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फीफा टीम: दिग्गजों को भी धूल चटा सकती है आइसलैंड की टीम

इस फीफा विश्व कप में सबकी निगाहें विश्व विजेता बनने के दौर में सबसे आगे चल रहे ब्राजील पर होगी लेकिन कुछ ऐसे भी देश हैं जो अपने खेल से सबको अचंभित कर सकते हैं।

Author May 31, 2018 6:23 AM
आइसलैंड की टीम को पहली बड़ी सफलता ब्राजील में हुए 2014 विश्व कप के क्वालीफाइंग दौर में मिली थी।

खेल डेस्क

इस फीफा विश्व कप में सबकी निगाहें विश्व विजेता बनने के दौर में सबसे आगे चल रहे ब्राजील पर होगी लेकिन कुछ ऐसे भी देश हैं जो अपने खेल से सबको अचंभित कर सकते हैं। उनमें से एक है आइसलैंड जो पहली बार इस वैश्विक टूर्नामेंट में भाग लेगा। रूस में होने वाले इस विश्व कप में भाग लेने वाला जनसंख्या के आधार पर सबसे छोटा देश आइसलैंड 2016 यूरोपीय चैंपियनशिप की तरह यहां भी बड़ा उलटफेर कर सकता है। कई दिग्गजों का भी मानना है कि आइसलैंड की टीम में इतना दम है कि वह बड़ी टीमों के लिए सिरदर्द बन सकता है।

यूरोपीय चैंपियनशिप में किया कमाल

आइसलैंड ने 2016 यूरोपीय चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में सबको चौकाते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल प्रवेश किया था। हालांकि, मेजबान फ्रांस ने अंतिम आठ के मुकाबले में उसे 5-2 से करारी शिकस्त दी थी। पेशे से दांत के डॉक्टर हेमिर हॉलग्रिम्सन के आइसलैंड का कोच बनने के बाद से टीम लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। उत्तरी यूरोप में स्थित इस छोटे से देश ने कई अवसरों पर अपने महाद्वीप की बड़ी टीमों को अपने खेल से अचंभित किया है। इस बार उसके ग्रुप में अर्जेंटीना और नाइजीरिया जैसी दिग्गज टीमें हैं।

जब 2014 में टूटा सपना

आइसलैंड की टीम को पहली बड़ी सफलता ब्राजील में हुए 2014 विश्व कप के क्वालीफाइंग दौर में मिली थी। खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्ले आॅफ में जगह बनाई। हालांकि उसे क्रोएशिया के हाथों हार झेलनी पड़ी और टीम का विश्व कप में खेलने का सपना टूट गया। दो साल बाद आइसलैंड ने क्वालीफाइंग दौर में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पहले बड़े टूर्नामेंट 2016 यूरोपीय चैंपियनशिप में जगह बनाई। क्वालीफाइंग मुकाबलों में इस टीम ने नीदरलैंड जैसी बेहतरीन टीम को मात देते हुए दिखाया कि कोई टीम उसे हल्के में नहीं ले सकती।

यूरोपीय चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन

यूरोपीय चैंपियनशिप में आइसलैंड की शुरुआत अच्छी रही और टीम ने अपने पहले दो ग्रुप मैचों में मौजूदा चैंपियन पुर्तगाल और हंगरी से 1-1 से ड्रॉ खेला। ग्रुप स्तर के अपने अंतिम मैच में आॅस्ट्रिया को 2-1 से मात देते हुए टीम ने अगले दौर में प्रवेश किया। प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में आइसलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने फुटबॉल इतिहास का सबसे यादगार मैच खेला।

इंग्लैंड के कप्तान वेन रूनी ने चौथे मिनट में ही पेनाल्टी के माध्यम से गोल दागकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया, लेकिन आइसलैंड दबाव में नहीं आई और रागनार सिगर्डसन ने दो मिनट बाद ही बराबरी का गोल दागा। स्ट्राइकर कॉलबेन सिगफोरसन ने 18वें मिनट में आइसलैंड के लिए विजयी गोल दागा। टीम से क्वार्टर फाइनल में भी बड़े उलटफेर की उम्मीद थी लेकिन मेजबान फ्रांस ने 5-2 से मैच जीतकर प्रतियोगिता में आइसलैंड के स्वर्णिम सफर को समाप्त किया।

इस बार क्वालीफाइंग में बेहतर रही टीम

आइसलैंड 2018 फीफा विश्व कप के क्वालीफाइंग दौर में अपने ग्रुप में शीर्ष पर रही और टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। विश्व कप में टीम बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी लेकिन ग्रुप स्तर में उलटफेर करना उसके लिए आसान नहीं होगा। आइसलैंड को अर्जेटीना, नाइजीरिया और क्रोएशिया के साथ ग्रुप डी में रखा गया है। आइसलैंड की टीम की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह एक टीम की तरह खेलती है। भले ही उनके पास हर पोजिशन पर स्टार खिलाड़ी न हों लेकिन हर खिलाड़ी टीम के लिए अपना 100 फीसद देता है और पिछले यूरोपीय चैंपियनशिप में पूरी दुनिया ने उनके इस कौशल को देखा।

खिलाड़ियों का चोटिल होना चिंता का सबब

टीम के लिए प्रमुख खिलाड़ियों का चोटिल होना चिंता का विषय है। कप्तान एरोन गुनारसन और इंग्लिश क्लब एवर्टन से खेलने वाले स्टार मिडफील्डर जिल्फि सिगर्डसन घुटने की चोट से परेशान हैं। इसके अलावा, टीम में गहराई की कमी भी विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में आइसलैंड के लिए मुश्किल का सबब बन सकती है। आइसलैंड की टीम विश्व कप में अपने पहले मैच में 16 जून को दो बार की विजेता अर्जेटीना की टीम से भिड़ेगी।

लगातार बढ़ रही है फीफा की ब्रांड वैल्यू

फीफा फुटबॉल विश्व कप लगातार अपने ब्रांड वैल्यू में इजाफा कर रहा है। 2012 में जहां इसका ब्रांड वैल्यू 147 मिलियन डॉलर था तो 2013 में 160, 2014 में 170 और 2017 में यह आंकड़ा 229 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

ब्राजील की टीम में शीर्ष कीमत वाले खिलाड़ियों की संख्या अधिक

कुल आंकड़ों के साथ महंगे स्टार खिलाड़ियों के मामले में ब्राजील सबसे आगे है। उसकी टीम में 673 मिलियन यूरो के खिलाड़ी हैं। वहीं जर्मनी के स्टार खिलाड़ियों की कीमत 636.5 मिलियन यूरो है। फ्रांस इस मामले में तीसरे नंबर पर है जिसके पास भी 636.5 मिलियन यूरो के खिलाड़ी हैं। स्पेन के पास जो खिलाड़ी हैं उनकी कीमत 603.5 मिमियन यूरो है वही अर्जेंटीना इस मामले में 528.5 मिलियन यूरो के साथ पांचवें नंबर पर है।

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