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गगन नारंग को रियो में बेहतर प्रदर्शन का भरोसा

लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले मशहूर निशानेबाज गगन नारंग को उम्मीद है कि रियो में भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा और वे इस बार ज्यादा पदकों पर निशाना साधने में अपनी महारत दिखाएंगे..

Author नई दिल्ली | December 23, 2015 8:18 PM
(निशानेबाज गगन नारग)

लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले मशहूर निशानेबाज गगन नारंग को उम्मीद है कि रियो में भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा और वे इस बार ज्यादा पदकों पर निशाना साधने में अपनी महारत दिखाएंगे। नारंग खुद भी इस बार एक से ज्यादा पदक जीतने की उम्मीद लगाए हुए हैं। बुधवार को सेपरटेक के स्पोर्ट्स विलेज में अपनी अकादमी शुरू करने की घोषणा के बाद उन्होंने ‘जनसत्ता’ से बातचीत में भरोसा जताया कि भारतीय निशानेबाज लय में हैं और उनसे हमें बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। भारत ने अब तक रियो ओलंपिक में आठ स्पर्धओं में कोटा हासिल कर लिया है। गगन को उम्मीद है कि एशियाई चैंपियनशिप में यह कोटा और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि तीन-चार की तो उम्मीद है है लेकिन यह और बढ़ भी सकता है।

नारंग ने खुद की तैयारियों की चर्चा करते हुए कहा कि ट्रेनिंग ठीक चल रही है। फलिहाल तुगलकाबाद शूटगिं रेंज बंद है लेकिन मैं पुणे में अपना अभ्यास जारी रखे हुए हैं। बातचीत में विनम्र इस निशानेबाज ने कहा कि भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है और अब दूसरे देश के निशानेबाज भी हमें गंभीरता से लेते हैं। रियो ओलंपिक में उनके प्रदर्शन पर पूछे गए सवाल पर नारंग ने कहा कि मैं इस बार एक पदक के बारे में नहीं सोच रहा हूं। मेरा लक्ष्य है कि मैं अपनी तीनों स्पर्धाओं के फाइनल में जगह पक्की कपीं। फाइनल में फिरअगर दिन और किस्मत ने साथ दिया तो मैं बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीत सकता हूं।

मशहूर निशानेबाज ने कहा कि हालांकि अब चुनौती थोड़ी बढ़ गई है और मुकाबले टफ हो गए हैं क्योंकि निशानेबाजी में अब नियमों को लेकर चीजें काफी बदल चुकी हैं। अब फाइनल में क्वालिफाइंग का स्कोर जोड़ा नहीं जाता है। फाइनल में आपको फिर शून्य से शुरुआत करनी होती है और अगर आप बेहतर करेंगे तो निश्चित ही पदक जीतेंगे। नारंग तीन स्पर्धाओं 50 मीटर प्रोन, 50 मीटर थ्री पाजीशन और 10 मीटर एअर राइफल स्पधार्ओं में हिस्सा लेते हैं। नारंग ने मई में राइफल-पिस्टल विश्वकप में 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश को ओलंपिक कोटा दिलाया था। वे उस समय ओलंपिक कोटा दिलाने वाले तीसरे भारतीय निशानेबाज बने थे। उन्होंने सितंबर में एशियाई रैंकिंग में नंबर एक स्थान भी हासिल किया था।

अपना चौथा ओलंपिक खेलने जा रहे नारंग ने कहा कि प्रोन थ्री पॉजीशन के लिये मेरी तैयारियां अच्छी चल रही हैं लेकिन एअर राइफल में मैं थोड़ा पीछे हूं। अभी दिल्ली की कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में नवीनीकरण काम चल रहा है और इस वजह से रेंज बंद है। इसलिए फिलहाल मैं अपनी ट्रेनिंग हैदराबाद और पुणे में कर रहा हूं। मैं बीच में ट्रेनिंग के लिए स्विटजरलैंड भी चला जाता हूं। भारत के दूसरे निशानेबाजों को भी बेहतरीन बताते हुये नारंग ने कहा कि इस समय भारतीय निशानेबाज काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और रियो में उनसे उम्मीदें रहेंगी। अपूर्वी चंदेला, जीतू राय, गुरप्रीत सिंह और चैन सिंह ऐसे निशानेबाज हैं जो अपने बेहतर दिन ओलंपिक में पदक जीत सकते हैं।

भारत के आठ निशानेबाज अब तक रियो के लिए ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं। नारंग को उम्मीद है कि जनवरी में दिल्ली में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय निशानेबाज देश को तीन से लेकर पांच कोटा स्थान दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार रियो में भारत के अनुभवी और युवा निशानेबाजों की टीम उतरेगी और उम्मीद करते हैं कि रियो में लंदन से ज्यादा पदक जीतेंगे। यह पूछे जाने पर कि आप ने जब निशानेबाजी शुरू की थी तब और हालात में कैसे बदलाव आप देखते हैं तो नारंग ने कहा कि तब ओलंपिक में जब मैं गया था तो यह सोच कर ही घबराहट होती थी आप ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हो। आज ऐसी बात नहीं हैं। आज हमें पता है कि हम पदक जीत सकते हैं और अपने दिन दुनिया के टाप शूटरों को पीछे छोड़ सकते हैं। फिर चीजें भी बदली हैं। घरेलू हालात बदले हैं। सुविधाएं हमें जो मुहैया नहीं होती थीं वह अब आसानी से मुहैया होती हैं। पहले विदेशों से सामना आने में देर होती थी। जब तक सामान आते थे तकनीक बदल जाती थी। अब ऐसी बात नहीं है।

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