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IPL में विदेशी कोचों की भरमार से खुश नहीं दिलीप वेंगसरकर, कहा- यह वक्त भारतीय कोचों को मौका देने का

इससे पहले अनिल कुंबले ने कहा था, ‘मैं इसका जवाब नहीं दे सकता कि क्यों दूसरी टीमों में भारतीय हेड कोच नहीं है। यह विडंबना है कि इंडियन लीग में केवल एक ही भारतीय मुख्य कोच है।’

Dilip Vengsarkarदिलीप वेंगसरकर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और चयनसमिति के चेयरमैन रह चुके हैं।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में विदेशी कोच का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। अभी हाल ही में टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज गेंदबाज और मुख्य कोच रहे अनिल कुंबले ने इस मामले में अपनी राय रखी थी। कुंबले ने वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था, ‘मैं आईपीएल में अधिक भारतीय कोचों को देखना चाहूंगा।’ अब इस मुद्दे पर लीजंड और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने अपना मत प्रकट किया है। वे आईपीएल में विदेशी कोचों की भरमार से नाखुश हैं। वेंगसरकर ने भारतीय कोचों को अधिक मौके देने की वकालत की है।

वेंगसरकर का मानना है कि विदेशी कोच के बजाय आईपीएल फ्रैंचाइजीज को भारतीय कोच का चयन करना चाहिए। इस सीजन आईपीएल में केवल किंग्स इलेवन पंजाब इकलौती टीम है, जिसका मुख्य कोच कोई भारतीय है। पंजाब ने कुंबले को इस पद पर नियुक्त किया है। गल्फ न्यूज ने वेंगसरकर के हवाले से लिखा, ‘मुझे लगता है कि आईपीएल टीमों में भारतीय कोचों को कोचिंग करनी चाहिए, क्योंकि उनके पास अनुभव है। वे राज्य की टीमों को भी शानदार कोचिंग दे रहे हैं। इससे इतर हम देखें, तो कितनी विदेशी लीग हैं, (जैसे ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश लीग) जिसमें भारतीय कोच हैं? कोई नहीं मिलेगा।’

वेंगसरकर ने कहा, ‘फिर हमें क्यों विदेशी कोच नियुक्त करने चाहिए? मुझे लगता है हमारे कोच उनके बराबर हैं, कई तो उनसे बेहतर भी हैं। हमें इस समय ज्यादा भारतीय कोचों को मौके देने की जरूरत है। मुझे विश्वाश है वे बहुत अच्छे से कार्य करेंगे। आशा करता हूं आईपीएल में विदेशी से ज्यादा भारतीय कोच होंगे।’ आईपीएल की बाकी 7 टीमों के कोच की बात करें तो वे सभी वेदेशी हैं। (केकेआर- ब्रेंडन मैकुलम) (मुंबई इंडियंस- महेला जयावर्धने) (सनराइजर्स हैदराबाद- ट्रेवोर बेलिस) (दिल्ली कैपिटल्स- रिकी पोंटिंग) (रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर- साइमन कैटिच) (चेन्नई सुपर किंग्स-स्टीफेन फ्लेमिंग) (राजस्थान रॉयल्स- एंड्रयू मैकडोनाल्ड)।

इससे पहले कुंबले ने कहा था, ‘मैं इसका जवाब नहीं दे सकता कि क्यों दूसरी टीमों में भारतीय हेड कोच नहीं है। मुझे नहीं लगता कि ये आंकड़ा भारतीय संसाधनों के सही प्रतिबिंब को दर्शाता है। यह एक प्रकार की विडंबना है कि इंडियन लीग में केवल एक ही भारतीय मुख्य कोच है। मैं आशा करता हूं कि आगे और भी भारतीय कोच होंगे।’

यदि अब तक के आईपीएल इतिहास पर नजर डालें तो केवल तीन भारतीय ही किसी टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभा सके हैं। (लालचंद राजपूत- मुंबई) (रोबिन सिंह-हैदराबाद) (वेंकटेश प्रशाद-बंगलौर)। इन तीनों को जल्दी ही पद से हटा दिया गया था। वहीं, हम चेन्नई के स्टीफेन फ्लेमिंग को देखें तो वे कई साल से इस पद पर हैं। टॉम मूडी भी कई साल सनराइजर्स के साथ जुड़े रहे थे।

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