इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के हॉल ऑफ फेम में भारत के दो दिग्गज खिलाड़ी सौरव गांगुली और अंजुम चोपड़ा को जगह मिली है। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन को भी इसमें शामिल किया गया है। इसकी घोषणा एडिनबर्ग में एक समारोह में की गई। तीनों के शामिल होने से आईसीसी हॉल ऑफ फेम के सदस्यों की कुल संख्या 125 हो गई है।

भारत के सबसे अच्छे कप्तानों में से एक माने जाने वाले गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 वनडे खेले। उन्होंने 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट करियर शुरू किया और अपने पहले दो टेस्ट में दो शतक जड़े। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 42.17 के औसत से 7212 रन बनाए। वनडे में 41.02 के औसत से 11,363 रन बनाए। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ शानदार ओपनिंग साझेदारी की। दोनों ने 136 बार एक साथ ओपनिंग की।

गांगुली की कप्तानी में भारत का शानदार प्रदर्शन

इसमें 21 शतकीय साझेदारियों के साथ रिकॉर्ड 6609 रन जोड़े। भारतीय क्रिकेट में गांगुली का सबसे बड़ा योगदान कप्तान के तौर पर रहा। उन्होंने 2000 के मैच फिक्सिंग के बाद टीम की कमान संभाली और भारत को विदेश में अच्छा प्रदर्शन करना सिखाया। गांगुली की कप्तानी में भारत ने 2002 में इंग्लैंड में नेटवेस्ट सीरीज जीती और उसी साल बाद में चैंपियंस ट्रॉफी के सह-विजेता रही।

गांगुली की कप्तानी

2003 में गांगुली की कप्तानी में टीम वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल खेली। वह ऑस्ट्रेलिया से हार गई। टेस्ट क्रिकेट में गांगुली की अगुआई वाली टीम ने 2000-01 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतकर ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ रोका। फिर 2003-04 में ऑस्ट्रेलिया में सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही।

अंजुम चोपड़ा

अंजुम चोपड़ा ने तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी की है। उन्होंने 1995 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वह वनडे में 1000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला थीं। वह 100 वनडे खेलने वाली पहली महिला खिलाड़ी थीं। उन्होंने 2000 और 2005 के वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत के लिए खास योगदान दिया। कुल मिलाकर उन्होंने 127 वनडे में 2856 रन बनाए। उन्होंने 12 टेस्ट खेले। इसमें 548 रन बनाए। इसमें उनका बेस्ट स्कोर 98 रन था। उन्होंने 2002 में साउथ अफ्रीका में भारत को विदेशी टेस्ट में भी जीत दिलाई।

केविन पीटरसन

इंग्लैंड के लिए पीटरसन ने 104 टेस्ट खेले। इसमें उन्होंने 47.28 के औसत से 8181 रन बनाए। अपनी पहली ही टेस्ट सीरीज 2005 एशेज में उन्होंने सीरीज के आखिरी दिन द ओवल में 158 रनों की शानदार पारी खेलकर इंग्लैंड को 17 साल बाद एशेज ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई। 2012-13 में पीटरसन ने 28 साल बाद भारत में इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज जीतने में भी अहम भूमिका निभाई। स्विच हिट सहित अपने शानदार स्ट्रोकप्ले के लिए जाने जाने वाले पीटरसन ने 136 वनडे मैचों में 4440 रन भी बनाए। वह इंग्लैंड की 2010 टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने पर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे।

हीथर नाइट ने किया संन्यास का ऐलान

9 साल में हीथर नाइट ने 199 मैचों में इंग्लैंड की कमान संभाली, लेकिन पिछले साल एशेज में ऑस्ट्रेलिया से इंग्लैंड की 16-0 से सभी फॉर्मेट में हार के बाद कप्तानी गंवा दी। पूरी खबर पढ़ें