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यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद पृथ्वी शॉ ने शेयर की Instagram स्टोरी, ट्रोल करने वालों को दिया करारा जवाब

Prithvi Shaw Fails In YO YO Test: पृथ्वी शॉ यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद भी आईपीएल खेल पाएंगे, क्योंकि वह बीसीसीआई की केंद्रीय अनुबंध सूची में नहीं हैं। केंद्रीय अनुबंध सूची में शामिल सभी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने के लिए यो-यो टेस्ट पास करना अनिवार्य है।

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पृथ्वी शॉ आईपीएल 2022 से पहले 16 मार्च को मुंबई में दिल्ली कैपिटल्स के टीम होटल पहुंचे। (सोर्स- दिल्ली कैपिटल्स)

इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2022 से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट कराया। ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के कप्तान और दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) यो-यो टेस्ट में फेल हो गए। वहीं, गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) के कप्तान और ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पास हो गए हैं।

यो-यो टेस्ट में पुरुषों के लिए बीसीसीआई का निर्धारित न्यूनतम स्कोर 16.5 माना जाता है। यह पता चला है कि शॉ ने 15 से कम स्कोर किया। पृथ्वी शॉ बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के एक शिविर में थे। दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2022 मेगा ऑक्शन से पहले पृथ्वी शॉ को 7.5 करोड़ रुपए में रिटेन किया था।

यो-यो टेस्ट में टेस्ट में फेल होने के बाद पृथ्वी शॉ सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगे। कुछ लोगों ने उनको ट्रोल किया। कुछ लोगों ने उनके यो-यो टेस्ट में फेल होने की खबर शेयर की। इसके बाद पृथ्वी शॉ ने इंस्टाग्राम स्टोरी एक पोस्ट शेयर कर लोगों को जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ‘आप मेरी स्थिति नहीं जानते हैं। ऐसे में कृप्या मुझे जज न करें। आप अपना कर्म करते रहें।’

बता दें कि बीसीसीआई की केंद्रीय अनुबंध सूची में शामिल सभी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने के लिए यो-यो टेस्ट पास करना जरूरी होता है। पृथ्वी शॉ के लिए अच्छी बात यह है कि वह टेस्ट में फेल होने के बाद भी आईपीएल खेल पाएंगे, क्योंकि वह बीसीसीआई की अनुबंध सूची में नहीं हैं।

बीसीसीआई के सूत्र के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा, ‘यह सिर्फ फिटनेस अपडेट हैं। जाहिर है, यह पृथ्वी शॉ को आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने से नहीं रोकता है। यह सिर्फ एक फिटनेस पैरामीटर है और सब कुछ का अंत नहीं है। देखिए, उन्होंने लगातार तीन रणजी मैच खेले हैं। एक बार जब आप तीन प्रथम श्रेणी मैच खेलते हैं, तो उसकी थकान आपके यो-यो स्कोर को भी प्रभावित कर सकती है।’

हालिया दिनों में भारतीय खिलाड़ियों में पृथ्वी शॉ सबसे फिट नहीं रहे हैं। उन्हें किसी भी मौजूदा सीनियर टीम में जगह नहीं मिलने का शायद यह भी एक कारण है। उनके विकल्प के तौर पर टीम प्रबंधन ने, सफेद गेंद के प्रारूप में, मयंक अग्रवाल को टीम में रखना पसंद किया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस टेस्ट का उनके खेल पर क्या असर पड़ता है।

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