पाकिस्तान की महिला टीम की बैटर सिद्रा अमीन को आईसीसी ने आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है। रविवार को पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका की महिला टीमों के बीच खेले गए पहले वनडे मैच में सिद्रा को लेवल 1 के आरोप का दोषी पाया गया। इसके तहत आईसीसी ने पाकिस्तानी बैटर को सजा भी सुनाई है। वहीं 2 साल के अंदर सिद्रा को दूसरी बार आईसीसी ने दंडित किया है।

आईसीसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सिद्रा अमीन को अनुच्छेद 2.2 के तहत आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया। इस अनुच्छेद में किसी खिलाड़ी द्वारा क्रिकेट से जुड़ी चीजें, कपड़े या मैदान कि किसी चीज को नुकसान पहुंचाने के हिंसक कृत्य शामिल होते हैं।

क्या था पूरा मामला?

अगर पूरे मामले की बात करें तो पाकिस्तान की पारी के दौरान 24वें ओवर का यह मामला था। सिद्रा अमीन ने आउट होने के बाद गुस्से में अपना बल्ला मैदान पर मारा था। इससे पहले भी भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप के दौरान अक्टूबर 2025 में सिद्रा को मिलते-जुलते मामले में आईसीसी ने सजा सुनाई थी

ICC ने सुनाई पाकिस्तानी खिलाड़ी को सजा

इस मामले में आरोप लगने के बाद सिद्रा ने उन्हें स्वीकारा। मैच रेफ्री शांड्रे फ्रिट्ज ने इस आरोप की स्वीकृति के बाद आगे की सुनवाई को टाला। फील्ड अंपायर्स केरिन क्लास्टे और निमाली परेरा व थर्ड अंपायर लॉरेन अगेनबैग ने सिद्रा के ऊपर यह आरोप लगाए थे। लेवल 1 के यह आरोप सिद्ध होने के बाद आईसीसी द्वारा सिद्रा अमीन को फटकार लगाई गई।

वहीं उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगा और साथ ही एक डिमेरिट अंक भी दिया गया। यह पिछले 24 महीने में सिद्रा का दूसरा अपराध है और अब उनके कुल दो डिमेरिट अंक हो चुके हैं। आपको बता दें कि अगर किसी खिलाड़ी पर दो साल में कुल 4 या उससे अधिक डिमेरिट अंक होते हैं तो उसके ऊपर एक या दो मैचों का प्रतिबंध भी लगाया जाता है।

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