टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने AI आधारित डीपफेक और उनकी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गौतम गंभीर ने 16 पक्षों के खिलाफ याचिका दायर कर 2.5 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है।
साथ ही सोशल मीडिया व ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, चेहरे और आवाज का इस्तेमाल कर बनाए गए फर्जी कंटेंट को हटाने की गुहार लगाई है। मतलब गौतम गंभीर अब उन मशहूर हस्तियों की लंबी सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने हाई कोर्ट में ऐसी याचिकाएं दायर की हैं। इस सूची में बॉलीवुड अभिनेता और क्रिकेटर शामिल हैं।
बार एंड बेंच की खबर के अनुसार, भारतीय पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने उन संस्थाओं से हर्जाने की मांग की है, जो उनके नाम और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करके सामान बेच रही हैं और साथ ही गलत जानकारी फैलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वीडियो और डीपफेक का भी इस्तेमाल कर रही हैं।
गौतम ने ऐसी उल्लंघनकारी सामग्री को हटाने के लिए निर्देश देने की भी मांग की। एक बयान के अनुसार, गंभीर की पहचान का डिजिटल रूप से गलत इस्तेमाल, AI-जनरेटेड डीपफेक और उनकी छवि का बिना अनुमति के व्यावसायिक उपयोग करने का एक सुनियोजित अभियान चल रहा है।
बयान में कहा गया, 2025 की शुरुआत से गौतम गंभीर की कानूनी टीम ने इंस्टाग्राम (Instagram), एक्स (X पूर्व में ट्विटर/Twitter), यूट्यूब (YouTube) और फेसबुक (Facebook) पर मनगढ़ंत डिजिटल सामग्री में अचानक और चिंताजनक वृद्धि दर्ज की है।
कई अकाउंट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग और वॉइस-क्लोनिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ऐसे असली जैसे दिखने वाले वीडियो बनाए, जिनमेों गलत तरीके से दिखाया गया कि गौतम गंभीर ऐसे बयान दे रहे हैं जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। इनमें एक फर्जी ‘इस्तीफे का ऐलान’ भी शामिल था, जिसे 29 लाख से ज्यादा बार देखा गया।
गंभीर ने 16 प्रतिवादियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिनमें पहचाने गए सोशल मीडिया अकाउंट (JanKey Frames, Bhupendra Paintola, Legends Revolution, gustakhedits, cricket_memer45, GemsOfCrickets, Crickaith, Sunny Upadhyay, @imRavY_), ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (Amazon, Flipkart), प्लेटफॉर्म मध्यस्थ (Meta Platforms Inc., X Corp., Google LLC / YouTube), और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग शामिल हैं। इन्हें किसी भी अदालती आदेश को लागू करने में मदद के लिए प्रोफोर्मा पक्ष के रूप में शामिल किया गया है।
मुकदमे में कॉपीराइट अधिनियम 1957, ट्रेड मार्क्स अधिनियम 1999, और वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम 2015 का हवाला दिया गया है। साथ ही अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर और सुनील गावस्कर के व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय के पिछले आदेशों का भी जिक्र किया गया है। मुआवजे के तौर पर 2.5 करोड़ रुपये की मांग की गई है। साथ ही खातों का ब्योरा देने, स्थायी रोक लगाने और उल्लंघन करने वाली सभी सामग्री को हटाने की भी गुहार लगाई गई है।
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