हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, वाशिंगटन सुंदर, साई सुदर्शन, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश कुमार रेड्डी, आकाशदीप… भारतीय टीम के चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ खिलाड़ी लंबे समय से चोटिल हैं, तो कुछ वापसी करने के बाद चोटिल हो गए हैं।
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में भारतीय टेस्ट टीम के 6 नियमित खिलाड़ी उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्रिकेटरों की देखरेख सीओई के ही जिम्मे है और बेंगलुरु में व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई दिखाई दे रही है। सीओई में 16 महीने से प्रमुख डॉक्टर का पद खाली है। नितिन पटेल ने सीओई में खेल विज्ञान प्रमुख के पद से मार्च 2025 में इस्तीफा दिया था। सीओई के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार (9 अगस्त) को इस पद के खाली रहने का कारण बताया।
लक्ष्मण ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार लक्ष्मण ने बताया, ‘नितिन पटेल के स्पोर्ट्स साइंस हेड के पद छोड़ने के बाद, हम किसी को चुन नहीं पाए। हमने इंटरव्यू लिया और पांच कैंडिडेट चुने, लेकिन इनमें से कोई पूरे कॉन्ट्रैक्ट पीरियड के लिए बेंगलुरु नहीं रह सकता था। हमने एंड्रयू लीपस को भी चुना था, लेकिन कुछ पारिवारिक वजहों से वे भी बेंगलुरु नहीं आ सके।’
गिल ने जताई थी चिंता
भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे पर वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस पर सवाल उठाए थे। भारतीय टीम यह सीरीज 1-2 से हार गई थी। गिल खुद फिटनेस से जूझते दिखाई देते हैं। इस बीच उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या खिलाड़ी 2027 वर्ल्ड कप से पहले अपनी फिटनेस को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वर्ल्ड कप में 11 मैच खेलने होंगे और खिलाड़ी 2-3 मैच भी नहीं खेल पा रहे हैं। एक टीम के तौर पर फिटनेस में सुधार करने की जरूरत है। पूरी खबर पढ़ें।
