भारत के लिए श्रीलंका दौरा हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है और एक बार फिर से भारत और श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले दो मैचों की टेस्ट सीरीज में कांटे के मुकाबले देखने को मिलेंगे। हालांकि भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेले गए हैं जिसमें से भारत को 10 में जीत मिली है जबकि 3 सीरीज श्रीलंका ने जीते हैं तो वहीं 4 टेस्ट सीरीज ड्रॉ रहे हैं। यानी आंकड़े तो पूरी तरह से भारत के पक्ष में हैं, लेकिन इस बार टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के लिए अलग तरह की चुनौती होगी और भारत को जीत के लिए पूरा जोर लगाना होगा।
भारतीय टीम इस वक्त बदलाव के दौर से गुजर रही है और श्रीलंका दौरे से पहले भारत को अपनी धरती पर भी कुछ टेस्ट सीरीज में हार मिली है। यही नहीं इस वक्त भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी मौजूद नहीं हैं जो टीम के अहम खिलाड़ी हैं साथ ही कुछ अन्य खिलाड़ी भी चोटिल हैं जिसकी वजह से भारतीय टीम परेशानी में तो नजर आ रही है। इसके अलावा भारतीय बल्लेबाज अब स्पिनर को ज्यादा बेहतर तरीके से नहीं खेल पाते हैं। इन सारी बातों के बीच अगर भारत को श्रीलंका को टेस्ट सीरीज में हराना है तो ये 5 काम उन्हें करने होंगे।
स्पिनर के खिलाफ आक्रामक रवैया
इसमें कोई शक नहीं है कि भारतीय बल्लेबाजों को श्रीलंकाई स्पिनर कड़ी चुनौती देंगे और इससे पार पाने के लिए भारतीय टीम के बैटर्स को स्पिनर के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाना होगा। भारतीय बल्लेबाजों ने अगर स्पिनर के खिलाफ रक्षात्मक रवैया अपनाया तो वो बैकफुट पर जा सकते हैं। भारतीय बल्लेबाजों को सही फुटवर्क का इस्तेमाल करते हुए स्पिनर्स की लय बिगाड़ने की कोशिश करनी होगी साथ ही साथ स्वीप, रिवर्स स्वीप और कदमों का सही इस्तेमाल करके बाउंड्री के विकल्प तलाशने होंगे।
तेज गेंदबाजों को करना होगा नई गेंद का सही इस्तेमाल
भारतीय तेज गेंदबाजों को श्रीलंकाई बल्लेबाजों के खिलाफ नई गेंद का सही इस्तेमाल करना होगा और शुरुआत में ही विकेट निकालने होंगे। भारतीय तेज गेंदबाज रिवर्स स्विंग का सही उपयोग करके विरोधी टीम के बल्लेबाजों पर हावी हो सकते हैं। हालांकि धीमी और स्पिन के अनुकूल पिचों पर तेज गेंदबाजों के लिए गेंदबाजी बड़ी चुनौती होगी, लेकिन मोहम्मद सिराज और अन्य पेसरों को नई गेंद से शुरुआती झटके देने ही होंगे। वहीं जब गेंद पुरानी हो जाए तब रिवर्स स्विंग का फायदा उठाकर मध्यक्रम के बल्लेबाजों को आउट करना महत्वपूर्ण होगा।
पहली पारी में बनाना होगा बड़ा स्कोर
भारतीय टीम अगर श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीत जाती है तो यहां पर पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद रहेगा। श्रीलंका में आमतौर पर पहले दो दिन बल्लेबाजों को मदद मिलती है ऐसे में भारतीय बल्लेबाज अगर पहली पारी में बड़ा स्कोर कर पाने में सफल हो जाते हैं तो वो श्रीलंका पर दवाब बना सकते हैं और जीत की संभावना बनेगी। भारत को पहली पारी में बैटिंग करते हुए कम से कम 350-400 रन का स्कोर बनाना होगा। भारतीय बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी और केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल जैसे बैटर्स को बड़ी पारियां खेलनी होगी।
सही प्लेइंग इलेवन का चयन और क्लच फील्डिंग
भारत को पिच के हिसाब से सही प्लेइंग इलेवन का चयन करना होगा और ये जीत की सबसे बड़ी कुंजी होगी। भारत को अपनी प्लेइंग इलेवन में पिच के हिसाब से स्पिनर, तेज गेंदबाजों या फिर ऑलराउंडर को शामिल करना होगा। वहीं श्रीलंका में स्पिन को मदद देने वाली पिचों पर स्लिप, सिली पॉइंट, शॉर्ट लेग पर कैचिंग क्षमता सबसे बड़ी अंतर पैदा करती है इसलिए फील्डिंग में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। पिछले दिनों भारतीय टीम की फील्डिंग काफी खराब रही है जिस पर खूब ध्यान देने की जरूरत है।
निचले क्रम के बल्लेबाजों को लेनी होगी जिम्मेदारी
कई बार देखा गया है कि निचले क्रम के बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए 40-50 रन टेस्ट मैच में बड़ा अंतर पैदा कर देते हैं। गॉल या एसएससीज जैसे मैदानों पर अगर निचले क्रम बल्लेबाज अच्छा खेल जाते हैं तो तो विरोधी टीम के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। भारतीय ऑलराउंडर्स और निचले क्रम के बल्लेबाजों को कोशिश करनी होगी कि वो क्रीज पर टिकें और टीम के लिए कुछ रन बनाएं जिससे की दवाब सामने वाली टीम पर बने। हालांकि भारतीय बल्लेबाजी में गहराई है और निचले क्रम के बल्लेबाज कुछ अहम रन टीम के लिए जुटा सकते हैं।
सचिन के 203 रन, रैना का डेब्यू टेस्ट शतक, सहवाग के 99 रन, फिर भी नहीं जीता था भारत; श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया ने बनाए थे 707 रन
श्रीलंका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर ने जिस टेस्ट मैच में 203 रन की पारी खेली थी और सुरेश रैना ने भी शतक लगाया था उस मुकाबले में भारत को जीत नहीं मिली थी। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग 99 रन पर आउट हो गए थे और अपने शतक से सिर्फ एक रन से चूक गए थे। (इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
