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फिरोजशाह कोटला पर खास रहा शतक बनानाः रहाणे

भारतीय बल्लेबाज अजिंक्ये रहाणे का कहना है कि फीरोजशाह कोटला पर उनका शतक बनाना खस रहा।

Author नई दिल्ली | December 7, 2015 2:04 PM

भारतीय बल्लेबाज अजिंक्ये रहाणे का कहना है कि फीरोजशाह कोटला पर उनका शतक बनाना खस रहा। भारतीय धरती पर मेरा यह पहला शतक है और इसे भी इत्तफाक ही कहेंगे कि फीरोजशाह कोटला से ही मैंने अपने टैस्ट करिअर का आगाज किया था। रहाणे ने कहा कि इसलिए मेरे लिए यह शतक खास है। उन्होंने कहा कि मैंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली में ही पदार्पण किया था। इसलिए मेरे दिमाग में कई बातें थीं।

आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच की वे यादें ताजा हुर्इं और शायद इसी वजह से मैंने तय किया कि यहां लंबी पारी खेलूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे लिए सबसे महत्त्वपूर्ण था क्रीज पर समय बिताना और लंबी पारी खेलना था। इसलिए मैं शतक बनाने के साथ अश्विन, विराट और जडेजा के साथ साझेदारी निभाकर खुश हूं। इसी वजह से हम 334 रन बना सके। रहाणे इस सीरीज में शतक जमाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो मैं कुछ और नहीं सोचना चाहता था। मैं एक बार में एक गेंद पर ध्यान दे रहा था। मैं अन्य बल्लेबाजों के साथ साझेदारी निभाना चाहता था। मुझे सचमुच अश्विन के साथ बल्लेबाजी करते हुए शतक पूरा करने में काफी मजा आया।

रहाणे के मुताबिक पहले दो टैस्ट में मैंने शुरू में शाट खेलने पर ध्यान दिया, इसलिए आउट हुआ। मैं जानता था कि मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं। मैंने संजय बांगड़ और रवि शास्त्री से बात की और उन्होंने कहा कि शुरू में क्रीज पर पांव जमाने पर ध्यान दो और एक बार में एक गेंद के बारे में सोचो।अगर आप 25 से 30 रन तक पहुंच जाओ तो फिर तुम अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी कर सकते हो। इस कलात्मक बल्लेबाज ने कहा कि तकनीकी और मानसिक तौर पर कुछ भी गड़बड़ी नहीं है। मैं आते ही शाट खेलने की कोशिश कर रहा था।

यहां मैंने समय लिया और जितना संभव हो सका अपने शरीर के करीब से खेलने की कोशिश की और ढीली गेंदों का इंतजार किया। रहाणे ने कहा कि उन्होंने पिच की स्थिति को लेकर चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि हम इस बारे में नहीं सोच रहे थे। ड्रेसिंग रू म में हम विकेट को लेकर बात नहीं कर रहे हैं। हमारे लिए मैच और सीरीज जीतना महत्त्वपूर्ण है। विकेट में कुछ भी गलत नहीं है। इसका श्रेय गेंदबाजों खास कर उमेश और इशांत को देना चाहिए। इस विकेट पर शाट जमाना आसान नहीं था लेकिन एक बार जमने के बाद आउट होना मुश्किल था। गेंदबाजों के लिए जमे हुए बल्लेबाज को आउट करना मुश्किल था। हमारे गेंदबाजों ने पूरे अनुशासन और संयम के साथ गेंदबाजी की।

रहाणे ने अश्विन और निचले क्रम के बल्लेबाजों के प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह अच्छा संकेत है कि निचले क्रम के बल्लेबाज अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। अश्विन और उमेश के बीच नौवें विकेट के लिए बने 38 रन महत्त्वपूर्ण थे। अश्विन अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने टैस्ट में दो शतक भी जमाए हैं। एक बार फिर रहाणे से सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टिप्पणी पर सवाल किया गया जिसमें उन्होंने इस बल्लेबाज के सीमित ओवरों में योग्यता पर सवाल उठाया था। रहाणे से पूछा गया कि यदि धोनी की टिप्पणी से उन पर किसी तरह का प्रभाव पड़ा, उन्होंने कहा- नहीं कभी नहीं। मेरा काम क्रिकेट खेलना और हर दिन सुधार करना है। मैं कभी इस पर नहीं सोचता कि दूसरे क्या बोल रहे है लेकिन मैं उनकी टिप्पणियों पर गौर करता हूं और सुधार करने की कोशिश करता हूं। रहाणे से पूछा गया कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका को फालोआन के लिए क्यों नहीं कहा तो उन्होंने कहा कि यह टीम प्रबंधन का फैसला था। कप्तान ने जो फैसला किया, हम सब उसका समर्थन करते हैं।

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