ताज़ा खबर
 

एक ऐसा बल्लेबाज जिसके शतक लगाने पर कभी नहीं हारा भारत, रिश्ते में सुनील गावस्कर के लगते हैं जीजा

विश्वनाथ लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर के रिश्ते में जीजा लगते हैं। उन्होंने लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर की छोटी बहन कविता से शादी रचाई है। विश्वनाथ ने 91 टेस्ट मैचों में 41 की औसत से 6080 रन बनाए हैं।

गुंडप्पा विश्वनाथ (Photo: ICC)

भारत ने क्रिकेट जगत को कई ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने देश का नाम पूरी दुनिया में रौशन किया है। इन्हीं में से एक हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ गुंडप्पा विश्वनाथ, जिनका आज 70वां जन्मदिन है। 12 फरवरी 1949 में मैसूर में पैदा हुए विश्वनाथ भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा नाम है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आइए एक नजर डालते हैं विश्वनाथ गुंडप्पा के शानदार रिकॉर्ड और उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातों पर……..

विश्वनाथ गुंडप्पा ने साल 1967 में कर्नाटक की रणजी टीम से डेब्यू करते हुए यादगार दोहरा शतक जड़ा था। विश्वनाथ दुनिया के उन चार क्रिकेटरों में से हैं जो अपने पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में शून्य पर आउट हुए और दूसरी पारी में सेंचुरी लगा दी। साल 1969 में कानपुर टेस्ट से उन्होंने भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया। इस मैच की पहली पारी में वह बिना खाता खोले आउट हो गए थे लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने 25 चौंको की मदद से शतक जड़ते हुए 137 रन बनाए।

गुंडप्पा विश्वनाथ और सुनील गावस्कर के बीच अटूट दोस्ती का रिश्ता है। 70 के दशक में गुंडप्पा विश्वनाथ और सुनील गावस्कर की जोड़ी काफी मशहूर थी। हालांकि विश्वनाथ का करियर गावस्कर से एक-दो साल पहले शुरू हुआ था। इसके बावजूद दोनों गहरे दोस्त थे।आपको जानकर हैरान होगी विश्वनाथ लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर के रिश्ते में जीजा लगते हैं। उन्होंने लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर की छोटी बहन कविता से शादी रचाई है। गुंडप्पा विश्वनाथ की टेस्ट करियर की बात करें तो 91 मैच में उन्होंने 41 की औसत से 6080 रन बनाए, जिसमें 222 रन उनका बेस्ट था। इस दौरान उन्होंने 14 शतक और 35 अर्धशतक लगाए। हालांकि गुंडप्पा विश्वनाथ का वनडे करियर ज्यादा सफल नहीं रहा। उन्होंने 25 वनडे मैचों में मात्र 439 रन बनाए, जिसमें 75 रन सर्वोच्‍च स्‍कोर था।

विश्वनाथ के नाम एक ऐसा दिलचस्प रिकॉर्ड दर्ज है। दरअसल, विश्वनाथ जिस भी मैच में सेंचुरी लगाते थे टीम इंडिया को कभी हार नसीब नहीं हुई। गुंडप्पा विश्वनाथ ने टेस्ट करियर में 14 शतक लगाए हैं। जिसमें से भारत ने 4 मैच जीते और 10 मैच ड्रॉ रहे। गुंडप्पा विश्वनाथ भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान भी रह चुकें हैं। उनकी कप्तानी में पहला मैच ड्रॉ रहा था जबकि इंग्लैंड के खिलाफ खेला गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत को हार मिली थी। इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाज़ बॉब टेलर को अंपायर ने आउट घोषित कर दिया था लेकिन विश्ववनाथ ने अपनी ईमानदारी दिखाते हुए टेलर को वापस मैदान पर बुला लिया था। जिसके बाद टेलर ने इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए टीम को मैच जिता दिया। यह टेस्ट मैच गोल्डन जुबली के नाम से मशहूर है।

विश्वनाथ ने अपना आखिरी टेस्‍ट 1983 में पाकिस्‍तान के खिलाफ कराची में खेला था। क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद गुंडप्पा लंबे समय तक क्रिकेट से जुड़े रहे। बीसीसीआई की नेशनल सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ का 1996 इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में चयन किया था। साल 1999-2004 के बीच वह आईसीसी के मैच रैफरी भी रहे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App