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स्पेन में मानव की जगह फल बना था शुभंकर

1982 विश्व की मेजबानी स्पेन को सौंपी गई। शुभंकर के रूप में इस बार फल का इस्तेमाल किया गया जिसका नाम नरेनजीतो दिया गया।

Author May 28, 2018 6:25 AM
1978 विश्व कप में शुभंकर गाओचितो था और इस बार फुटबॉल के इस महाकुंभ की मेजबानी अर्जेंटीना कर रहा था।

संदीप भूषण

पहली किस्त में आपने शुभंकर की शुरुआत और उसके मानव रूपों तक की यात्रा के बारे में पढ़ा। आज हम आपको उससे आगे ले चलते हैं जब फीफा विश्व कप शुभंकर के तौर पर मानव चेहरे का इस्तेमाल बंद हुआ। 1978 विश्व कप में शुभंकर गाओचितो था और इस बार फुटबॉल के इस महाकुंभ की मेजबानी अर्जेंटीना कर रहा था। चार साल बाद फिर से एक नया देश और नया शुभंकर। 1982 विश्व की मेजबानी स्पेन को सौंपी गई। शुभंकर के रूप में इस बार फल का इस्तेमाल किया गया जिसका नाम नरेनजीतो दिया गया। आइए जानते हैं शुभंकर के आगे की यात्रा…

1982 विश्व कप : नरेनजीतो

इस सत्र में फीफा का यह आयोजन स्पने पहुंच चुका था। इसमें इटली चैंपियन बना जबकि वेस्ट जर्मनी को उपविजेता की ट्रॉफी से ही संतोष करना पड़ा था। शुभंकर के लिए इस बार फीफा ने किसी मानव चेहरे का इस्तेमाल नहीं किया और एक फल को जगह मिली। संतरे की तरह का यह फल स्पेन में काफी प्रसिद्ध है। इसी फल को राष्ट्र का किट पहना कर शुभंकर के तौर पर पेश किया गया। दरअसल संतरे की तरह के इस फल को स्पेन के स्थानीय लोग नरेंजा के नाम से जानते हैं इसलिए शुभंकर को नाम भी यहीं से मिला।

1986 विश्व कप : पीके

फीफा का विश्व कप कारवां अब फिर से मेक्सिको पहुंच चुका था। मेक्सिको में हुए इस विश्व के शुभंकर का नाम पीके दिया गया। यह मेक्सिको में होने वाली एक तरह के मिर्च का नाम है। इसे ही मेक्सिको ने फुटबॉल किट के साथ प्रस्तुत किया। इस शुभंकर को एक हैट पहनाया गया था और वह एक बड़े से फुटबॉल पर हाथ रखे हुए था। साथ ही उसकी बड़ी मूछें भी थीं।

1990 विश्व कप : सीयो

सीयाओ एक शास्त्रीय इतालवी अभिवादन है। इस विश्व कप का आयोजन इटली (1990) में हो रहा था। इसमें जो शुभंकर बनाया गया था उसमें कुछ लकड़ियों को जोड़कर एक खिलाड़ी का रूप दिया गया। उसके उपर एक फुटबॉल रखी गई थी और इसे सियो नाम दिया गया। इस विश्व कप में अर्जेंटीना ने खिताबी जीत दर्ज की थी वहीं एक बार फिर वेस्ट जर्मनी को उप विजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। तीसरे स्थान पर फ्रांस और चौथे स्थान पर बेल्जियम रहा था। इस टूर्नामेंट में 132 गोल दागे गए थे।

1994 विश्व कप : स्ट्राइकर

संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित इस विश्व कप में दूसरी बार शुभंकर के रूप में किसी जानवर का प्रयोग किया गया। इसमें एक कुत्ता जिसे लाल, सफेद और नीले रंग की कमीज पहनाई गई। साथ ही उसे इस तरह से दिखाया गया कि जैसे कोई स्ट्राइकर खड़ा हो। उसके कमीज पर यूएसए 94 लिखा गया था।

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