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मैं खुद को 10 में से 8 अंक देता हूं: विश्वनाथन आनंद

पिछले दो साल में भले ही वह कोई विश्व खिताब नहीं जीत सके हों लेकिन भारत के धुरंधर शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद अपने प्रदर्शन से खुश हैं और उन्होंने खुद को दस में से आठ अंक दिए। विश्व चैंपियनशिप मुकाबले में मैग्नस कार्लसन के हाथों लगातार दूसरी हार के बाद आनंद ने लंदन क्लासिक खिताब […]

Author December 22, 2014 11:17 AM
भारत के धुरंधर शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद अपने प्रदर्शन से खुश हैं और उन्होंने खुद को दस में से आठ अंक दिए। (फोटो: फाइल)

पिछले दो साल में भले ही वह कोई विश्व खिताब नहीं जीत सके हों लेकिन भारत के धुरंधर शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद अपने प्रदर्शन से खुश हैं और उन्होंने खुद को दस में से आठ अंक दिए।

विश्व चैंपियनशिप मुकाबले में मैग्नस कार्लसन के हाथों लगातार दूसरी हार के बाद आनंद ने लंदन क्लासिक खिताब जीतकर साल का शानदार अंत किया। उन्होंने कहा, ‘ 2014 अच्छा रहा क्योंकि मुझे जरू रत पड़ने पर ब्रेक मिले और मैंने जीत भी दर्ज की । हर समय झूठी सकारात्मकता दिखाना मुश्किल होता है लेकिन नतीजे अच्छे होने पर दिखावे की जरू रत नहीं। आप स्वत: खुश हो जाते हैं।’

आनंद ने कहा, ‘मैं 2014 में दस में से खुद को आठ अंक दूंगा। पिछले दो-तीन साल की बात करें तो यह अधिक होगा। उन्होंने कहा कि उनकी नजरें अगले साल पर हैं और वह इसमें कई टूर्नामेंट खेलेंगे। उन्होंने एनआइआइटी के आयोजित समारोह में कहा कि मैंने तीन टूर्नामेंट जीते लिहाजा यह साल अच्छा रहा। मैं फिर शतरंज खेलकर बहुत खुश हूं। अगले साल का मुझे बेताबी से इंतजार है। अगले साल मैं फरवरी में जर्मनी और ज्यूरिख में दो टूर्नामेंट खेलूंगा जिसमें अधिकांश शीर्ष खिलाड़ी भाग लेंगे। मैं अगले साल हर महीने खेलूंगा। अगले साल कोई विश्व चैंपियनशिप नहीं है लिहाजा मुझे अधिक टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलेगा।’

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आनंद ने कहा कि इस साल मार्च में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में मिली जीत से उनके करियर को नया जीवन मिला। उन्होंने कहा, ‘इस साल मैंने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता जो पिछले एक साल में जीता पहला टूर्नामेंट था। उस समय मैं अच्छे नतीजे के इंतजार में था क्योंकि तब तक खराब नतीजों की सफाई देकर थक चुका था। उसके बाद मैंने बिलबाओ और लंदन में अच्छा प्रदर्शन किया। मैं मौके गंवाने से खुश नहीं था लेकिन इसके बारे में नहीं सोचना चाहता। कुल मिलाकर मैं सकारात्मक महसूस कर रहा हूं और खुश हूं।’

मुझमें शतरंज के प्रति नई भूख जाग गई है : पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने कहा कि उनमें शतरंज के प्रति नई भूख जाग गई है और वह साल 2015 की स्पर्धाओं में जुझारू जज्बे से भाग लेने को उत्सुक हैं।

आनंद ने दुनिया की अग्रणी प्रतिभा विकास कंपनी एनआइआइटी के एक कार्यक्रम मे हिस्सा लेने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे लगता है कि मुझमें शतरंज खेलने की नई भूख जाग उठी है। मैं साल 2015 में कई स्पर्धाओं में जुझारू भावना से भाग लेने के बारे में उत्सुक हूं।’

इस साल आनंद को विश्व शतरंज चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले में नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन के हाथों लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन उन्होेंने लंदन शतरंज क्लासिक प्रतियोगिता जीतकर शह और मात के खेल में शानदार वापसी की।

कार्लसन से लगातार दूसरी बार हारने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर भारत के शीर्ष शतरंज खिलाड़ी ने कहा, ‘विश्व शतरंज चैंपियनशिप में कार्लसन से मेरे दोनों खिताबी मुकाबले अलग-अलग थे। हालांकि, मैं पीछे मुड़कर नहीं देख रहा हूं।’

शतरंज के 45 साल के ‘ग्रैंडमास्टर’ ने कहा, ‘मैंने कुछ ही दिन पहले लंदन शतरंज क्लासिक प्रतियोगिता जीती है। अब मैं अगले साल होने वाली प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं।’

आनंद ने शहर के प्रतिष्ठित स्कूल ‘डेली कॉलेज’ में एनआइआइटी के कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में ज्यादा से ज्यादा स्कूली बच्चों को शतरंज खेलने के प्रति प्रेरित कर प्रशिक्षण देने की जरूरत है।

 

 

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