विश्लेषण: रूट की पारी पर लगाम लगाने की मेजबान कर रहा तैयारी

पांच फरवरी से शुरू हो रही टैस्ट शृंखला में भारतीय टीम जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। विपक्षी टीम के लिए उसके बल्लेबाजों को आउट करना और गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं होगा।

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(बाएं ) जोए रूट, (दाएं ) विराट कोहली।

हालांकि भारतीय टीम के लिए भी इंग्लैंड के कप्तान को रोक पाना कम बड़ी चुनौती नहीं है। फिलहाल वे जिस फॉर्म में चल रहे हैं, भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें जल्दी आउट नहीं किया तो मेजबान के लिए यह खिलाड़ी सबसे बड़ा सिरदर्द होगा। रूट ने चार पारियों में 106.5 के औसत से कुल 426 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और एक दोहरा शतक शामिल है।

रूट के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम उनके खिलाफ रणनीति बनाने में जुटी हुई है। गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने भी कहा है कि वे आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ की तरह रूट को बांधने की तैयारी में हैं। उनके लिए रणनीति बनाई जा रही है। इसका दारोमदार रविचंद्रन अश्विन और जसप्रीत बुमराह पर होगा।

दरअसल, जोए रूट का भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन रहा है। वे चेन्नई में पहले टैस्ट में उतरने के साथ ही टैस्ट करिअर के 100 मैच पूरे कर लेंगे। ऐसे में उनकी पूरी कोशिश होगी कि इसे यादगार बनाया जाए। रूट ने भारत के खिलाफ 28 पारी में 56.84 के औसत से 1421 रन बनाए हैं।

श्रीलंका के खिलाफ उनके नाम 58.88 के औसत से 1001 रन दर्ज हैं। आंकड़ों से साफ है कि एशियाई धरती पर रूट का प्रदर्शन शानदार रहा है। रूट 2016-17 में भी इंग्लैंड टीम के साथ भारत दौरे पर आए थे। इस दौरे पर पांच टैस्ट की शृंखला में वे इंग्लैंड के टॉप स्कोरर रहे थे। उन्होंने 49.10 के औसत से 491 रन बनाए थे। इसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल है।

रूट ने भारत के खिलाफ पिछला टैस्ट दो साल पहले 2018 में खेला था। इस शृंखला में उन्होंने पांच टैस्ट की 10 पारियों में 51.46 के औसत से 319 रन बनाए। इस सीरीज के पांच गेंदबाज मौजूदा सीरीज में भी खेलेंगे। यह गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन, ईशांत शर्मा, कुलदीप यादव, शार्दूल ठाकुर और जसप्रीत बुमराह हैं। हालांकि रूट के सामने इस बार कुछ नए गेंदबाज होंगे। सीरीज में मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल तान नए गेंदबाज होंगे।

कप्तान के जवाब में कप्तान की पारी

विराट कोहली और रूट टैस्ट क्रिकेट में पहली बार 2012 में भारत में खेली गई शृंखला में आमने-सामने हुए थे। नागपुर में शृंखला के आखिरी टैस्ट में रूट ने पदार्पण किया। तीन मैचों के बाद इंग्लैंड की टीम 2-1 से आगे थी और भारत को भारत में हराने के लिए उसका नागपुर टैस्ट बचाना या जीतना जरूरी था। इंग्लैंड ने पहली पारी में 145 ओवर खेलकर तय कर दिया कि मैच में या तो उसकी जीत होगी या मुकाबला ड्रॉ होगा।

रूट ने करिअर की पहली ही पारी में करीब पांच घंटे तक बल्लेबाजी की और 229 गेंदों पर 73 रन बनाए। उन्होंने दूसरी पारी में नाबाद 20 रन बनाए और टैस्ट ड्रॉ रहा। रूट ने 1 टैस्ट में 93 के औसत से 93 रन बनाए। वहीं, विराट ने पूरी शृंखला खेलकर चार टैस्ट में 31.33 की औसत से 188 रन बनाए। इंग्लैंड ने शृंखला पर कब्जा जमाया।

2014 में हुई भिड़ंत : दोनों दिग्गजों की अगली भिड़ंत 2014 में इंग्लैंड में खेली गई टैस्ट शृंखला में हुई। विराट इस शृंखला में पांच टैस्ट मैचों में 13.40 के बेहद खराब औसत के साथ सिर्फ 134 रन बना सके। वहीं, रूट ने पांच टैस्ट मैचों में 103.60 के ब्रैडमैन सरीखे औसत के साथ 518 रन बना डाले।

2016-17 में विराट ने पलटी बाजी : रूट के साथ शुरुआती दो शृंखला में मात खाने के बाद विराट ने 2016-17 में बाजी पलट दी। शृंखला भारत में खेली गई थी और विराट ने पांच टैस्ट मैचों की आठ पारियों में 109.16 के औसत से 655 रन बनाए। इसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। रूट ने भी अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन वे विराट कोहली वाला स्तर नहीं छू पाए। रूट ने पांच टैस्ट की 10 पारियों में 49.10 के औसत से 491 रन बनाए।

विराट ने तीन टैस्ट ज्यादा खेले और 149 रन ज्यादा बनाए : टैस्ट क्रिकेट में विराट का जब से रूट से आमना-सामना शुरू हुआ है, तब से उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 19 टैस्ट में 49.06 के औसत से 1570 रन बनाए हैं। इसमें पांच शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, रूट ने 16 टैस्ट मैच खेले हैं और 56.84 के औसत से 1421 रन बनाए हैं। इसमें चार शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। यानी रन में विराट आगे हैं तो औसत में रूट बेहतर हैं।

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