फीफा वर्ल्ड कप सिर्फ 90 मिनट के खेल और ट्रॉफी जीतने की कहानी नहीं है, यह उन खिलाड़ियों के नाम भी दर्ज करता है जिन्होंने मैदान पर ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना आसान नहीं होगा। किसी ने तीन बार विश्व कप की ट्रॉफी उठाकर इतिहास रच दिया, तो किसी ने पांच अलग-अलग संस्करणों में गोल दागकर अपनी छाप छोड़ी। ब्राजील के पेले से लेकर अर्जेंटीना के लियोनल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो तक, इन दिग्गजों ने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जो उन्हें हमेशा के लिए खास बनाती हैं।
पेले: 3 बार विश्व कप जीतने वाले इकलौते खिलाड़ी
ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले के नाम फीफा वर्ल्ड कप जीतने का ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसकी बराबरी अब तक कोई खिलाड़ी नहीं कर पाया है। पेले ने 1958, 1962 और 1970 में ब्राजील के साथ विश्व कप का खिताब जीता था। सिर्फ 17 साल की उम्र में 1958 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनने वाले पेले ने अपने करियर में फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अलग ही छाप छोड़ी।
लियोनल मेसी: गोल्डन बॉल का अनोखा रिकॉर्ड
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी फीफा वर्ल्ड कप में दो बार गोल्डन बॉल अवॉर्ड जीतने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। लियोनल मेसी ने पहली बार 2014 विश्व कप में यह सम्मान हासिल किया था। इसके बाद 2022 में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाने के दौरान भी उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो: 5 वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी
पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने फीफा वर्ल्ड कप में ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो किसी और खिलाड़ी के नाम नहीं है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो पांच अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में गोल करने वाले पहले और अब तक के इकलौते खिलाड़ी हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 विश्व कप में गोल किये थे।
छठा विश्व कप: तीन खिलाड़ियों का खास क्लब
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कुछ खिलाड़ी अपने नाम एक खास उपलब्धि जोड़ सकते हैं। लियोनल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और मैक्सिको के गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ छठी बार विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ियों के क्लब में शामिल होंगे। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
दो पीढ़ियां: पिता के बाद अब बेटा विश्व कप में
नॉर्वे के एर्लिंग ब्रॉट हालैंड फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके साथ ही वह अपने पिता अल्फ-इंगे हालैंड की तरह विश्व कप खेलने वाले परिवार की दूसरी पीढ़ी बन जाएंगे। अल्फ-इंगे हालैंड ने 1994 फीफा वर्ल्ड कप में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व किया था।
लास्जलो किस: सबसे तेज हैट्रिक का रिकॉर्ड
फीफा वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे तेज हैट्रिक का रिकॉर्ड हंगरी के लास्जलो किस के नाम है। लास्जलो किस ने 1982 विश्व कप में एल सल्वाडोर के खिलाफ सिर्फ सात मिनट के अंदर तीन गोल दागे थे। किस ने 69वें से 76वें मिनट के बीच यह उपलब्धि हासिल की थी।
गिलबर्टो मोरा और क्रेग गॉर्डन: सबसे युवा और सबसे उम्रदराज
विश्व कप में उम्र भी कई बार रिकॉर्ड की कहानी लिखती है। मैक्सिको के गिलबर्टो मोरा फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह 17 साल 240 दिन की उम्र में विश्व कप खेलेंगे। वहीं स्कॉटलैंड के क्रेग गॉर्डन 43 साल 162 दिन की उम्र में विश्व कप खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल होंगे।
फीफा वर्ल्ड कप के ये रिकॉर्ड बताते हैं कि यह टूर्नामेंट सिर्फ टीमों की जीत-हार नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों की विरासत भी है, जिन्होंने मैदान पर असाधारण पल बिताये।
जब विश्व कप में पानी के लिए लड़ी थी जंग: फीफा से भिड़ गया था आयरिश मैनेजर, 3 दशक बाद भी खत्म नहीं हुई कहानी
1994 विश्व कप में जैक चार्लटन ने खिलाड़ियों के लिए पानी के ब्रेक की मांग करते हुए फीफा से मोर्चा लिया था। उस समय भीषण गर्मी के बीच खिलाड़ियों को पानी पीने की अनुमति नहीं थी। तीन दशक बाद 2026 विश्व कप में नियम बदल चुके हैं, लेकिन अमेरिका में विश्व कप और पानी की कहानी अब भी चर्चा में है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)
