भारतीय महिला हॉकी टीम ने मंगलवार (18 अगस्त) को दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। सुनीता टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका, लालरेम्सियामी और साक्षी रानी ने गोल करके भारत को वर्ल्ड कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दिलाई। इस जीत से साथ ग्रुप डी में भारत शीर्ष पर पहुंच गया।

दक्षिण अफ्रीका के लिए चौथे क्वार्टर में कायला डी वाल ने एकमात्र गोल किया। भारतीय टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ इस मुकाबले में उतरी थी, क्योंकि उसने अपने शुरुआती मैच में ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन को 2-2 से बराबरी पर रोका था। अब उनका अगला मुकाबला इंग्लैंड से होगा। वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 के पहले एडिशन में रहा था, जब कप्तान अजिंदर कौर की अगुआई में टीम चौथे स्थान पर रही थीं।

दूसरे क्वार्टर में 3-0 से आगे हुआ भारत

पहले क्वार्टर में स्कोर 1-0 था। भारत के लिए सुनीता टोप्पो ने गोल किया। पहला क्वार्टर खत्म होने से ठीक पहले इशिका चौधरी को ग्रीन कार्ड मिला। हालांकि, भारत को इससे बहुत दिक्कत नहीं हुई। भारत के लिए दूसरा गोल नवनीत कौर ने दूसरे क्वार्टर में किया। उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। दूसरे ही क्वार्टर में भारत की बढ़त 3-0 हो गई। सुशीला चानू ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।

तीसरे क्वार्टर में 3 गोल

भारत से लिए चौथा गोल दीपिका ने तीसरे क्वार्टर में किया। इसके कुछ देर बाद लालरेम्सियामी ने गोल कर दिया। तीसरे क्वार्टर के बाद भारत 6-0 से आगे हो गया। इस क्वार्टर के समाप्त होने से 40 सेकेंड पहले साक्षी रानी ने गोल किया। चौथे क्वार्टर में भारत गोल नहीं कर पाया। साउथ अफ्रीका के लिए पेनल्टी कॉर्नर से कायला डी वाल ने गोल किया।

भारत की उम्मीदें बढ़ीं

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत भारत की उम्मीदें अगले राउंड में जाने के लिए बढ़ गई हैं। टूर्नामेंट के फॉर्मेट के अनुसार, सेमीफाइनल की दौड़ के लिए हर पूल की टॉप दो टीमों को चार-चार टीमों वाले दो ग्रुप (E और F) में बांटा जाएगा। हर टीम उन विरोधी टीमों के खिलाफ मैच खेलेगी, जिनका सामना उसने पहले राउंड में नहीं किया था।

इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हराया

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार झेलनी पड़ी। अब टीम इंडिया का अगला मुकाबला 19 अगस्त को पाकिस्तान के साथ होगा और यह आखिरी लीग मैच भी होगा। पूरी खबर पढ़ें