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… तो इसलिए मास्क पहनकर रिंग में उतरते हैं WWE रेसलर्स, ये है बड़ी वजह

रिंग में आपने रे मिस्टीरियो, कलिस्टो, लिंस डोराडो और सिनकारा को मास्क पहने देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये खिलाड़ी रिंग में मॉस्क क्यों पहनते हैं।

रे मिस्टीरियो व सिनकारा (Photo-Facebook)

WWE  रिंग में रेसलर्स का अपना-अपना अंदाज होता है। हर रेसलर का खास अंदाज उनकी पहचान बन जाता है। रेसलिंग फैन रेसलर्स के अलग अंदाज के फैन हो जाते हैं। आपने देखा होगा कि कभी किसी रेसलर के आने पर उनका खास म्यूजिक बजता है तो कहीं उनका अलग हेयर स्टाइल और ड्रेसिंग सेंस भी उन्हें अलग बनाता है। रिंग में आपने रे मिस्टीरियो, कलिस्टो, लिंस डोराडो और सिनकारा को मास्क पहने देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये खिलाड़ी रिंग में मॉस्क क्यों पहनते हैं। उनके मॉस्क पहनने के पीछे का मकसद क्या होता है। आज हम आपको बताते हैं कि इसके पीछे की कहानी क्या है…

किसने पहना था पहला मास्क: मास्क पहनने के पीछे की कहानी दिलचस्प है लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि इसकी शुरुआत कब हुई। रिंग में मास्क पहनकर रेसलर रिंग में 1915 से उतरते चले आ रहे हैं। वर्ल्ड फेयर में साल 1865 में सबसे पहली बार मास्क थोबूड बाउर ने पहना था। इसके बाद साल 1915 में रिंग में मास्क पहनकर उतरने वाले खिलाड़ी का नाम मोर्ट हेंडर्सन था।

मास्क के पीछे छिपी है अलग-अलग कहानी: मास्क पहनकर लड़ने वाले खिलाड़ियों की कहानी अलग-अलग है।मास्क उनके लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक होता है। रिंग में इसलिए ही रेसलर जी जान लागकर अपने चेहरे से मास्क नहीं हटने देते हैं। हर मास्क पहने वाले खिलाड़ी की अपनी कहानी है। 619 के लिए मशहूर रे मिस्टीरियो को कौन नहीं जानता। आपको यह भी पता है कि वह रिंग में मास्क पहनकर उतरते हैं।उनके मास्क को गौर से देखने पर पता चलेगा कि उनके मास्क पर एक बाज़ बना हुआ है। यह बाज रिंग में उनकी हाई फ्लाइंग रैसलिंग का सिंबल है।रे मिस्टीरियो को अपना मास्क से काफी प्यार हैष उसके पीछे की कहानी यह है कि उनके मास्क को सबसे पहले उनके अंकल (रे मिस्टीरियो सीनियर) ने डिजाइन किया था। उनके मास्क पर बना क्रॉस का निशान धर्म के प्रति उनकी आस्था का परिचायक है।

वहीं,कलिस्टो को भी आपने मास्क पहनते देखा होगा उनके मास्क पर दाएं और बाएं दोनों तरफ मास्क बना है। ये पंख उनके हवाई रेसलिंग का प्रतीक है।रिंग में जरबदस्त छलांग और कूद कर लड़ने वाले सिनकारा भी मास्क लगाकर रिंग में उतरते हैं। सिनकारा के पास 300 से भी ज्यादा मास्क मौजूद हैं। उनके मास्क का अर्थ भी है जिसका मतलब होता है फेसलेस, यानी जिसका कोई चेहरा ना हो। सिनकारा जब रिंग में मास्क लगाकर उतरते हैं तो उनका चेहरा जरा भी नजर नहीं आता है।

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