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डोपिंग की दोषी पाई गई नेशनल चैंपियन, दुबई की लैब से 19 महीने बाद आई रिपोर्ट; धोनी-विराट का भी लिया गया सैंपल

NADA ने दुबई में हाल ही में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में क्रिकेटरों के 48 सैंपल एकत्र किए। उन्हें परीक्षण के लिए जर्मनी की कोलोन लैब में भेजा गया है। प्रतियोगिता में 11 भारतीय क्रिकेटरों का परीक्षण किया गया, जबकि अन्य 22 का प्रतियोगिता से बाहर परीक्षण किया गया।

अनीता का पिछले साल मार्च में एनआईएस पटियाला में 23वें फेडरेशन कप मीट के दौरान टेस्ट किया गया था। (सोर्स – सोशल मीडिया)

फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में राष्ट्रीय चैंपियन और स्वर्ण पदक विजेता हैमर थ्रोअर अनीता डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया है। अनीता के शरीर में टेस्टोस्टेरोन मात्रा ज्यादा पाई गई है। दिल्ली की रहने वाली अनीता की निलंबन अवधि 22 अक्टूबर से शुरू हो गई है। पिछले साल मार्च में एनआईएस पटियाला में 23वें फेडरेशन कप मीट के दौरान उनका टेस्ट किया गया था, जहां उन्होंने 59.43 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था।

टाइम्स ऑफ इंडिया वेबसाइट के मुताबिक, NADA ने दुबई में हाल ही में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में क्रिकेटरों के 48 सैंपल एकत्र किए। उन्हें परीक्षण के लिए जर्मनी की कोलोन लैब में भेजा गया है। प्रतियोगिता में 11 भारतीय क्रिकेटरों का परीक्षण किया गया, जबकि अन्य 22 का प्रतियोगिता से बाहर परीक्षण किया गया। इंटरनेशनल क्रिकेटरों में पांच खिलाड़ियों का टूर्नामेंट और 10 का टूर्नामेंट के बाद सैंपल लिया गया। भारतीय कप्तान विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, केएल राहुल और रविंद्र जडेजा उन लोगों में से थे जिनके सैंपल एकत्र किए गए थे।

अनीता ने दो अलग-अलग एथलेटिक्स मीट में पटियाला में इंडियन ग्रां प्री (जीपी) और पंचकुला में ऑल इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता था। अनीता के जांच में सबसे रोचक बात रिपोर्ट देर से आना है। उनका सैंपल 19 महीने से पहले नाडा डीसीओ द्वारा लिया गया था। इसका रिजल्स कतर की दोहा प्रयोगशाला से एक महीने पहले आया था। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट आने में देरी का कारण एथलीट्स के सैंपल को आइसोटोप रेसियो मास स्पेक्ट्रोमेट्री (IRMS) तहत जांचना है।

अनीता उच्च स्तर के टेस्टोस्टेरोन के कारण डोपिंग रोधी अधिकारियों के निशाने पर थीं। चूंकि, उनके टेस्टोस्टेरोन संकेतक निर्धारित सीमा सीमा को पार कर रहे थे, इसलिए NADA ने IRMS के लिए उनके सैंपल का वैज्ञानिक रूप से परीक्षण करवाना समझदारी समझा। हाल ही में नरसिंह यादव, बजरंग पुनिया, विनेश फोगट और पूजा ढांढा जैसे प्रमुख पहलवानों का भी परीक्षण किया है।

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