पद्म श्री पुरस्कार मिलने के बाद ‘गूंगा पहलवान’ ने हरियाणा भवन के बाहर दिया धरना, मूक-बधिर खिलाड़ियों की उठाई आवाज

हरियाणा के रेसलर वीरेंद्र सिंह को गूंगा पहलवान के नाम से जाना जाता है। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने इस सम्मान के बाद हरियाणा भवन के बाहर धरना भी शुरू कर दिया।

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'गूंगा पहलवान' वीरेंद्र सिंह पद्म श्री पुरस्कार लेते हुए और दूसरी फोटो में धरने पर बैठे हुए (सोर्स- Indian Express)

हरियाणा के मूक-बधिर पहलवान वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्म श्री पुरस्कार मिलने के बाद दिल्ली स्थित हरियाणा भवन के बाहर धरना शुरू कर दिया। गूंगा पहलवान नाम से मशहूर वीरेंद्र ने मूक-बधिर खिलाड़ियों की आवाज उठाते हुए उन्हें पैरा खिलाड़ियों का दर्जा देने की मांग उठाई।

वीरेंद्र के नाम 2005, 2013 और 2017 के बधिर ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है और 2009 में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड डेफ (बधिर) रेसलिंग चैंपियनशिप के 2008 और 2012 संस्करण में ब्रॉन्ज और 2016 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

वीरेंद्र को 2015 जून में अर्जुन पुरस्कार और इससे पहले राज्य की तरफ से राजीव गांधी खेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। मंगलवार को पद्म श्री पुरस्कार मिलने के बाद वीरेंद्र ने ट्विटर पर लिखा था कि,’राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा पद्म श्री पुरस्कार मिलने के बाद काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। भारत सरकार का मैं इस सम्मान के लिए आभारी हूं।’

इस लम्हे को हरियाणा के लिए अहम बताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी वीरेंद्र की फोटो शेयर करते हुए लिखा था कि,’यह समस्त प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि हरियाणा के बेटे व फ्री-स्टाइल रेसलिंग के पैरा पहलवान श्री वीरेन्द्र सिंह जी को ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस अवॉर्ड के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।’

35 वर्षीय रेसलर ने अगले दिन सीएम के इस ट्वीट पर सवाल करते हुए लिखा कि,’मुख्यमंत्री जी आप मुझे पैरा खिलाड़ी मानते है तो पैरा के समान अधिकार क्यों नहीं देते,पिछले चार वर्ष से दर-दर की ठोंकरे खा रहा हूँ मैं आज भी जूनियर कोच हूँ और न ही समान केश अवार्ड दिया गया, कल इस बारे मे मैंने प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से बात की हैं अब फैसला आपको करना है!’

एक अन्य ट्वीट में रेसलर वीरेंद्र सिंह ने लिखा कि,’माननीय मुख्यमंत्री श्री @mlkhattar जी आपके आवास दिल्ली हरियाणा भवन के फुटपाथ पर बैठा हूँ और यहाँ से जब तक नहीं हटूँगा जब तक आप हम मूक-बधिर खिलाड़ियों को पैरा खिलाड़ियों के समान अधिकार नहीं देंगे, जब केंद्र हमें समान अधिकार देती है तो आप क्यों नहीं?’

गौरतलब है कि पद्म श्री आम नागिरकों को मिलने वाले भारत के सर्वोच्च पुरस्कारों में से एक है। इसको तीन कैटेगरी में दिया जाता है पद्म विभूषण (कुछ अलग सेवाओं के लिए), पद्म भूषण (उच्च श्रेणी की कुछ अलग सेवाओं के लिए) और पद्म श्री (औरों से कुछ अलग सेवाओं के लिए)। आमतौर पर इस अवॉर्ड को पब्लिक सर्विस या देश की सेवा के लिए दिया जाता है।

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