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धोनी की नाकामी: टीम से बाहर चल रहे गौतम गंभीर भी बहस में कूदे

गंभीर से पहले भारतीय टीम के कप्तान ने भी धोनी की नाकामी पर बखेड़ा बनाने वालों का मुंह बंद किया। उन्होंने कहा कि वह अभी भी टीम के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं।

भारतीय टीम से बाहर चल रहे बल्लेबाज गौतम गंभीर ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आलोचकों को करारा जवाब दिया है। (फोटोः फेसबुक)

न्यूजीलैंड संग दूसरे टी20 में महेंद्र सिंह धोनी 50 रन भी नहीं बना पाए थे। पूर्व भारतीय कप्तान के इस मैच में प्रदर्शन को लेकर सवालिया निशान लगे थे। देश के पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी आलोचना कर नई बहस को जन्म दिया था। हालांकि, बाद में कुछ ने उनका पक्ष भी लिया था। अब उसी बहस में कूदने वालों में ताजा नाम गौतम गंभीर का है। टीम से बाहर चल रहे क्रिकेटर ने धोनी का पक्ष लिया है और उनके आलोचकों को करारा जवाब दिया है।

कोलकाता नाइट राइडर के साप्ताहिक टीवी शो नाइट क्लब में गंभीर बोले, “आपको श्रेय देना चाहिए (जहां बकाया हो)। लोगों ने उनकी (माही) कप्तानी की आलोचना की। उन्होंने जो भारतीय टीम के लिए किया, बुहत सारे लोग वे चीजें नहीं कर पाए। उन्होंने जब टीम की लड़खड़ाती हालत को संभाला। अच्छा वक्त तो संभाल आसान होता है। लेकिन जिस तरह वह बुरे दौर से निपटे, वह असाधारण है। खासकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड (2011-12) के साथ हुए मैचों पर भी वह बेहद शांत थे, जैसे कि वह आमतौर पर रहते हैं। वह ज्यादा जज्बात जाहिर नहीं करते। मुझे लगता है कि इसके लिए ढेर सारा श्रेय माही को जाता है।”

उन्होंने आगे बताया, “मैं सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग और धोनी के मार्गदर्शन में खेला। मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा मैंने धोनी की कप्तानी में खेल का आनंद लिया। हमने खूब मौज की। हम एक ही उम्र सीमा के आसपास के हैं। वह हमेशा मस्त रहते हैं। वह हर चीज को बेहद सामान्य रखा, जो कि सबसे अच्छी बात थी।”

गंभीर से पहले भारतीय टीम के कप्तान ने भी धोनी की नाकामी पर बखेड़ा बनाने वालों का मुंह बंद किया। उन्होंने कहा कि वह अभी भी टीम के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं। राजकोट में हुए दूसरे टी20 मैच में धोनी ने 37 गेंदों पर 49 रन बनाए थे, जिसमें उन्होंने कई डॉट गेंदे भी खेली थीं। मैच के बाद वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर ने उन्हें अप्रत्यक्ष तौर पर टी20 सरीखे शॉर्ट फॉर्मेट को अलविदा कहने की सलाह दी थी। पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इस पर धोनी का पक्ष लिया था और कहा था कि जब खिलाड़ी 30 साल के पार हो जाता है, तो सबको उसमें खामियां नजर आती हैं।

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