Haryana minister Om Prakash Dhankar announces a cow each as prize for top boxers of Women’s Youth World Boxing Championships - मेडल लाने वाले मुक्केबाजों के घर गाय भिजवाएगी हरियाणा सरकार, मंत्री ने बताए फायदे - Jansatta
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मेडल लाने वाले मुक्केबाजों के घर गाय भिजवाएगी हरियाणा सरकार, मंत्री ने बताए फायदे

धनखड़ ने कहा कि इनाम में दी जाने वाली गाएं देसी होंगी जो दिन भर में 10 लीटर से ज्‍यादा दूध देंगी।

चंडीगढ़ प्रेस क्‍लब में हरियाणा के मंत्री ओम प्रकाश धनखड़। (Express Photo)

दक्ष पंवार, नितिन शर्मा

खिलाड़‍ियों को नकदी, सरकारी नौकरी, जमीन और लग्‍जरी कारें तक बतौर इनाम दिए जाने की घोषणाएं खूब की जाती हैं। हालांकि बुधवार (29 नवंबर) को हरियाणा के पशुपालन मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने इस सूची में गायों को भी जोड़ दिया। रोहतक में एक कार्यक्रम के दौरान युवा महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप्‍स में पदक जीतने वाले राज्‍य के खिलाड़‍ियों को सम्‍मानित किया गया। धनखड़ बॉक्सिंग हरियाणा एसोसिएशन के प्रमुख हैं और उन्‍होंने इस कार्यक्रम में मुक्‍केबाजों के लिए गाय के दूध के ”फायदे” गिनाए। धनखड़ ने द इंडियन एक्‍सप्रेस से कहा, ”गाय के दूध में (भैंस के दूध के मुकाबले) कम वसा होती है और ये बॉक्‍सर्स के लिए फायदेमंद है। गाय बहुत एक्टिव रहती है जबकि भैंस ज्‍यादातर वक्‍त सोती रहती है। हरियाणा में कहते हैं कि ताकत चाहिए तो भैंस का दूध, और खूबसूरती और दिमाग चाहिए तो गाय का दूध। इन मुक्‍केबाजों ने दुनिया में देश का नाम ऊंचा किया है और हम उन्‍हें और अच्‍छा प्रदर्शन करते देखना चाहते हैं।”

धनखड़ ने कहा कि इनाम में दी जाने वाली गाएं देसी होंगी जो दिन भर में 10 लीटर से ज्‍यादा दूध देंगी। सभी छह मुक्‍केबाजों- नीतू (48 किलो वर्ग), ज्‍योति गुलिया (51 किलो वर्ग), साक्षी धंदा (54 किलो), शशि चोपड़ा (57 किलो) और कांस्‍य पदक जीतने वाली अनुपमा (81 किलो, नेहा यादव (81+ किलो) के पते नोट कर लिए गए हैं। गाय उनके दरवाजे पर सरकार की ओर से पहुंचा दी जाएगी।

मंत्रीजी के इस ऐलान ने मुक्‍केबाजों को हैरान कर दिया। नीतू ने कहा, ”मुझे बहुत से इनाम मिले, धार्मिक मूर्तियों से लेकर किताबों तक, मगर मुझे कभी गाय नहीं दी गई और मुझे यह बेहद पसंद हैं। पिछले साल मैंने पेपर में पढ़ा था कि रियो ओलंपिक में कांसा जीतने वाली साक्षी मलिक को चांदी की गाय दी गई थी। मगर एक असली गाय मिलना मेरे परिवार के लिए खजाने की तरह है।”

जब धनखड़ से पूछा गया कि क्‍या राज्‍य के सभी खिलाड़‍ियों को प्रोत्‍साहन के लिए गाय मिलेगी तो उन्‍होंने कहा कि यह खेल विभाग पर निर्भर करता है। उन्‍होंने कहा, ”मैं वही दे सकता हूं जो मेरे पास है।”

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