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भारतीय फुटबॉलर का 24 घंटे में ही हुआ भाजपा से मोहभंग, फैंस से मांगी माफी; राजनीति को कहा गुडबाय

राजनीति छोड़ने वाले मेहताब हुसैन मोहन बागान के लिए 2018-19 में खेल चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पत्नी मौमिता, बच्चे जिदान और जावी ने भी मेरे इस फैसले का समर्थन नहीं किया। वे दोनों भी इस फैसले से निराश हुए थे। इसी कारण मैं अब राजनीति से दूर हो रहा हूं।’’

मेहताब को भाजपा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने भाजपा का झंडा थमाया था। (सोर्स – सोशल मीडिया)

भारत के पूर्व फुटबॉलर मेहताब हुसैन का 24 घंटे में ही राजनीति से मोहभंग हो गया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के 24 घंटे के अंदर ही राजनीति को अलविदा कह दिया। इसे लेकर मेहताब ने अपने फैंस से माफी भी मांगी है। उन्होंने कहा है कि वे किसी भी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जुड़े हैं। हुसैन को कोलकाता मैदान में ‘मिडफील्ड जनरल’ कहा जाता है। उन्होंने भारत के लिए 30 मुकाबलों में दो गोल दागे थे।

हुसैन ने कहा, ‘‘राजनीति छोड़ने का फैसला व्यक्तिगत है क्योंकि वह राजनीतिक दल में शामिल होने के अचानक लिए गए फैसले से अपने परिवार और फैंस को हुई पीड़ा से व्यथित हैं।’’ ईस्ट बंगाल के पूर्व कप्तान मेहताब को भाजपा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंगलवार यानी 21 जुलाई को मुरलीधर सेन लेन स्थित दफ्तर में भारत माता की जय के नारों के बीच बीजेपी का झंडा थमाया गया था।’’ उन्होंने कहा कि उनके राजनीति में जाने से पत्नी और बच्चे भी आहत थे।

हुसैन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘आज से मैं किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हूं। मैं अपने इस फैसले के लिए सभी फैंस से माफी मांगता हूं। मुझे किसी ने भी यह फैसला लेने के लिए दवाब नहीं बनाया है। राजनीति से दूर होना पूरी तरह मेरा ही फैसला है। उन्होंने राजनीति से जुड़ने का फैसला ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ने के लिए किया था। इस मुश्किल वक्त में, मैं अपने लोगों के साथ रहना चाहता था। उन मजबूर चेहरों ने मेरी नींद ले ली है। इसलिए मैंने अचानक राजनीति का रुख कर लिया, लेकिन जिन लोगों की मैं सेवा करना चाहता था, उन्हीं लोगों ने कहा कि मुझे राजनीति से नहीं जुड़ना चाहिए। वे मुझे राजनीतिज्ञ के तौर पर नहीं देखना चाहते थे।’’

राजनीति छोड़ने वाले हुसैन मोहन बागान के लिए 2018-19 में खेल चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पत्नी मौमिता, बच्चे जिदान और जावी ने भी मेरे इस फैसले का समर्थन नहीं किया। वे दोनों भी इस फैसले से निराश हुए थे। इसी कारण मैं अब राजनीति से दूर हो रहा हूं।’’ दूसरी ओर, बीजेपी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की ‘धमकियों’ की वजह से हुसैन ने यू-टर्न लिया। बीजेपी नेता सयांतन बसु ने कहा, ‘यह टीएमसी की डराने और धमकाने की राजनीति का नतीजा है।’’

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