुए मैच फाइनल मैच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री महिंदानंदा अलुथगामगे ने आरोप लगाया है कि वह मैच फिक्स था। श्रीलंकाई क्रिकेटरों ने वर्ल्ड कप बेच दिया था।

श्रीलंका के तत्कालीन कप्तान कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने उन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। दोनों क्रिकेटरों ने कहा था कि यदि सबूत है तो सार्वजनिक रूप से कहने की बजाय उन्हें (महिंदानंदा अलुथगामगे) को आईसीसी से शिकायत करनी चाहिए। महिंदानंदा अलुथगामगे ने शिकायत की या नहीं, इसका तो पता नहीं, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) इस मामले को लेकर संजीदा दिख रही है। उसने इस संबंध में एक बड़ा कदम उठाया है। वह मामले की जांच करने और महिंदानंदा अलुथगामगे से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

न्यूज वायर से बातचीत में आईसीसी के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘हम इस मामले में महिंदानंदा से बात करेंगे। हम देखेंगे कि यह मामला जांच के लायक है या नहीं।’ 2011 वर्ल्ड कप के समय महिंदानंदा अलुथगामगे श्रीलंका के खेल मंत्री थे। उन्होंने फाइनल मैच से पहले चुनी गई टीम पर सवाल भी खड़े किये थे। श्रीलंका ने फाइनल से पहले अपनी टीम में चार बदलाव किए थे। महिंदानंदा अलुथगामगे ने आरोप लगाया था कि टीम में चार बदलाव करने से पहले किसी से नहीं पूछा गया।

जयवर्धने और संगकारा के अलावा श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज अरविंद डिसिल्वा महिंदानंदा अलुथगामगे के आरोपों से इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने कहा कि संतुष्टि के लिए जांच कराने में कोई दिक्कत नहीं। डिसिल्वा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि सचिन तेंदुलकर और करोड़ों भारतीय फैंस के लिए भारत सरकार, बीसीसीआई और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को इसकी निष्‍पक्ष जांच करनी चाहिए।’ भारत ने साल 2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर वर्ल्‍ड कप जीता था। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर का अधूरा सपना भी पूरा हो गया था।

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