फुटबॉल इतिहास के कुछ महानतम खिलाड़ियों ने फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत से ही इस टूर्नामेंट पर अपनी बड़ी छाप छोड़ी है। इनमें से जहां कई रिकॉर्ड अब भी कायम हैं, वहीं 2026 टूर्नामेंट में कई रिकॉर्ड टूट सकते हैं।

जैसा कि पिछले कई वर्षों से होता आया है, जब रिकॉर्ड की बात आती है तो लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो के नामों पर जरूर नजर रहती है। चाहे लंबी अवधि तक शानदार प्रदर्शन की बात हो या फिर शुद्ध प्रतिभा की, दोनों दिग्गज इस संस्करण में नए रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

वैसे इतिहास रचने की ऊंचाइयों तक पहुंचने वाले खिलाड़ी सिर्फ यही दोनों नहीं हैं। इनके बाद सबसे बड़ा नाम किलियन एमबाप्पे का है, जबकि हैरीकेन और गुइलर्मो ओचोआ भी टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड

यह शायद सबसे दिलचस्प रिकॉर्ड है जिस पर नजर रहेगी। फिलहाल यह रिकॉर्ड जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस के नाम है, जिन्होंने अपने करियर में 16 विश्व कप गोल किए हैं। उन्हें मुख्य चुनौती देने वालों में लियोनल मेसी (13 गोल) और किलियन एमबाप्पे (12 गोल) के साथ शामिल हैं।

विश्व कप में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड

अगर कुछ असामान्य नहीं होता है तो यह रिकॉर्ड टूटना तय है, क्योंकि यह रिकॉर्ड अभी लियोनल मेसी के नाम है। लियोनल मेसी ने 26 मैच खेले हैं। इसका मतलब है कि अर्जेंटीना जब भी उनके साथ मैदान पर उतरेगा, यह रिकॉर्ड बढ़ता जाएगा।

विश्व कप में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत मैच जीतने का रिकॉर्ड

फुटबॉल को आमतौर पर व्यक्तिगत खेल के रूप में नहीं देखा जाता है, लेकिन यह देखना दिलचस्प हो सकता है कि फीफा विश्व कप में किन खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा मैच जीते हैं। फुटबॉल वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले यह रिकॉर्ड मिरोस्लाव क्लोस के नाम है। उनके टीम में रहते जर्मनी ने विश्व कप में 17 मैच जीते हैं। उनका रिकॉर्ड टूट सकता है, क्योंकि लियोनल मेसी 16 जीत के साथ उनके काफी करीब हैं।

सबसे ज्यादा विश्व कप खेलने का रिकॉर्ड

खिलाड़ियों के लंबे करियर की अवधि हाल के वर्षों में काफी बढ़ी है। इसका एक कारण खेल विज्ञान और तकनीक में हुई प्रगति भी है। यही वजह है कि लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो दोनों छठा विश्व कप खेलने के लिए तैयार हैं।

गुइलर्मो ओचोआ को भी छठे टूर्नामेंट के लिए टीम में चुना गया, लेकिन उन्होंने 2006 और 2010 में कोई मैच नहीं खेला था। इस रिकॉर्ड में लोथार मैथ्यूज, एंटोनियो कार्बाजाल, राफेल मार्केज और आंद्रेस गुआरदादो भी शामिल हैं।

नॉकआउट मैच में गोल करने वाला सबसे उम्रदराज खिलाड़ी

इस रिकॉर्ड को कई खिलाड़ी चुनौती दे सकते हैं, क्योंकि पेपे ने जब 2022 में कतर में स्विट्जरलैंड के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच में गोल किया था, तब उनकी उम्र 39 साल 283 दिन थी। इस संस्करण में कई बड़े नाम ऐसे हैं जो इसे तोड़ सकते हैं। इनमें क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लुका मोड्रिच और एडिन जेको शामिल हैं। ग्रुप चरण के बाद एक अतिरिक्त नॉकआउट राउंड जुड़ने से यह रिकॉर्ड और ज्यादा पहुंच के दायरे में दिखाई देता है।

एक ही टूर्नामेंट में 40 साल से ज्यादा उम्र के सबसे ज्यादा खिलाड़ी

पहले के समय में सबसे बड़े मंच पर 40 साल से अधिक उम्र के खिलाड़ियों को देखना आम नहीं था। अब यह ज्यादा सामान्य हो गया है। अलग-अलग संस्करणों में यह रिकॉर्ड सिर्फ एक खिलाड़ी का रहा है, लेकिन इस बार इसके टूटने की पूरी संभावना है। 40 साल से ज्यादा उम्र वाले खिलाड़ियों में क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लुका मोड्रिच, जेको, मैनुअल नोयर, क्रेग गॉर्डन, ओचोआ, वोजिन्हा और फर्नांडो मुस्लेरा शामिल हैं।

विश्व कप फाइनल में सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी

गोलकीपर ऐतिहासिक रूप से वह पोजीशन रही है जहां खिलाड़ी ज्यादा उम्र तक खेलते रहे हैं, लेकिन अगर सिर्फ आउटफील्ड खिलाड़ियों पर ध्यान दें तो निल्टन सैंटोस का नाम सबसे ऊपर आता है। ब्राजील के दिग्गज लेफ्ट बैक ने 1962 में 37 साल और 32 दिन में टीम के लिए फाइनल खेला था। मेसी और रोनाल्डो इस रिकॉर्ड को तोड़ने वाले सबसे संभावित नाम हैं, जबकि ओटामेंडी को इसके लिए मेसी की अनुपस्थिति जैसी स्थिति की जरूरत होगी।

लगातार दो विश्व कप खिताब जीतने वाली टीम के कप्तान बनने का रिकॉर्ड

यह रिकॉर्ड सिर्फ मेसी तोड़ सकते हैं, क्योंकि अर्जेंटीना मौजूदा चैंपियन है। इतिहास में दो टीमें लगातार विश्व कप जीत चुकी हैं, लेकिन अलग-अलग कारणों से उनके कप्तान वही नहीं रहे। इटली की 1934 की खिताबी जीत के कप्तान जियामपिएरो कोम्बी थे।

कोम्बी ने बाद में संन्यास ले लिया और कप्तानी ज्यूसेपे मेआज्जा को सौंप दी। 1958 में ब्राजील के कप्तान डिफेंडर हिल्डेराल्डो बेलिनी थे। देश की परंपरा के अनुसार केवल शुरुआती 11 में शामिल खिलाड़ी ही कप्तान बन सकता है, इसलिए 1962 में टीम में होने के बावजूद कप्तान मौरो रामोस थे।

दो बार गोल्डन बूट जीतने का रिकॉर्ड

विश्व कप इतिहास में अब तक किसी खिलाड़ी ने दो बार गोल्डन बूट नहीं जीता है, लेकिन इस संस्करण में ऐसा हो सकता है। तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जो यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं, क्योंकि पहले गोल्डन बूट जीत चुके सक्रिय खिलाड़ियों में किलियन एमबाप्पे, हैरी केन और जेम्स रोड्रिगेज शामिल हैं।

FIFA World Cup के वे रिकॉर्ड जो शायद कभी नहीं टूटेंगे: पेले से मेसी-रोनाल्डो तक खास क्लब में शामिल खिलाड़ी

फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में कुछ खिलाड़ियों ने ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जो उन्हें हमेशा के लिए खास बनाती हैं। पेले, मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के रिकॉर्ड इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)