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‘मैं उन कप्तानों में नहीं जो डंडा लेकर खिलाड़ियों के पीछे पड़ा रहूं,’ कैप्टेंसी करने की तरीके को लेकर बोले रोहित शर्मा

उन्होंने कहा, ‘मुझे खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने के लिये उचित संतुलन तलाशना था। मैं उन कप्तानों में नहीं हूं जो खिलाड़ियों के पीछे पड़ा रहे। उनमें आत्मविश्वास भरना महत्वपूर्ण है।’

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: November 11, 2020 6:56 PM
Rohit Sharma IPL 2020 Team Mates

रोहित शर्मा का मानना है कि उनकी नेतृत्व की शैली तानाशाही नहीं है, जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुंबई इंडियंस की शानदार सफलता के पीछे का कारण है। रोहित ने मंगलवार रात मैच के बाद प्रस्तुति समारोह में यह पूछने पर कि वह किस तरह के कप्तान हैं, कहा, ‘मैं वैसा कप्तान नहीं हूं, जो खिलाड़ियों के पीछे छड़ी लेकर पड़ा रहूं। केवल एक ही तरीका है कि आप उन्हें विश्वास दिलाकर रहें, इसलिए आपको उसी सही संतुलन चुनना होगा।’

रोहित ने 5वीं बार आईपीएल खिताब जीतने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जीत की आदत बनाये रखना महत्वपूर्ण था जिसमें उनकी टीम सफल रही। मुंबई ने फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स को पांच विकेट से हराकर पिछले 8 साल में 5वीं बार आईपीएल का खिताब जीता और रोहित ने कहा कि पूरे सत्र में वह टीम के प्रदर्शन से खुश हैं। रोहित ने कहा, ‘जिस तरह से पूरे सत्र में हमारी टीम ने प्रदर्शन किया उससे मैं बहुत खुश हूं। मैंने टूर्नामेंट के शुरू में कहा था कि हमें जीत की आदत बनाए रखने की जरूरत है। हम इससे अधिक की उम्मीद नहीं कर सकते थे। हमने पहली गेंद से अपने प्रयास शुरू किये और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। सहयोगी स्टाफ को भी बहुत श्रेय जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने के लिये उचित संतुलन तलाशना था। मैं उन कप्तानों में नहीं हूं जो खिलाड़ियों के पीछे पड़ा रहे। उनमें आत्मविश्वास भरना महत्वपूर्ण है। क्रुणाल, हार्दिक और पोलार्ड लंबे समय से अपनी भूमिका निभा रहे हैं और वे जानते हैं कि उन्हें क्या करना है।’ मुंबई इंडियंस ने फाइनल में राहुल चाहर को अंतिम एकादश में नहीं रखा और रोहित ने इसे रणनीतिक फैसला बताया।

उन्होंने कहा, ‘राहुल आज नहीं खेल पाया और ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी था कि वह यह समझे कि उसने कुछ गलत नहीं किया और यह रणनीतिक चाल थी। हमने यह भी सुनिश्चित किया कि सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलें।’ रोहित को रन आउट होने से बचाने के लिए सूर्यकुमार ने अपना विकेट गंवाया। इस बारे में मुंबई के कप्तान ने कहा, ‘वह जिस तरह की फार्म में है मुझे उसके लिये अपना विकेट गंवाना चाहिए था। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उसने बेहतरीन बल्लेबाजी की।’

मुंबई इंडियंस के कोच माहेला जयवर्धने ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों पर शुरू से किसी तरह का दबाव नहीं बनाया और उन्हें स्वच्छंद होकर खेलने की छूट दी। जयवर्धने कहा, ‘हमने बहुत अच्छी तैयारियां की थी और हमने चीजों को अच्छी तरह से व्यवस्थित किया और यह सुनिश्चित किया कि खिलाड़ियों पर किसी तरह का दबाव नहीं बने। लंबे शॉट लगाना मुंबई के डीएनए में है। हमने इस बार संतुलन स्थापित करने की कोशिश की।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा काम खिलाड़ियों की मदद करने और उन्हें उनकी भूमिका समझाने की है। हमारी टीम में कई नेतृत्वकर्ता है और शानदार सहयोगी स्टाफ है जिन्होंने हर समय मदद की।’

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