साल 2026 की शुरुआत में दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित हुए इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट की व्यवस्थाओं पर कई सवाल उठे थे। डेनमार्क की शटलर ने खुलकर इसकी आलोचना भी की थी। दर्शक दीर्घा में बंदर आ गए थे तो कबूतर की पॉटी को कोर्ट पर गिरते देखा गया था। ऐसे मामलों से वहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। इसको लेकर भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष हिमंता बिस्वा सरमा ने अटपटा बयान दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस के खास प्रोग्राम आइडिया एक्सचेंज में हिमंता बिस्वा सरमा से इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट (India Open 2026) में सामने आई अव्यवस्थाओं पर सवाल किया गया तो, उन्होंने इसको लेकर चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर बंदर मैच देखने आ रहे हैं तो दिक्कत क्या। इसके अलावा उन्होंने कई ऐसी बातें कहीं जो काफी अटपटी भी थीं।

क्या बोले हिमंता बिस्वा सरमा?

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,“दिल्ली से बंदरों के भगाने के लिए हम कुछ नहीं कर सकते। भारत के वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत हम बंदरों को हाथ भी नहीं लगा सकते। तो इसमें दिक्कत क्या है अगर बंदर मैच देखने आ रहे हैं? अगली बार जब बंदर आएं तो उन्हें केला दे दीजिएगा। खिलाड़ियों को इंतजार करना चाहिए अगर बंदर आ गए हैं तो। मैच को दो मिनट के लिए रोका भी जा सकता है, यह उनकी (बंदरों की) प्राकृतिक प्रक्रिया है।”

इसके बाद जब हिमंता से पूछा गया कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या किया जा सकता है तो वह बोले,“जिस घर में मैं रहता हूं, वहां भी अक्सर बंदर आते हैं। अगर मैं काजीरंगा में कल स्टेडियम बनवा दूंगा तो बहुत ऐसे आसार हैं कि गैंडा वहां आ जाए। BWF (Badminton World Federation) ने उसके बाद हमें दो और टूर्नामेंट की मेजबानी सौंपी है। तो मुझे नहीं लगता कि वह बहुत बड़ा मुद्दा था।”

भारत में 17 साल बाद 17 अगस्त 2026 से बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन होगा। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में हुए इंडिया ओपन में भारत के एचएस प्रणय और सिंगापुर के लो कीन यू के बीच मैच में कोर्ट पर कबूतर की पॉटी भी गिरी थी। इसके बाद मलेशिया के एक फोटोग्राफर ने दर्शकों के बीच बैठे एक बंदर की तस्वीर भी अपने कैमरे में कैद की थी।

इसको लेकर एक अधिकारी ने भी अखबार को बताया भी था कि,“हां, बंदर दर्शकों के बीच गोल्ड स्टैंड में पहुंचा था। वह वहां करीब 10 मिनट तक था और शिकायत मिलते ही 10 मिनट में उसे हटाया गया था। वहां थोड़ा अंधेरा था तो वह नजर नहीं आया। उस बंदर ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया था। जैसे उसे देखा गया तो वहां से भगा दिया गया था।”

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